गाजियाबाद के थाना भोजपुर में एक ही पते पर 24 पासपोर्ट जारी किए जाने का मामला सामने आया है. जिस पते पर ये पासपोर्ट भेजे गए हैं, वहां ये आवेदक रहते ही नहीं है. ऊपर से इन सभी पासपोर्ट में एक ही फोन नंबर का भी इस्तेमाल किया गया है. मामले में गाजियाबाद पुलिस ने एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक डाकिया समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. जबकि 26 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है.
गाजियाबाद में एक ही एड्रेस पर प्रसाद की तरह बंटे पासपोर्ट, मिला कोई भी नहीं!
Ghaziabad fake passport: दिल्ली पासपोर्ट कार्यालय के एक क्षेत्रीय अधिकारी ने गाजियाबाद पुलिस को एक पत्र भेजा था. इसी लेटर के जरिये मामला सामने आया. इसमें कुछ आवेदनों को संदिग्ध बताते हुए जानकारी दी गई कि एक ही एड्रेस पर कई पासपोर्ट लगातार जारी हो रहे हैं. इनके आवेदनों में एक ही मोबाइल नंबर बार-बार दर्ज किया गया है.
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इंडिया टुडे से जुड़े मयंक गौड़ की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली पासपोर्ट कार्यालय के एक क्षेत्रीय अधिकारी ने गाजियाबाद पुलिस को एक पत्र भेजा था. इसी लेटर के जरिये मामला सामने आया. इसमें कुछ आवेदनों को संदिग्ध बताते हुए जानकारी दी गई कि एक ही एड्रेस पर कई पासपोर्ट लगातार जारी हो रहे हैं. इनके आवेदनों में एक ही मोबाइल नंबर बार-बार दर्ज किया गया है.
शिकायत मिलने पर पुलिस ने अपनी जांच शुरू की. अरुण कुमार नाम के एक पोस्टमैन की भूमिका संदिग्ध मालूम हुई. भोजपुर पोस्ट ऑफिस में तैनात अरुण से पुलिस ने पूछताछ की, जिसमें उसने सब बता दिया.
रिपोर्ट के मुताबिक अरुण ने पुलिस को बताया कि करीब पांच महीने पहले विवेक गांधी और प्रकाश सुब्बा नाम के दो लोग उससे मिले थे. उन्होंने कहा कि जो पासपोर्ट उसके डाकखाने में आएंगे, उन्हें असली पते पर ना भेजकर उनके पास लाना है. ये काम करने के लिए आरोपी डाकिया को पैसों का लालच भी दिया गया. उसे हर पासपोर्ट के लिए 2 हजार रुपये देने का वादा किया गया.
आरोप है कि पोस्टमैन, पासपोर्ट आवेदकों और अन्य अज्ञात व्यक्तियों ने मिलकर पासपोर्ट वेरिफिकेशन के प्रोसेस में हेरीफेरी की. फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रिपोर्ट भेजी, जिसके चलते 22 पासपोर्ट जारी हो गए. पुलिस जांच में पाया गया कि अमनप्रीत कौर, जसप्रीत कौर, रितु शर्मा, मेघना राणा समेत कुल 24 पासपोर्ट आवेदकों ने भोजपुर, त्यौड़ी, सैदपुर हुसैनपुर, भोजपुर व अन्य गांवों का पता बताया. जबकि वे उस गांव के रहने वाले हैं ही नहीं.
गांव के प्रधान ने भी लिखित में बयान दिया कि उन्होंने पासपोर्ट आवेदन वाले व्यक्तियों के वहां के निवासी होने की सूचना नहीं दी है. इस मामले पर ACP मसूरी लिपि नगायच ने बताया,
“1 फरवरी को थाना भोजपुर में सब इंस्पेक्टर राजकुमार सिंह ने तहरीर (शिकायत) दी. इसमें 25 लोगों पर षड्यंत्र और धोखाधड़ी कर नकली दस्तावेजों के आधार पर 24 लोगों के पासपोर्ट एक ही पते और एक ही मोबाइल नंबर पर बनवाने के संबंध में FIR दर्ज की गई थी. इन सभी को पकड़ने के लिए एक टीम का गठन किया गया. अब तक पांच आरोपियों को पकड़ा जा चुका है.”

पोस्टमैन अरुण के अलावा विवेक गांधी, प्रकाश सुब्बा समेत अन्य लोगों को नामजद किया गया है. उनके पास से पुलिस को कई सारे फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं. जैसे फर्जी आधार कार्ड, ड्राइवर लाइसेंस, बैंक पासबुक, 6 पासपोर्ट, दो मोबाइल फोन और दो कारें.
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