दुनिया के जाने-माने निवेशक वॉरेन बफे (Warren Buffett) का एक मशहूर कथन है, "खर्च करने के बाद जो बचे उसे मत बचाओ, बल्कि बचत करने के बाद जो बचे वही खर्च करो.” मशहूर निवेशक और 'रिच डैड पूअर डैड' किताब के लेखक रॉबर्ट कियोस्की (Robert Kiyosaki) भी कुछ इसी तरह का इत्तेफाक रखते हैं. कियोस्की कहते हैं, “महत्वपूर्ण यह नहीं है कि आप कितना कमाते हैं, बल्कि यह है कि आप कितना बचाकर रख पाते हैं.”
50 हजार सैलरी पाने वाले 2 करोड़ बना सकते हैं, बस निवेश का ये फॉर्मूला अपना लें
कई लोग अच्छी सैलरी के बावजूद महीना खत्म होते-होते खाली हाथ रह जाते हैं. कुछ लोग सीमित कमाई में भी धीरे-धीरे काफी पैसा जोड़ लेते हैं. आज हम आपको बताएंगे कि अगर आपकी सैलरी 50,000 रुपये महीना है. तो आप किस तरह से सही प्लानिंग और निवेश से 2 करोड़ रुपये बना सकते हैं.
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इन दोनों उद्धरण का लब्बोलुआब (निचोड़) ये है कि कमाई बड़ी हो या छोटी, असली फर्क इस बात से पड़ता है कि आप उसमें से कितना संभालकर रखते और सही जगह निवेश करते हैं. कई लोग अच्छी सैलरी के बावजूद महीना खत्म होते-होते खाली हाथ रह जाते हैं. कुछ लोग सीमित कमाई में भी धीरे-धीरे काफी पैसा जोड़ लेते हैं.
आज हम आपको बताएंगे कि अगर आपकी सैलरी 50,000 रुपये महीना है. तो आप किस तरह से सही प्लानिंग और निवेश से 2 करोड़ रुपये बना सकते हैं.
सबसे पहले अपने खर्चों को सही से मैनेज करें. इसके साथ ही हर महीने अपनी सैलरी का कुछ हिस्सा निवेश करने की आदत डाल लें. जानकारों का कहना है कि अपने वित्तीय लक्ष्य को हासिल करने के लिए 50-30-10-10 नियम का पालन करना जरूरी है. आप 50-30-10-10 नियम अपनाकर अपनी सैलरी को चार हिस्सों में बांट सकते हैं.
एमिरेट्स इन्वेस्टमेंट बैंक में डायरेक्टर (वेल्थ मैनेजमेंट) डॉक्टर धर्मेश भाटिया लल्लनटॉप से कहते हैं,
सैलरी का आधा पैसा जरूरी खर्चों के लिए निकाल लें. 50 हजार सैलरी का आधा हिस्सा यानी 25 हजार रुपये जरूरी खर्चों जैसे कि घर का किराया, बच्चों की पढ़ाई-लिखाई, ग्रॉसरी, बिजली बिल वगैरा के लिए निकाल लीजिए. इसके बाद 30 परसेंट हिस्सा यानी 15 हजार रुपये हर महीने अपने शौक यानी अपनी लाइफस्टाइल वगैरा मेंटेन करने के लिए निकाल लें.
उदाहरण के लिए घूमने-फिरने, मूवी देखने, शॉपिंग और रेस्तरां में जाकर खाने-पीने आदि पर खर्च कर सकते हैं. इसके बाद ऊपर बताए गए नियम का पालन करते हुए 10 परसेंट रकम (5000 रुपये) निवेश जैसे कि म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार, सोना या किसी दूसरे साधन में लगाएं. बाकी बचा 10 परसेंट (5000 रुपये) बीमा और किसी मुसीबत पड़ने पर इमरजेंसी फंड के मद में खर्च कर सकते हैं."
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2 करोड़ रुपये कैसे बनेंगे?फाइनेंस एक्सपर्ट शरद कोहली का कहना है कि अगर आप लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाना चाहते हैं तो नियमित निवेश और धैर्य ही आपको लक्ष्य तक पहुंचाते हैं. वे बताते हैं,
अगर किसी की सैलरी 50 हजार रुपये है और वह हर महीने 5,000 रुपये का निवेश किसी म्यूचुअल फंड की SIP में करता है, तो 12% के औसत सालाना रिटर्न (CAGR) के साथ लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार कर सकता है. अगर लगातार निवेश जारी रखा जाए तो 31 साल में राशि 2 करोड़ रुपये के आसपास पहुंच सकती है.
मान लीजिए अगर कोई व्यक्ति किसी प्राइवेट कंपनी में नौकरी कर रहा है. अगर यह व्यक्ति 27 साल की उम्र में निवेश शुरू करता है, तो 31 साल बाद वह करीब 58 साल का हो जाएगा, यानी रिटायरमेंट की उम्र तक 2 करोड़ रुपये का फंड तैयार कर सकता है.
इस तरह से वह 50 हजार रुपये हर महीने की सैलरी में भी अनुशासित तरीके से अपने वित्तीय लक्ष्य को हासिल कर सकता है. जानकारों का कहना है कि अगर वेतन बढ़ने के साथ निवेश की रकम समय-समय पर बढ़ाई जाए तो 2 करोड़ रुपये का लक्ष्य और पहले पूरा किया जा सकता है.
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