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दो दिन पहले बीजेपी छोड़ कांग्रेस जाने का ऐलान, एंटी करप्शन वालों की रेड पड़ गई

राजस्थान के पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय के तीन ठिकानों पर छापेमारी हुई. महेंद्रजीत ने 2 दिन पहले ही भाजपा छोड़कर फिर से कांग्रेस जॉइन करने के लिए प्रदेशाध्यक्ष को पात्र सौंपा था. इस छापेमारी की टाइमिंग को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.

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राजस्थान के पूर्व मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय के ठिकानों पर रेड.

राजस्थान के पूर्व सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे महेंद्रजीत सिंह मालवीय के कई ठिकानों पर 13 जनवरी की सुबह भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने छापेमारी की. महेंद्रजीत सिंह पहले कांग्रेस में थे. लेकिन साल 2024 में उन्होंने पार्टी बदल कर भाजपा जॉइन कर लिया था. महेंद्रजीत के ठिकानों पर तब छापेमारी हुई जब दो दिन पहले ही उन्होंने फिर से कांग्रेस जॉइन करने का ऐलान किया है. लोग ACB की टाइमिंग को लेकर सवाल उठा रहे हैं. 

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दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक़, ACB की टीम राजस्थान के बांसवाड़ा ज़िलें पहुंची और महेंद्रजीत से जुड़े तीन ठिकानों पर छापेमारी की. जयपुर से आई टीम ने कलिंजरा इलाके के भैरवजी कृपा फिलिंग स्टेशन, बागीदौरा में भैरवजी फिलिंग स्टेशन और मोटी टिम्बी में क्रशर प्लांट पर दस्तावेज खंगाले. इनमें से दोनों पेट्रोल पंप महेंद्रजीत के नाम पर हैं जबकि क्रशर प्लांट उनके सुपुत्र प्रेम प्रताप सिंह के नाम पर है. बता दें, महेंद्रजीत बागीदोरा विधानसभा से विधायक हैं और अशोक गेहलोत के नेतृत्व वाली सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं.  

रेड के दौरान क्या-क्या हुआ?

जानकारी के मुताबिक़, ACB की टीम मंगलवार को सुबह 9 बजे बागीदौरा पेट्रोल पंप पहुंची. इस पेट्रोल पंप के मैनेजर रामगोविंद हैं जो 25 साल से वहां काम कर रहे हैं. जब टीम वहां पहुंची तो एक घंटे बाद मैनेजर आए जिसके बाद पूछताछ की गई. रेड के दौरान ज़रूरी दस्तावेज़ भी खंगाले गए. इसके बाद कलिंजरा पेट्रोल पंप और क्रशर प्लांट पर भी इसी तरह छापेमारी की गई.  

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उधर महेंद्रजीत सुबह जयपुर के लिए रवाना हुए थे. रास्ते में उन्हें छापेमारी की ख़बर मिली. रिपोर्ट के मुताबिक़, उन्होंने कहा

अगर मैं वापस नहीं लौटता तो मुझे भगौड़ा कहा जाता. मैं जयपुर के लिए निकल चुका था और मुझे बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा. ACB ने मुझसे कोई पूछताछ नहीं की. ऐसा लगता है जैसे ये छापेमारी मेरे ऊपर दबाव बनाने के लिए किया गया हो. 

जानकरी के मुताबिक़, महेंद्रजीत सिंह मालवीया ने फरवरी 2024 में ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा जॉइन कर लिया था. लेकिन रविवार को जयपुर में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से मुलाकात के बाद उन्होंने भाजपा छोड़ने और कांग्रेस में वापसी का ऐलान कर दिया. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को पत्र सौंपकर दोबारा पार्टी में शामिल होने की इच्छा जताई थी. इसके महज 48 घंटे के भीतर ही उनके ठिकानों पर ACB की रेड हो गई. महेंद्रजीत की भाजपा छोड़कर कांग्रेस जॉइन करने और छापेमारी की टाइमिंग को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. 

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