पूर्व IPS अफसर अमिताभ ठाकुर इन दिनों न्यायिक हिरासत में हैं (Former IPS Amitabh Thakur). इसी बीच 13 जनवरी को इनके वकील ने एक सूट यानी वाद दाखिल किया है. मामला जेल में जब्त किया हुआ पूरा सामान वापस न लौटाने से जुड़ा है. दिलचस्प है कि कौन सा सामान? जवाब है कोलगेट का टूथपेस्ट. सुनने में अजीब लग सकता है लेकिन अदालत ने इसे सीरियस मुद्दा मानते हुए कार्रवाई करने का फैसला लिया है.
पूर्व IPS अमिताभ का टूथपेस्ट पुलिस ने नहीं लौटाया तो मामला कोर्ट पहुंचा, सुनवाई की तारीख भी तय
पूर्व IPS Officer अमिताभ ठाकुर के पैरोकार ने CJM कोर्ट में वाद दाखिल किया है. उनका आरोप है कि देवरिया पुलिस ने गिरफ्तारी के वक़्त जब्त किया सामान पूरा वापस नहीं लौटाया है. टूथपेस्ट नहीं लौटाना चर्चा का विषय बना हुआ है.


दरअसल, जब देवरिया कोतवाली पुलिस ने अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार किया था तब उनके पास नकद पैसे, मोबाइल फ़ोन और अन्य सामान मौजूद था. पुलिस ने सारे सामान जब्त कर लिए. लेकिन अमिताभ ने आरोप लगाया कि जब सामान वापस किया तो आधा-अधूरा था. इस पूरे प्रकरण को लेकर अमिताभ के पैरोकार यानी वकील भीमसेन राव ने देवरिया की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट CJM कोर्ट में वाद दाखिल किया है. कोर्ट ने सुनवाई के लिए 23 जनवरी की तारीख तय की है.
क्या-क्या जब्त हुआ था?आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, 9 और 10 की दरमियानी रात शाहजहांपुर में ट्रेन से अमिताभ की गिरफ्तारी हुई. उनके पैरोकार भीमसेन राव का दावा है कि इस दौरान अमिताभ के पास 42 हजार कैश, दो एंड्रॉइड फोन, एक कोलगेट टूथपेस्ट समेत कुछ अन्य सामान था. गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने ये सभी चीजें जब्त कर ली. 10 दिसंबर को अमिताभ को CJM के सामने पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. इसी के बाद पुलिस ने अमिताभ ठाकुर के कपड़े, लैपटॉप समेत जो भी चीज़ गिरफ्तारी के दौरान जब्त किया था वापस कर दिया.

लेकिन, 13 जनवरी को अमिताभ के पैरोकार ने देवरिया CJM कोर्ट में एक शिकायत दर्ज करवाई. कहा कि जब देवरिया पुलिस ने अमिताभ की गिरफ्तारी की थी उस समय उनके पास 42 हज़ार कैश, लैपटॉप, कपड़े, दो फोन, और टूथपेस्ट को कब्जे में लिया था. लेकिन जब इन समान को वापस किया गया तो मात्र 7,208 रुपए लौटाए गए. एक वीवो का स्मार्टफोन जिसका पिन लॉक खुला हुआ था, जिससे UPI चलाते थे. इसके अलावा टूथपेस्ट भी नही लौटाया गया.
टूथपेस्ट नहीं लौटाना संदेह उतपन्न करता है. अधिवक्ता का मानना है कि फ़ोन का लॉक खुला मिलना निजता पर सवाल खड़ा करता है. जबकि पेस्ट की जगह टूथपेस्ट की ट्यूब में कुछ और भरकर फंसाया जा सकता है. 13 जनवरी को मामले की सुनवाई के दौरान CJM शैलजा मिश्रा ने इस प्रकरण को गंभीर मानते हुए कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक से 23 जनवरी तक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
अमिताभ ठाकुर को जेल क्यों?मामला साल 1999 का है. उन दिनों अमिताभ ठाकुर उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के SP थे. आरोप है कि उसी दौरान अपने पद का दुरुपयोग कर धोखाधड़ी से उन्होंने इंडस्ट्रियल एरिया में एक प्लॉट का आवंटन अपनी पत्नी नूतन के नाम कराया था. इसी मामले में एक समाजसेवी ने अमिताभ और उनकी पत्नी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी. इसी मामले में बीती 9-10 दिसंबर की दरमियानी रात अमिताभ की गिरफ्तारी हुई और तब से वो न्यायिक हिरासत में हैं.
वीडियो: पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर पर पॉजिशन के दुरुपयोग का किसने लगाया आरोप?

















.webp?width=120)




