‘राजनीति की महिमा अपार है. यहां ‘पल में झगड़ा, पल में प्यार’ है.’ ये बात आपको महाराष्ट्र के ताजा हालात देखकर समझ आएगी. यहां जिन अजित पवार ने विधानसभा चुनाव के दौरान अपने चाचा शरद पवार से मतभेद के बाद उनकी पार्टी तोड़कर अलग दल बना लिया था, अब वही ‘पैचअप’ की बात करने वालों के 'मुंह में घी-शक्कर' डालने लगे हैं. इस सियासी बंटवारे को जोड़ने वाला 'फेविकोल’ बना है पिपरी-चिंचवाड़ और पुणे का नगर निगम चुनाव.
अजित पवार के पोस्टर पर शरद पवार, फिर एक होने के सवाल पर बोले- 'तुम्हारे मुंह में शक्कर'
अजित पवार और शरद पवार के गुटों के विलय की संभावना एक बार फिर से उस वक्त उभरकर सामने आई जब पत्रकारों के सवाल पर अजित पवार ने कहा कि तुम्हारे मुंह में शक्कर पड़े.
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शुक्रवार, 2 जनवरी को पिपरी-चिंचवाड़ इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान अजित पवार पत्रकारों से बात कर रहे थे. उनके पीछे एक बैनर लगा था, जिस पर एक बड़ी तस्वीर उनकी थी. लेकिन सबका ध्यान खींचा पोस्टर में ऊपर बायीं तरफ लगी एक छोटी सी तस्वीर ने, जो उनके 'विपक्षी' चाचा शरद पवार की थी. ये सीन शरद पवार की उस चेतावनी के बाद से नहीं दिखा था, जिसमें उन्होंने अजित पवार की पार्टी के बैनर-पोस्टरों में अपनी तस्वीर लगाने पर गुस्सा जताया था.

अब जब अचानक से अजित पवार की होर्डिंग पर ‘चाचा’ शरद दिखने लगे हैं तो ये सवाल तो बनता ही था कि क्या दोनों के दिल फिर से मिलने वाले हैं? क्या राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी गुटों के विभाजन को खत्म करके फिर से 'एक' होने जा रही है? शुक्रवार, 2 जनवरी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यही सवाल पत्रकारों ने कर दिया तो अजित पवार बिना समय गंवाए बोले,
'तुझ्या तोंडात साखर पडू दे' यानी तुम्हारे मुंह में शक्कर पड़े.
मतलब ये कि तुम्हारे मुंह में जो बात है, वो सच हो जाए. इस मुहावरे से इशारा मिला है कि कम से कम अजित पवार तो चाहते हैं कि ये बात सच हो जाए और चाचा भतीजा की पार्टी एक हो जाए. राजनीतिक गलियारों में तो इसे इस संकेत के तौर पर देखा जा रहा है कि अजित पवार ने पार्टी के विलय की संभावनाओं को पूरी तरह से नकारा नहीं है.
खैर, पार्टी का क्या होगा ये तो बाद की बात है. फिलहाल पिपरी चिंचवाड़ और पुणे नगर निगम के चुनाव में तो दोनों पार्टियां संगठित होकर चुनाव लड़ रही हैं.
इसमें पिपरी चिंचवाड़ को लेकर गठबंधन पहले ही तय हो गया था. लेकिन पुणे में सीटों को लेकर पेच फंसा था. ओंकार बाबूराव वाबले की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले रविवार यानी 28 दिसंबर को बारामती में ‘शरद पवार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंस्टीट्यूट’ के उद्घाटन के दौरान शरद पवार और अजित पवार के बीच इसे लेकर गंभीरता से बातचीत हुई थी. इसके ठीक अगले दिन शरद पवार गुट के एनसीपी विधायक रोहित पवार ने घोषणा की कि पुणे नगर निगम में भी दोनों गुट मिलकर चुनाव लड़ेंगे.
कुल मिलाकर, एनसीपी के अजित पवार और शरद पवार गुट में पुणे नगर निगम के लिए सीट शेयरिंग फॉर्मूला तय हो चुका है. पिंपरी-चिंचवाड़ में दोनों का संयुक्त प्रचार अभियान चल रहा है. इसी बीच अजित पवार का यह 'शक्कर बयान' बयान राजनीतिक हलकों में इस बहस को फिर हवा दे रहा है कि क्या यह चुनावी तालमेल आगे चलकर एनसीपी के औपचारिक विलय का रास्ता खोल सकता है?
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