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नंदीग्राम का 'खेला': SIR सप्लीमेंट्री लिस्ट से हटाए गए 95.5 वोटर्स मुस्लिम, रिपोर्ट में दावा

नंदीग्राम की सप्लीमेंट्री लिस्ट में कुल 2,826 वोट कटे हैं. इसमें 48.9 फीसदी महिलाएं और 51.1 प्रतिशत पुरुष हैं. यानी जेंडर के लिहाज से मामला लगभग संतुलित है. लेकिन ये बात धार्मिक आधार पर नहीं कही जा सकती.

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नंदीग्राम विधानसभा सीट पर एक ही समुदाय के 95 फीसदी वोट काटे गए हैं. (इंडिया टुडे)

साल 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम बंगाल की सबसे हाई प्रोफाइल सीट थी. बीजेपी के शुभेंदु अधिकारी ने इस सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराया था. साल 2026 में नंदीग्राम एक बार फिर से चर्चा में है. वजह बनी है SIR की सप्लीमेंट्री लिस्ट, जिसमें से हटाए गए 95.5 फीसदी वोटर्स मुस्लिम हैं. जबकि आबादी में उनकी हिस्सेदारी करीब 25 फीसदी है. इसके उलट करीब 75 प्रतिशत आबादी वाले गैर-मुस्लिम समुदाय के सिर्फ 4.5 फीसदी नाम ही हटाए गए हैं.

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हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक कोलकाता स्थित सबर इंस्टीट्यूट ने चुनाव आयोग की सात सप्लीमेट्री वोटर लिस्ट के डेटा के आधार पर ये एनालिसिस किया है. ये संस्थान कोलकाता की पब्लिक पॉलिसी के फील्ड में काम करता है. इंस्टीट्यूट ने बताया कि चुनाव आयोग ने सात अलग-अलग सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी की हैं. इनके नाम हैं 1, 2, 3, 4a, 7, 8 और 9. इनमें से छह लिस्ट में हटाए गए मुस्लिम वोटों की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से लेकर 98 प्रतिशत तक रही. इसमें एक मात्र अपवाद है लिस्ट '4a'. इसमें हटाए गए सभी नाम गैर-मुस्लिम महिलाओं के हैं.

नंदीग्राम की सप्लीमेंट्री लिस्ट में कुल 2,826 वोट कटे हैं. इसमें 48.9 फीसदी महिलाएं और 51.1 प्रतिशत पुरुष हैं. यानी जेंडर के लिहाज से मामला लगभग संतुलित है. लेकिन ये बात धार्मिक आधार पर नहीं कही जा सकती.

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आबादी के हिसाब से देखें तो काटे गए नामों में मुस्लिमों की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत होनी चाहिए थी. लेकिन आंकड़े बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं. सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट से लगभग 95.5 प्रतिशत मुस्लिम नामों को हटा दिया गया है.

सबर इंस्टीट्यूट ने चुनाव आयोग के हवाले से दिसंबर 2025 का भी एक डेटासेट शेयर किया है. इस लिस्ट में 33.3 फीसदी मुस्लिम वोटर्स के नाम हटाए गए हैं. ये आंकड़ा भी आबादी के अनुपात से ज्यादा है. लेकिन यह सप्लीमेंट्री लिस्ट की तुलना में काफी कम है.  

चुनाव आयोग ने सप्लीमेंट्री लिस्ट से प्रभावित वोटर्स को ट्रिब्यूनल में अपील का विकल्प दिया था. आयोग ने इसके लिए 19 अपीलेट ट्रिब्यूनल बनाए हैं. नंदीग्राम में फर्स्ट फेज में 23 अप्रैल को चुनाव होने हैं. इसके लिए नॉमिनेशन फाइल करने की अंतिम तारीख 6 अप्रैल थी. 

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नियमों के मुताबिक, नॉमिनेशन की अंतिम तारीख के बाद वोटर लिस्ट को फ्रीज कर दिया जाता है. यानी जिन वोटर्स को नाम हटाया गया था, उनके पास अपील के लिए 6 अप्रैल को दोपहर तीन बजे तक का समय मिला था.

वीडियो: बंगाल चुनाव: नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु ने ममता बनर्जी को हराया पर इतना कंफ्यूजन हुआ क्यों?

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