अर्पित कटियार ऑनलाइन चीजें खरीदने में बहुत आगे हैं. एक दिन वो अपने किसी सामान की डिलीवरी का इंतजार कर रहे थे. पढ़ाकू हैं तो कोई किताब रही होगी. तभी उन्हें एक फोन आता है. सामने वाला कहता है कि वह डिलीवरी एजेंट है और आसपास ही है लेकिन सिस्टम में उनका नंबर वेरिफाई नहीं हो पा रहा है. इस प्रॉब्लम को ठीक करने के लिए एक छोटा सा कोड अर्पित को अपने फोन से डायल करना पड़ेगा.
डिलीवरी वाले का ये कॉल आपका फोन तुरंत हैक करा सकता है, बचना है तो एक-एक बात जानिए
दुनिया में सिर्फ टेक्नोलॉजी एडवांस नहीं हो रही है. साइबर ठग भी हो रहे हैं. उन्होंने ठगी का एक नया तरीका निकाला है, जिस पर भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने ध्यान दिलाया है. एक-एक बात जान लीजिये, जिससे आप बचे रहें.
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फोन करने वाला इतनी सहजता और सम्मान से बात करता है कि कुछ भी संदिग्ध नहीं लगता. अर्पित उसके कहे के मुताबिक तुरंत कोड अपने फोन में डायल कर देते हैं. एक छोटा सा नोटिफिकेशन उनके फोन पर भभकता है और फिर गायब हो जाता है. कॉल करने वाला कहता है कि सर वेरिफिकेशन कंप्लीट हो गया है. एक-दो दिन में आपका सामान आप तक डिलीवर हो जाएगा. लेकिन एक दो दिन में सामान नहीं आता. अर्पित के साथ कुछ विचित्र चीजें जरूर होने लगती हैं.
सबसे पहले अर्पित की दोस्त प्रगति कहती हैं कि उनका नंबर पहुंच से बाहर बता रहा है. फिर सौरभ, हरीश, आनंद और रवि सुमन भी यही शिकायत करते हैं. हैरानी की बात ये है कि अर्पित के फोन में इनमें से किसी के नंबर से कॉल आई दिखती ही नहीं है. उनका फोन बजना बंद हो जाता है. ये इसलिए होता है क्योंकि अर्पित के जाने बिना उनके पास आने वाली हर कॉल किसी और को फॉरवर्ड हो रही है. सिर्फ दोस्तों के कॉल नहीं बल्कि बैंक वेरिफिकेशन, ओटीपी कन्फर्मेशन, अकाउंट रिकवरी कॉल, सब कुछ डायवर्ट हो रहा है.
दरअसल, अर्पित के फोन में ये बड़ा बदलाव उस समय हो गया था, जब वो डिलीवरी एजेंट के कहने पर अपना नंबर वेरिफाई करा रहे थे. वह ठगों के चंगुल में फंस चुके थे जो अब उनके फोन में आने वाले कॉल्स को कंट्रोल कर रहे थे. भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की नेशनल साइबरक्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट ने हाल ही में इस नए तरह के साइबर फ्रॉड को नोटिस किया है. इसमें ठग डिलीवरी एजेंट बनकर लोगों से USSD कोड डायल करवाते हैं और उनके फोन की कॉल फॉरवर्डिंग चालू कर देते हैं.
कैसे होती है ये ठगी?USSD मतलब अनस्ट्रक्चर्ड सप्लीमेंटरी सर्विस डेटा. यह नेटवर्क पर चलने वाली एक तरह की टेक्स्ट सर्विस है, जिसमें इंटरनेट की जरूरत नहीं होती. मैसेज सेव भी नहीं होता. आपके फोन की स्क्रीन पर दिखता है. फिर गायब हो जाता है. USSD कोड में नंबर, * (स्टार) और # (हैश) होते हैं. आपने कभी न कभी बैलेंस चेक करने के लिए *123# डायल किया ही होगा. यही USSD कोड है. इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए CloudSEK के साइबर एक्सपर्ट अभिषेक मैथ्यू बताते हैं कि ऐसे फ्रॉड के लिए साइबर ठग कॉल फॉरवर्डिंग से जुड़े असली USSD कोड जैसे *21*# या *401*# का गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं.
*21*# डायल करने पर बिना शर्त कॉल फॉरवर्डिंग होती है.
*401*# डायल करने पर कुछ भारतीय नेटवर्क पर कॉल फॉरवर्डिंग होती है.
*61*# या *67*# डायल करने पर सशर्त फॉरवर्डिंग होती है.
ठग यही कोड पीड़ित को अपने फोन में डायल करने को कहते हैं. जब कोई व्यक्ति ये कोड अपने फोन में डायल करता है तो टेलीकॉम नेटवर्क इसे कस्टमर की वैलिड रिक्वेस्ट मान लेता है और कॉल फॉरवर्डिंग चालू कर देता है. इसके बाद बैंक से आने वाली OTP कॉल, IVR वेरिफिकेशन कॉल और ऐप वेरिफिकेशन कॉल सब सीधे ठग के नंबर पर चली जाती है. पीड़ित के फोन पर कोई कॉल दिखाई ही नहीं देती या सिर्फ मिस्ड कॉल दिखती है.
अभिषेक मैथ्यू बताते हैं कि USSD कोड डायल करने के बाद कोई साफ चेतावनी नहीं आती कि कॉल किस नंबर पर फॉरवर्ड हो रही है. कॉल फॉरवर्डिंग फोन में नहीं बल्कि नेटवर्क में सेव होती है, इसलिए फोन सामान्य लगता रहता है. ऐसे में कई बैंक जब वॉइस कॉल से OTP भेजते हैं, तो वह सीधे ठग तक पहुंच जाती है. यानी जब तक खाते से पैसे न निकल जाएं, तब तक लोगों को पता ही नहीं चलता कि वे ठगे जा चुके हैं. जो लोग ऑनलाइन डिलीवरी और कूरियर सेवाओं का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, ठग अक्सर उन्हें ही निशाना बनाते हैं क्योंकि ऐसे लोग डिलीवरी कॉल पर आसानी से भरोसा कर लेते हैं.
कैसे बचें?सबसे पहले तो इसे लेकर सतर्क रहना होगा. अगर आपके फोन में अचानक कॉल आना कम हो जाए, लोग कहें कि आपका फोन नहीं लग रहा है, बैंक या ऐप से OTP कॉल नहीं आ रही, फोन में ‘Call Forwarding Active’ दिख रहा है, कॉल फॉरवर्डिंग सेटिंग में कोई अनजान नंबर दिखे तो तत्काल अलर्ट हो जाएं. आप फ्रॉड के शिकार हो गए या हो सकते हैं.
या अगर आपको शक हो कि ऐसा कुछ आपके साथ हुआ है तो तुरंत अपने फोन में कुछ चीजें बदलिए. जैसे सबसे पहले ##002# डायल करें. इससे सभी कॉल फॉरवर्डिंग बंद हो जाएंगी. अपने हर SIM की कॉल फॉरवर्डिंग सेटिंग भी जांचें. बैंक, UPI, ईमेल, सोशल मीडिया के पासवर्ड और PIN तुरंत बदल दें.
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