‘झामफाड़’, ‘जाबड़’, ‘बवाल’….. ऐसे जितने भी विशेषण इस्तेमाल कर लीजिए, ‘स्पाइडरमैन: नो वे होम’ के लिए कम ही हैं. बात ऐसी है कि अपन ने फर्स्ट डे, फर्स्ट शो देख डाला है, और इसलिए अब आपके लिए लेकर आया हूं एक स्पॉइलर फ्री रिव्यू. ये रिव्यू पूरी तरह स्पॉइलर फ्री है, क्योंकि मैं ऐसा शख्स हूं जिसने थिएटर में बगल सीट पर बैठे बंदे को इंस्टाग्राम स्टोरी बनाने से रोक लिया था, कि भाई काहे को किसी के लिए फिल्म खराब कर रहे हो. देखें वीडियो.
फिल्म 'स्पाइडरमैन: नो वे होम' में मार्वल फैन के लिए क्या खास है?
ये फिल्म बिल्कुल ‘स्पाइडरमैन: फार फ्रॉम होम’ के एंड से शुरू होती है.
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