‘भारत में सर्वाइकल कैंसर हर 8 मिनट में एक महिला की जान ले रहा है.’ सर्विकल कैंसर यानी बच्चेदानी के मुंह का कैंसर. देश की महिलाओं में होने वाला ये दूसरा सबसे आम कैंसर है. हर साल भारत में सर्विकल कैंसर के 80 हज़ार से ज़्यादा नए मामले सामने आते हैं. वहीं 42,000 से ज़्यादा महिलाओं की मौत होती है. 95% से ज़्यादा सर्विकल कैंसर HPV की वजह से होते हैं. HPV यानी ह्यूमन पैपिलोमावायरस. लेकिन अच्छी बात ये है कि इस वायरस से बचाने के लिए वैक्सीन उपलब्ध है. HPV वैक्सीन. ये सर्विकल कैंसर से भी बचाती है.
14 साल की लड़कियों को फ्री में लगेगी सर्विकल कैंसर से बचाने वाली HPV वैक्सीन
वैक्सीनेशन कैंपेन फरवरी के अंत में लॉन्च होगा. इसके तहत, 14 साल की लड़कियों को फ्री में HPV वैक्सीन लगाई जाएगी. वैक्सीन की सिर्फ एक डोज़ लगेगी. हर साल 14 साल की होने पर 1 करोड़ से ज़्यादा लड़कियां ये वैक्सीन लगवा सकती हैं.
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इसलिए देश में जल्द ही HPV वैक्सीनेशन कैंपेन शुरू होने वाला है. मकसद- महिलाओं को सर्विकल कैंसर से बचाना. इसके तहत, 14 साल की लड़कियों को फ्री में HPV वैक्सीन लगाई जाएगी. वैक्सीन की सिर्फ एक डोज़ लगेगी. हर साल, 14 साल की होने पर, 1 करोड़ से ज़्यादा लड़कियां ये वैक्सीन लगवा सकती हैं.
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कैंपेन के शुरुआती 90 दिनों में लड़कियां पास के सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर HPV वैक्सीन लगवा सकती हैं. इसके बाद वैक्सीन लगवाने के लिए U-WIN पोर्टल पर स्लॉट बुक करना होगा. बिल्कुल वैसे ही, जैसे कोरोना की वैक्सीन के लिए किया था.

पर HPV वैक्सीन 14 साल की उम्र ही क्यों लग रही है?
अधिकारियों के मुताबिक, ‘इस उम्र में वैक्सीन लगवाने पर सबसे मज़बूत और लंबे समय तक सुरक्षा मिलती है. ऐसा साइंटिफिक एविडेंस बताते हैं. इसलिए 14 साल की उम्र को वैक्सीनेशन के लिए चुना गया है.’
कौन-सी वैक्सीन लगाई जाएगी?
इस कैंपेन में गार्डासिल नाम की वैक्सीन लगाई जाएगी. कम से कम शुरुआती दो सालों तक इसका ही इस्तेमाल होगा. इसे अमेरिका की मर्क एंड कंपनी बनाती है. इस कंपनी को अमेरिका और कनाडा के बाहर MSD के नाम से जाना जाता है.
स्वदेशी वैक्सीन को तरजीह क्यों नहीं?
वैसे एक HPV वैक्सीन तो भारत में भी बनी है. सरवावैक. जिसे सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने बनाया है. ये जनवरी 2023 में लॉन्च हुई थी. पर वैक्सीनेशन कैंपेन के लिए इसका इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है. इस स्वदेशी वैक्सीन को अभी World Health Organization की मंज़ूरी नहीं मिली है. उस पर, सरवावैक की सिर्फ़ एक डोज़ से कितनी सुरक्षा मिलेगी, ये अभी पता नहीं चला है.

कौन सप्लाई करेगा गार्डासिल वैक्सीन?
गार्डासिल की सप्लाई गावी वैक्सीन एलायंस की मदद से की जाएगी. गावी एक इंटरनेशनल ऑर्गनाइज़ेशन है. ये भारत को ढाई करोड़ से ज़्यादा डोज़ मुहैया कराएगा. इनमें से 1 करोड़ डोज़ पहले ही भारत पहुंच चुकी हैं.
वैक्सीनेशन कैंपेन फरवरी के अंत में लॉन्च होगा. इससे लाखों महिलाओं को फ़ायदा होगा. पर HPV फैलता कैसे है? HPV वैक्सीन किन कैंसर से बचाती है? ये हमने पूछा DELHI IVF Hospitals में सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट, डॉक्टर आस्था गुप्ता से. ये भी जाना कि सर्विकल कैंसर के लक्षण क्या होते हैं?

डॉक्टर आस्था कहती हैं कि HPV यानी ह्यूमन पैपिलोमावायरस फैलने की सबसे बड़ी वजह है अनसेफ़ सेक्स. यानी बिना कॉन्डम के सेक्स करना. इससे न सिर्फ़ इंफेक्शन और बीमारियां फैलती हैं. बल्कि महिलाओं में होने वाले सर्विकल कैंसर का एक बड़ा कारण HPV ही है. वैसे तो ज़्यादातर HPV इंफेक्शन अपने आप ठीक हो जाते हैं. लेकिन कुछ मामलों में ये इंफेक्शन बना रहता है. अगर इस इंफेक्शन का समय रहते इलाज न हो. तो ये कैंसर कर सकता है. इसलिए ज़रूरी है कि पहले ही HPV वैक्सीन लगवा ली जाए.
HPV वैक्सीन 10 से 26 साल की उम्र में लगवाने की सलाह दी जाती है. वैसे तो इसे 45 साल तक लगवाया जा सकता है. लेकिन सबसे सटीक उम्र 10 से 15 साल है. ये वैक्सीन महिलाओं को सर्विकल कैंसर से बचाती है. वहीं, पुरुषों को भी ये कई तरह के कैंसर से बचाने में मदद करती है. जैसे एनल कैंसर, पेनाइल कैंसर और ओरोफैरिंजियल कैंसर. इसलिए लड़कों को भी ये वैक्सीन लगवानी चाहिए.

अब बात सर्विकल कैंसर के लक्षणों की
-वजाइना से ज़्यादा डिस्चार्ज होना.
-डिस्चार्ज से बदबू आना.
-ब्लीडिंग होना .
-दो पीरियड्स के बीच में ब्लीडिंग होना.
-सेक्स के बाद ब्लीडिंग होना.
-कमर में खूब दर्द रहना.
-पेशाब और मोशन लीक करना.
अगर किसी महिला को ऐसे लक्षण हैं, तो वो तुरंत डॉक्टर से मिलें. शर्माएं नहीं. समय पर स्क्रीनिंग हो, तो सर्विकल कैंसर को जल्दी पकड़ा जा सकता है.
सर्विकल कैंसर की स्क्रीनिंग
21 से 65 साल की हर महिला को सर्विकल कैंसर की स्क्रीनिंग करवानी चाहिए. इसका बहुत ही सिंपल-सा टेस्ट होता है. जिसे पैप स्मीयर टेस्ट कहा जाता है. ये तीन साल में एक बार करवाना चाहिए. इसमें वजाइना से फ्लूइड निकालकर उसकी जांच की जाती है. आप HPV टेस्टिंग भी करा सकते हैं. इसमें वायरस की जांच की जाती है. आप 5 साल में एक बार HPV टेस्ट करवा सकते हैं. साथ ही, HPV की वैक्सीन तो है ही.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)
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