हिमाचल प्रदेश में चुनाव होने वाले हैं. एक चरण की वोटिंग है. 12 नवंबर को. चुनाव (Himachal Pradesh Elections) हो रहे हैं, तो भरपूर कवरेज भी हो रही है. दी लल्लनटॉप की भी दो टीमें ग्राउंड पर हैं - हीरा और मोती. हिमाचल की जनता के मुद्दे खंगाल रही हैं. और, इस सिलसिले में वापस आ चुका है ‘जमघट’ - जहां हमारे संपादक सौरभ द्विवेदी सत्ता के दावेदारों से जनता के हिस्से के सवाल पूछते हैं. इसी सिलसिले में सौरभ ने बात की प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष और मंडी से लोकसभा सांसद प्रतिभा सिंह से.
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने बताया, कौन होगा पार्टी का सीएम उम्मीदवार?
गुटबाज़ी पर क्या बोलीं प्रतिभा सिंह?


कांग्रेस के हिमाचल CM चेहरे को लेकर बहुत क़यास और विरोधाभास हैं. पार्टी में ही अलग-अलग गुट हैं. एक सुखविंदर सिंह सुखु का गुट है, एक मुकेश अग्निहोत्री का गुट है और वीरभद्र सिंह के लॉयलिस्ट का गुट तो प्रतिभा सिंह का गुट है ही. इसके अलावा भी और कई गुटों के भी दावे किए जाते हैं. और दबी ज़बान से ये गुट अपनी-अपनी उम्मीदवारी का भी दावा कर रहे हैं. प्रतिभा सिंह ने पार्टी की इस प्रदेश अध्यक्षा ने कहा,
"देखिए, मैंने तो वीरभद्र सिंह जी को अक्सर ये बात बोलते हुए सुना था कि 'मैं किसी गुट में और गुटबाज़ी में विश्वास नहीं करता. मेरा कोई गुट नहीं है. मैं तो सबको साथ लेकर चलता हूं. मेरे परिपेक्ष में सभी बराबर हैं. दुर्भाग्य से उनके जाने के बाद ऐसा हुआ. सभी सोचते हैं कि किसी को तो बढ़ना है. एक सोचता है, मैं बढ़ जाऊं. दूसरा सोचता है, मैं बढ़ जाऊं.
मैं तो यही सोचती हूं कि जिसके भाग्य में लिखा होगा और जिसको लोग चाहेंगे, वही बनेगा. उनके चाहने से, उनके गुट बनाने से अच्छा संदेश नहीं जाता. फिर लोग बात करते हैं, कि यह गुट-वो गुट. ऐसा क्यों करना है? आप अपनी पार्टी को सत्ता में लाने की बात करो न. सब विधायकों को जिताने की बात करो. जितने ज़्यादा विधायक जीतेंगे, उससे हमारी बहुमत बनेगी. उससे हमारी सरकार बनेगी. एक बार सरकार बन जाए, फिर आला-कमान देखेगा और विधायक देखेंगे किसको मुख्यमंत्री बनाना है."
जब प्रतिभा सिंह से पूछा गया कि वो सांसद है. लेकिन विधायकी का चुनाव क्यों नहीं लड़ा. इस पर उन्होंने कहा कि उनका कोई इरादा नहीं था. ये भी कहा कि वो वैसे भी बहुत महत्वकांक्षी नहीं हैं. परिस्थितियों ने उनकी यात्रा तय की है.
















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