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Epstein Files में PM मोदी के इजरायल दौरे का जिक्र, सरकार ने 'बकवास' बताया

Epstein Files PM Narendra Modi Name: सरकार का यह बयान कथित एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2017 के इजरायल दौरे के जिक्र पर आया है. Donald Trump की अमेरिकी सरकार को एक कानून के तहत एपस्टीन से जुड़ी फाइल्स रिलीज करनी पड़ी हैं.

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भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल (दाएं) ने एक बयान जारी किया. (ITG/PTI)

जेफ्री एपस्टीन से जुड़ी फाइल्स में कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी नाम आ गया है. इसमें पीएम मोदी के 2017 के इजरायल दौरे का जिक्र किया गया है. पीएम मोदी का नाम आने पर केंद्र सरकार ने सफाई जारी की है. भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में इससे जुड़ी रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है. मंत्रालय ने कहा कि इजरायल दौरे की बात तो ठीक है, लेकिन बाकी बातें बिल्कुल 'बकवास' हैं.

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इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ये फाइल्स अमेरिकी न्याय विभाग (US Justice Department) ने जारी की हैं. एक कानून के तहत राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की सरकार को एपस्टीन से जुड़ीं फाइल्स जारी करनी पड़ीं. अमेरिका के डिप्टी जनरल टॉड ब्लैंच ने शुक्रवार, 30 जनवरी को बताया था कि ताजा फाइल्स इस कवायद का आखिरी हिस्सा थीं. उन्होंने कहा था कि एपस्टीन से जुड़ी सभी फाइल्स को सार्वजनिक करना जरूरी था.

31 जनवरी को जारी एक बयान में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सरकार ने तथाकथित एपस्टीन फाइल्स से जुड़े एक ईमेल मैसेज की रिपोर्ट्स देखी हैं, जिसमें प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) और उनके इजरायल दौरे का जिक्र है. बयान में आगे कहा गया है,

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जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजरायल के ऑफिशियल दौरे के अलावा ईमेल में बाकी बातें एक दोषी ठहराए गए अपराधी की बेकार की बकवास से ज्यादा कुछ नहीं हैं, जिन्हें पूरी तरह से नजरअंदाज कर देना चाहिए.

सरकार का यह बयान कथित एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2017 के इजरायल दौरे के जिक्र पर आया है. इससे पहले ब्लैंच ने कहा था कि फाइल्स के नए बैच में 30 लाख से ज्यादा पेजों के डॉक्यूमेंट, 2,000 वीडियो और 1.80 लाख तस्वीरें शामिल हैं.

Epstein Files Modi Name India
भारतीय विदेश मंत्रालय का बयान. (X @MEAIndia)

हाल ही में जारी की गई फाइल्स में एपस्टीन की मौत की जांच से जुड़े अधिकारियों के एक-दूसरे को भेजे गए ईमेल शामिल हैं. इनमें से एक जांच अधिकारी का मानना है कि एपस्टीन की आखिरी बातचीत सुसाइड नोट जैसी नहीं लग रही थी. हालांकि, कई जांचों में यह नतीजा निकला है कि एपस्टीन की मौत एक सुसाइड थी.

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