Submit your post

Follow Us

भूलकर भी गाड़ी में कभी बंपर गार्ड / क्रैश गार्ड मत लगाना

भारत में मिडिल क्लास के दो स्टैंडर्ड सपने होते हैं – अपना घर और अपनी कार. स्प्लेंडर वाला भी जब कसट की कमाई बचा-बचाकर घर बनाता है, तो गेट बड़ा ही लगवाता है. कि कार आए तो घर के अंदर खड़ी हो सके. और कार जब आती है तो उसका जान से ज़्यादा खयाल रखा जाता है. शोरूम से बाहर ही तब निकालते हैं, जब उसमें आगे-पीछे क्रैश गार्ड यानी बंपर के आगे एक और बंपर लग जाता है. कि टक्कर आगे से हो, चाहे पीछे से, कार पर आंच न आए. पेंट भी सलामत रहे और डेंट भी न पड़े. एसयूवी या जीप हो, तो बंपर गार्ड से गाड़ी की अपील बढ़ जाती है. मस्क्यूलर लुक मिलता है. लेकिन यही बंपर गार्ड आपकी और सड़क पर चलने वाले दूसरे लोगों की जान का दुश्मन बन सकता है. इसीलिए सरकार का मानना है कि बंपर लगाने पर रोक लगा देनी चाहिए. इसका क्या, क्यूं, कैसे वगैरह हम आपको बता दे रहे हैं. ताकि आप चालान कटने से पहले तय कर सकें कि बंपर रखना है या नहीं. पूरी जानकारी के लिए देखें ये वीडियो.

लगातार लल्लनटॉप खबरों की सप्लाई के लिए फेसबुक पर लाइक करें

इलेक्शन कवरेज

केशव प्रसाद मौर्य को हराने वाली पल्लवी पटेल की कहानी जिनके खिलाफ उनकी बहन ने प्रचार किया

पल्लवी पटेल सपा की टिकट पर कौशांबी की सिराथू सीट से चुनाव लड़ी थीं.

UP में जीता मायावती का इकलौता विधायक कौन है, कहानी जान लेनी चाहिए

BSP का वो विधायक जो पार्टी से अकेला ही विधानभवन में बैठेगा.

योगी के कौन से 10 मंत्री हार गए, एक की हार तो सिर्फ 473 वोटों से हुई

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समेत 10 मंत्री अपनी सीट नहीं बचा पाए हैं.

इलाहाबाद दक्षिण से नंद गोपाल गुप्ता नंदी फिर जीते, सपा के रईस चंद्र शुक्ला को इतने वोटों से हराया

प्रयागराज की यह विधानसभा भी हाई प्रोफाइल सीटों में गिनी जाती है.

UP में दो पति-पत्नी लड़े, एक तो बुरा हारे, दूसरे में पत्नी ने कैसे बचा ली सीट?

उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से बीजेपी की सरकार बन रही है.

यूपी में सपा की हार में अखिलेश ने क्या 'पॉज़िटिव पॉइंट' खोज लिया?

अखिलेश वोट प्रतिशत और सीटों में इजाफे को लेकर संतुष्ट नजर आ रहे हैं.

ओम प्रकाश राजभर की सीट पर क्या BJP के कालीचरण राजभर ने खेल कर दिया?

इस सीट पर बसपा ने शादाब फातिमा और कांग्रेस ने ज्ञान प्रकाश सिंह को चुनाव में उतारा था.

'यूपी छोड़ दूंगा' वाले बयान को लेकर लोगों ने मुनव्वर राणा को जमकर ट्रोल कर दिया!

चुनाव शुरू होने से पहले आया था मुनव्वर राणा का बयान.

दी लल्लनटॉप शो

दी लल्लनटॉप शो: ताज महल या तेजो महालय और बंद कमरों पर हाईकोर्ट ने ये बड़ी बात कह दी

IPC की धारा 124(ए) को लेकर किरण रिजिजू और पूर्व गृह मंत्री पी चिंदबरम क्यों भिड़े?

दी लल्लनटॉप शो: गांधी जी के खिलाफ इस्तेमाल हुई राजद्रोह की धारा को नेहरू ने रद्द क्यों नहीं किया?

क्या सरकार के खिलाफ विद्रोह को देश से द्रोह माना जा सकता है?

दी लल्लनटॉप शो: दानिश सिद्दीकी, अदनान, सना और अमित दवे की वो तस्वीरें, जिन्होंने पुलित्ज़र जीता

अब कुतुब मीनार को लेकर क्या विवाद खड़ा हुआ?

दी लल्लनटॉप शो: भारत से बढ़ा गेहूं का निर्यात और 12 साल में आटा हुआ सबसे महंगा, ज़िम्मेदार कौन?

डॉलर के मुकाबले गिरते रुपए के लिए कौन जिम्मेदार है?

दी लल्लनटॉप शो: PM मोदी ने जर्मनी, डेनमार्क और फ्रांस की यात्रा से ये बड़ा काम कर दिया

जम्मू-कश्मीर में परिसीमन पर राजनीतिक दलों की क्या प्रतिक्रिया रही?

दी लल्लनटॉप शो: जोधपुर हिंसा के पीछे किसकी गलती है?

जोधपुर में तनाव की शुरुआत कहां से हुई ?

दी लल्लनटॉप शो: UP पुलिस की दबिश के बाद चंदौली में कन्हैया यादव की बेटी की मौत कैसे हुई?

चंदौली में परिवार ने पुलिस पर जो आरोप लगाए उनमें कितनी सच्चाई है?

दी लल्लनटॉप शो: केजरीवाल सरकार ने कहा एक दिन का कोयला बचा, मोदी के मंत्री ने ये जवाब दिया

कब तक यूं बिजली कटती रहेगी? क्या वाकई कोयला संकट है?

पॉलिटिकल किस्से

अरूसा आलम और कैप्टन अमरिंदर सिंह के संबंधों पर सियासत क्यों हो रही है?

अरूसा को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से भी जोड़ा जा रहा है.

एंटी CAA-NRC प्रोटेस्ट में गोली चलाने वाले गोपाल की महापंचायत में बोली बातें क्यों वायरल हुईं?

हरियाणा के पटौदी में हुई जनसभा में उसके भाषण का एक वीडियो वायरल हो रहा है.

उत्तर प्रदेश के नेता जितिन प्रसाद, जो दो दशक से कांग्रेसी रहे और अब BJP में शामिल हो गए

2019 के बाद से ही जितिन प्रसाद की भाजपा से नजदीकियां बढ़ रही थीं.

असम का वो नेता, जिसके साथ हुई ग़लती को ख़ुद अमित शाह ने सुधारा था

अब वो राज्य का मुख्यमंत्री बन गया है.

कैसे मुलायम सिंह ने अजित सिंह से यूपी के मुख्यमंत्री की कुर्सी छीन ली?

अजित सिंह के लोकदल अध्यक्ष बनने की प्रक्रिया काफी विवादित रही थी.

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने जा रहे एमके स्टालिन की कहानी फिल्म से कम नहीं

मद्रास शहर की थाउजेंड लाइट्स विधानसभा सीट से स्टालिन पहली बार चुनाव में उतरे.

केरल चुनाव में जीत के साथ पी विजयन ने 64 बरस पुराना कौन सा मिथक तोड़ दिया?

विजयन महज़ 26 साल की उम्र में पहली बार विधायक बने थे.

अखिल गोगोई की कहानी, जिन्हें हाईकोर्ट ने जमानत देते वक्त कहा- सिविल नाफरमानी अपराध नहीं

नेतागिरी से दूर भागने वाले अखिल गोगोई जेल से ही चुनाव लड़ने पर मजबूर हुए.