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सलमान खान की 'बैटल ऑफ गलवान' के चीन विवाद पर विदेश मंत्रालय की दो टूक

चीनी मीडिया का आरोप है कि सलमान खान की फिल्म 'बैटल ऑफ गलवान' में तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की गई है. अब उस पर विदेश मंत्रालय का बयान आया है.

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'बैटल ऑफ गलवान' 17 अप्रैल 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी.

Salman Khan की Battle Of Galwan दिसंबर 2025 में एक बड़े विवाद में उलझ गई थी. चीनी मीडिया ने इस मूवी पर फैक्ट्स के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप लगाए थे. साथ ही भारत सरकार से इस मामले में दखल देने की अपील भी की थी. वैसे तो सरकारी सूत्र अनऑफिशियली इस मुद्दे पर रिएक्ट कर चुके हैं. मगर अब भारत के विदेश मंत्रालय ने औपचारिक रूप से इस विवाद पर अपना पक्ष साफ किया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म की कहानी में उनकी किसी भी तरह की भूमिका नहीं है.

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हाल ही में भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. इसमें मंत्रालय के स्पोक्सपर्सन रणधीर जैसवाल मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे. उसी दौरान एक रिपोर्टर ने उनसे 'बैटल ऑफ गलवान' से जुड़े विवाद पर सवाल किया. ये सुनकर प्रवक्ता ने कहा,

"हम जानते हैं कि इस तरह की एक फिल्म (बैटल ऑफ गलवान) बनाई गई है. भारत में फिल्ममेकिंग से जुड़े मामलों को, जैसा कि आप जानते हैं, रेलेवेंट अथॉरिटी देखती है. जहां तक हमारी बात है, विदेश मंत्रालय (MEA) का इस तरह की फिल्मों या ऐसे प्रोजेक्ट्स में कोई भूमिका नहीं है."

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भारत सरकार की तरफ़ से दिसंबर 2025 में भी इस तरह का जवाब दिया जा चुका है. तब देश के सरकारी सूत्रों ने NDTV से हुई बातचीत में इस मुद्दे पर अपनी राय रखी थी. उन्होंने स्पष्ट किया था कि भारतीय फिल्ममेकर्स को फ़्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन के तहत अपनी राय रखने का पूरा हक है. सूत्र के मुताबिक,

"भारत एक ऐसा देश है, जहां लोगों को अपनी बात रखने की आज़ादी है. फिल्मों के ज़रिए अपनी सोच को व्यक्त करना भी इसी आज़ादी का हिस्सा है. इसलिए भारतीय फिल्ममेकर्स को पूरी आज़ादी है कि वे अपनी कला के हिसाब से फिल्में बना सकें. अगर किसी को इस फिल्म को लेकर कोई आपत्ति या सवाल है, तो वो भारत के रक्षा मंत्रालय से संपर्क कर सकते हैं. इस फिल्म में सरकार की कोई भूमिका नहीं है."

बता दें कि 'बैटल ऑफ गलवान' 2020 के भारत-चीन के बीच हुए गलवान वैली झड़प पर आधारित है. इस लड़ाई में 200 भारतीय सैनिकों ने 1200 चीनी सैनिकों का डटकर सामना किया था. संघर्ष में करीब 40 चीनी सैनिक मारे गए थे. मगर चीन केवल चार सैनिकों के मारे जाने की बात स्वीकारता है. वहीं इसमें 20 भारतीय जवान भी शहीद हुए थे. चीन ने इस लड़ाई और उस पर आधारित फिल्म पर सवाल उठाए हैं.

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दरअसल, ये मुद्दा तब शुरू हुआ जब सलमान के जन्मदिन पर मेकर्स ने 'बैटल ऑफ गलवान' का टीज़र रिलीज़ किया था. इस टीज़र को देखकर चीन बौखला गया. चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने मेकर्स पर कई सवाल खड़े किए थे. अखबार का कहना था कि फिल्म में दिखाए गए जून 2020 के संघर्ष वास्तविक घटनाओं से मेल नहीं खाते हैं. उनके मुताबिक, बॉलीवुड फिल्में अधिकतर इमोशन और एंटरटेनमेंट पर आधारित होती हैं. इसलिए उनमें इतिहास को सही तरीके से नहीं दिखाया जाता.

खैर, दावा तो अखबार ने ये भी किया था कि गलवान वैली चीनी बॉर्डर के अंदर है. इस बात का हवाला देते हुए उन्होंने जून 2020 की झड़प के लिए भारत को ज़िम्मेदार ठहरा दिया. उनका कहना था कि भारतीय सैनिक LAC (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) पार करके चीन में घुसे थे और उसी वजह से लड़ाई शुरू हुई थी. कुल जमा, चीनी अखबार फिल्म की कहानी को गलत बता रहा था. साथ ही इस पूरे विवाद की ज़िम्मेदारी भारत पर डाल रहा था. मगर भारत ने अपनी तरफ़ से इस मामले को खास तूल नहीं दिय.

वीडियो: 'बैटल ऑफ गलवान' का टीजर देख चीनी मीडिया क्यों भड़क गई?

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