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मार्केट क्रैश से सहमे निवेशक! अक्टूबर के पुराने आंकड़े जान लें, शेयर बाजार के लिए मिलेगा संकेत!

शेयर बाजार में सोमवार (28 सितंबर) को आई गिरावट के चलते निवेशकों को करीब 8 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है. निवेशकों में उलझन का माहौल है. हालांकि, राहत की बात यह है कि पिछले सालों में अक्टूबर में मार्केट सुधरा है.

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28 सितंबर को सेंसेक्स करीब 1100 अंक लुढ़क गया (Courtesy: Business Today)

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  • 28 सितंबर 2026 को शेयर बाजार में भारी गिरावट आई, जिसमें सेंसेक्स लगभग 1120 अंक और निफ्टी 360 अंक गिरकर बंद हुआ, जिससे निवेशकों के करीब 8 लाख करोड़ रुपये डूब गए।
  • सितंबर 2026 में बाजार में गिरावट की पृष्ठभूमि में पिछले वर्षों में अक्टूबर महीने में शेयर बाजार में सामान्यतः तेजी देखने को मिली है, जो निवेशकों की उम्मीदों को बढ़ाती है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार, अक्टूबर 2026 में बाजार में समान लंबी तेजी की संभावना कम है और निवेशकों को सही शेयरों के चयन पर अधिक ध्यान देना चाहिए।

पिछले कई दिनों से शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है. 28 सितंबर 2026 को भारी गिरावट देखने को मिली. सोमवार को सेंसेक्स करीब 1120 अंक और निफ्टी 360 अंक गिरकर बंद हुआ. इसके चलते महज कुछ ही घंटों में निवेशकों के करीब 8 लाख करोड़ डूब गए. लेकिन, पिछले कुछ सालों में अक्टूबर का महीना निवेशकों को आमतौर पर फायदा कराता रहा है. 

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न्यूज एजेंसी ब्लूमबर्ग डेटाबेस के मुताबिक, अक्टूबर के महीने में पिछले 10 साल में से 7 साल शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली है. ऐसे में सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इतिहास खुद को दोहराएगा? सितंबर में बाजार में आई गिरावट की भरपाई होगी और निवेशकों को कुछ राहत मिलेगी?

अक्टूबर में कब-कब आई तेजी?

बिजनेस टुडे के मुताबिक अक्टूबर 2025 में, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का सूचकांक निफ्टी 1,111 अंक या 4.51% चढ़कर 25,000 अंक के स्तर को पार कर गया. निफ्टी महीने के आखिर में 25,722 अंक पर बंद हुआ था. 

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इस दौरान सेंसेक्स 3,671 अंक या 4.57%  बढ़कर 83,938 पर बंद हुआ. इसी तरह साल 2022 के अक्टूबर में दोनों सूचकांकों में भारी उछाल देखने को मिला. निफ्टी में 5.37% और सेंसेक्स में 5.78% की वृद्धि दर्ज की गई.

साल 2021 में अक्टूबर महीना थोड़ा सुस्त दौर रहा. इस महीने में दोनों सूचकांकों में 0.3% की वृद्धि दर्ज की गई. इसके अलावा दोनों सूचकांकों में साल 2020 और साल 2019 के अक्टूबर महीने में तेजी आई. इसी तरह साल 2016 और साल 2017 में भी अक्टूबर में भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ बंद हुआ. 

आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले दशक में अक्टूबर में सबसे बड़ी तेजी साल 2017 में आई थी. इस दौरान सेंसेक्स 6% से ज्यादा उछल गया और निफ्टी में भी करीब 5.6% की तेजी आई. 

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अक्टूबर में बाजार में कुछ मौकों पर आई भारी गिरावट

अक्टूबर 2024 में निफ्टी में 1,605 अंकों या 6.22% की भारी गिरावट दर्ज की गई. इसी अवधि में सेंसेक्स में 4,910.72 अंक या 5.83% की गिरावट आई. इसी तरह अक्टूबर 2023 में निफ्टी 558.70 अंक (2.84% ) गिर गया.

सेंसेक्स में 1,953 अंक (2.97%) की गिरावट दर्ज की गई. इस गिरावट के बाद अगले दो महीनों में दोनों सूचकांकों में 5%-8% का उछाल देखने को मिला. वहीं, साल 2018 में इस महीने में बाजार गिरकर बंद हुआ था.

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इस साल अक्टूबर में क्या होगा?

पीजीआईएम इंडिया म्यूचुअल फंड (PGIM India Mutual Fund) के सीआईओ विनय पहारिया ने कहा कि इस बार अक्टूबर (2026) में पूरे शेयर बाजार में एक साथ बड़ी तेजी आने की संभावना कम है. ऐसे में सही शेयर चुनना ज्यादा जरूरी होगा.

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइेंशियल सर्विस लिमिटेड (MOFSL) के मुताबिक, ‘बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और वित्त वर्ष 2024-25 के निचले स्तर से कंपनियों की कमाई में लगातार सुधार हुआ है. इस वजह से शेयरों के भाव पहले के मुकाबले ज्यादा वाजिब स्तर पर आए हैं. साल 2024 में शेयरों की वैल्यूएशन काफी ऊंची थी, लेकिन अब इसमें कमी आई है.’

मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि शेयरों की वैल्यूएशन अब अपने सबसे ऊंचे स्तर से काफी नीचे है. कंपनियों की कमाई बढ़िया हो रही है. अर्थव्यवस्था की हालत अच्छी है. ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार में निवेश के मुकाबले जोखिम और संभावित फायदे का संतुलन पहले से बेहतर हुआ है.

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इन शेयर्स से मिल सकता है बड़ा प्रॉफिट

हालांकि, मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों की कमाई में बढ़ोतरी ज्यादा रहने की उम्मीद है. इसलिए आगे पूरे बाजार में एक साथ तेजी आने के बजाय अलग-अलग कंपनियों के प्रदर्शन पर ज्यादा निर्भर रह सकती है. मोतीलाल ओसवाल की तरफ से निफ्टी 50 में शामिल जिन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी की संभावना जताई गई है उनमें भारती एयरटेल, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, टाइटन, अडानी एंटरप्राइजेज, एमएंडएम, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इटरनल, हिंडाल्को, श्रीराम फाइनेंस, इंटरग्लोब एविएशन और अपोलो हॉस्पिटल्स शामिल थे.

निफ्टी में शामिल शेयरों के अलावा मोतीलाल ओसवाल ने टीवीएस मोटर, बीएसई, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट, जीई वर्नोवा टी एंड डी, लेंसकार्ट सॉल्यूशंस, इंडियन होटल्स, मीशो, डिक्सन टेक, कोफोर्ज, रेडिको खैतान, किर्लोस्कर ऑयल इंजन्स, आरबीएल बैंक, फिजिक्सवाला और इन्वेंटुरस नॉलेज सॉल्यूशंस में निवेश की सलाह दी है. ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इन शेयरों में जोरदार तेजी की उम्मीद है. 

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