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भारत में बंद हो जाएंगे कागज के नोट? RBI कुछ बड़ा करने वाला है

RBI के इस प्लान से वाफिक कई सूत्रों ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि पटना और मुंबई में आयोजित केंद्रीय बैंक की पिछली दो बोर्ड बैठकों में पॉलिमर या प्लास्टिक के नोटों को प्रचलन में लाने के मुद्दे पर चर्चा की गई थी.

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कागज के नोटों की छपाई का खर्च बढ़ा है (फोटो क्रेडिट: Aaj Tak)

सब कुछ ठीक रहा तो हम-आप जल्दी ही प्लास्टिक के कड़क नोटों से शॉपिंग करते नजर आएंगे. बिजनेस स्टैंडर्ड के पत्रकार मनोजित साहा की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पिछले कुछ सालों में करेंसी नोटों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए प्लास्टिक के नोट छापने वाली अपनी योजना को अमल में लाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है. अगर सब ठीक रहा तो भारत में कागज के नोट बंद हो सकते हैं और करेंसी के इस्तेमाल का एक नया युग शुरू होगा.

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RBI के इस प्लान से वाफिक कई सूत्रों ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि पटना और मुंबई में आयोजित केंद्रीय बैंक की पिछली दो बोर्ड बैठकों में पॉलिमर या प्लास्टिक के नोटों को प्रचलन में लाने के मुद्दे पर चर्चा की गई थी.

भारत में चलेंगे प्लास्टिक के नोट

रिपोर्ट में बताया गया है कि नोट छापने की लागत में कमी और इस तरह के नोटों की लंबी शेल्फ लाइफ को देखते हुए यह फैसला लिया गया है. लोगों के इस्तेमाल के लिए प्लास्टिक के नोटों से संबंधित एक पायलट प्रोजेक्ट की घोषणा जल्द ही होने की उम्मीद है.

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बोर्ड की चर्चाओं से परिचित एक सूत्र ने बिजनेस स्टैंडर्ड के पत्रकार मनोजीत साहा को बताया, “फिलहाल इस्तेमाल हो रहे कागजी नोटों की तुलना में प्लास्टिक नोटों को छापने के कई फायदे हैं. कम लागत आती है. इसके अलावा, एटीएम मशीनें अब प्लास्टिक नोट भी निकाल सकेंगी. हमारे पास अब इसके लिए जरूरी संसाधन मौजूद हैं.”  

RBI ने वित्त वर्ष 2025 की अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा था कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान कागज के नोटों की सुरक्षित छपाई पर करीब 6373 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए. वहीं वित्त वर्ष 2023-24 में पिछले साल करीब 5101 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. इस तरह देखें तो नोटों की छपाई का खर्च बढ़ रहा है.

अभी किन देशों में चल रहे प्लास्टिक नोट?

दुनिया के करीब 60 देशों में फिलहाल प्लास्टिक नोट चल रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया पॉलिमर नोटों को चलन में लाने वाला पहला देश था. उसने साल 1988 में दस डॉलर कीमत के प्लास्टिक नोट शुरू किए थे. 

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इसके बाद सिंगापुर, इंडोनेशिया, थाईलैंड और मलेशिया ने भी इन नोटों को अपनाया. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट बताती है कि रोमानिया 1998 में प्लास्टिक नोट का इस्तेमाल करने वाला पहला यूरोपीय देश था. कनाडा ने साल 2011 में इस तरह के नोट लॉन्च किए.

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