च्यवनप्राश के डब्बे में बेसन और पेप्सी की बोतल में खाने के तेल. इन सबके बिना हमभारतवासियों का घर पूरा नहीं होता. हम तो आम आदमी ठहरे. याद है, किस तरह से आपनेपुरानी शैम्पू बोतल का इस्तेमाल किया था. इतने भर से आपका मन नहीं भरा हो तो कभी नाकभी पुराने टूथब्रश से पजामे में नाड़ा जरूर डाला होगा. सारी कायावद का अर्थ ये हैकि हम लोग पुराने सामान का क्या उपयोग करना है, उसमें एक्सपर्ट होते हैं.जब हम इतने बड़े उस्ताद ठहरे तो फिर पुराने स्मार्टफोन का भी सही उपयोग होना चाहिए.नया फोन खरीद लिया और पुराना बेच दिया तो कोई बात नहीं, लेकिन कई बार होता है किपुराना फोन घर पर पड़ा रहता है और दिवाली की सफाई में या तो फेंक दिया जाता है याफिर किसी बच्चे के बस्ते की शोभा बन जाता है. आपको जानकार आश्चर्य होगा कि पुरानेस्मार्टफोन से भी कमाल किया जा सकता है. ऐसे-ऐसे काम किये जा सकते हैं कि बस पूछिएमत सिर्फ पढ़ते जाइए. वाई-फाई हॉटस्पॉट बिना Wi-Fi के आजकल कोई काम नहीं होता और यदिआपके पास Wi-Fi कनेक्शन नहीं है तो पुराना स्मार्टफोन सबसे सही जुगाड़ है. एकवाई-फाई डॉन्गल लेंगे तो कम से 2000 रुपये खर्च होंगे, लेकिन आपके पुरानेस्मार्टफोन से यही काम फ्री में हो जाएगा. एक सिम लीजिए और उसमें डेटा प्लान वालारिचार्ज कर अपने पुराने स्मार्टफोन को लगा दीजिए काम पर. उम्मीद है कि आपकोहॉटस्पॉट बनाना आता होगा. बस स्मार्टफोन की सेटिंग्स में जाइए. वहां नेटवर्क वालेविकल्प पर जाइए और ऑन कर दीजिए हॉटस्पॉट का विकल्प. अब घर के कई लोग एक साथ इंटरनेटका मजा ले पाएंगे. सिक्योरिटी कैमराआप घर या ऑफिस में सिक्योरिटी कैमरा यूज करना चाहते हैं तो पुराना स्मार्टफोन आपकेकाम आ सकता है. किसी भी ऊंची जगह पर लगा दीजिए या फिर स्टैंड पर रख दीजिए. बिना कोईअतिरिक्त खर्च आपका सिक्योरिटी कैमरा तैयार हो गया. अपने नए स्मार्टफोन और पुरानेहैंडसेट में Alferd CCTV ऐप या फिर आईपी वेबकेम (IP Webcam) जैसे कोई भी ऐप डाउनलोडकीजिए और उसके बाद दोनों फोन पर अपने जीमेल से लॉग इन कीजिए और CCTV कैमरा तैयार होगया. अब घर के अंदर बच्चों पर नजर रखिए.Image Credit: Youtubeलैपटॉप वेबकैम लैपटॉप या कंप्यूटर पर वेबकैम होता है, लेकिन उसकी क्वालिटी कोई खासनहीं होती है. अभी भी जूम कॉल का दौर खत्म नहीं हुआ है तो अच्छी वीडियो क्वालिटी केलिए पुराने स्मार्टफोन का कैमरा लैपटॉप के कैमरे से हमेशा बेहतर ही रहेगा. अपनेपुराने स्मार्टफोन की सेटिंग्स में जाकर पहले डेवलपर ऑप्शन ऑन कीजिए. डेवलपर ऑप्शनतक पहुंचने के लिए अबाउट फोन वाले विकल्प में जाएं. वहां बिल्ड नंबर लिखा हुआमिलेगा. उस पर लगातार टैप कीजिए. फिर डेवलपर ऑप्शन एक्टिव हो जाएगा. फिर यूसबीडीबगिंग को ऑन कीजिए. अब लैपटॉप या कंप्यूटर से यूएसबी केबल के ज़रिए कनेक्ट कीजिए.गूगल प्ले स्टोर से अपने स्मार्टफोन में iV Cam ऐप डाउनलोड कीजिए. यही ऐप आप अपनेलैपटॉप या कंप्यूटर पर भी डाउनलोड कीजिए कंपनी की वेबसाइट पर जाकर. इंस्टॉलेशनप्रोसेस पूरा कीजिए और आपका काम हो गया. आपके लैपटॉप पर इस ऐप के ज़रिए आपके फोन केकैमरा का आउटपुट नज़र आने लगेगा. अब आपके मन में सवाल आएगा कि स्मार्टफोन के आउपुटको वेबकैम के लिए इनपुट कैसे बनाया जाए. यहां बदलना होगा सोर्स को. जब वेबकैमइस्तेमाल हो रहा है किसी ऐप पर. वहां पर आप कैमरे का सोर्स बदल दें. उसे iV Cam करदें.Laptop Webcamलैपटॉप माउसपुराना स्मार्टफोन एक बढ़िया माउस का काम भी बखूबी कर सकता है. अपने स्मार्टफोन औरलैपटॉप पर Wi-Fi Mouse ऐप डाउनलोड कीजिए. सबसे पहले ये सुनिश्चित कीजिए कि आपकेहैंडसेट और लैपटॉप एक ही वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट हैं. अब आएगी बात पर्मिशन देनेकी. इसके बाद पल भर में आपका फोन ट्रेकपैड का काम करने लगेगा. आप फोन को मीडियाकंट्रोल के लिए भी यूज कर सकते हैं. डिजिटल फोटो फ्रेमआजकल स्मार्टफोन छोटी स्क्रीन साइज के तो रहे नहीं तो आपका Old Smartphone पुरानीयादों को सहेजने का काम बखूबी कर सकता है. अपने पुराने स्मार्टफोन में फोटोट्रांसफर कीजिए और एक बढ़िया सा स्टैंड खरीदकर लगा दीजिए. फोन का फोटो ऐप स्लाइड शोका ऑप्शन देता है. यदि आपके फोन में नहीं है तो आप गूगल प्ले स्टोर से कोई सा भी ऐपडाउनलोड कर सकते हैं. फिर कर दीजिए स्लाइड शो शुरू. आप चाहें तो वर्किंग डेस्क पररखकर डिजिटल क्लॉक या डिजिटल कैलेंडर भी बना सकते हैं. कार का इंफोटेनमेंट सिस्टमकार में बेहतरीन इंफोटेनमेंट अभी भी सभी के लिए सुलभ नहीं है. म्यूजिक सिस्टम तोहोता है लेकिन स्क्रीन अभी भी सभी कारों का हिस्सा नहीं हैं. आप अपने फोन को इसकेलिए इस्तेमाल कर सकते हैं. बस फोन को कार के सिस्टम से कनेक्ट कर दीजिए. फिर गानेसुनिए, या मैप्स चलाइए. दोनों ही स्थिति में बाकी काम म्यूजिक सिस्टम को करनेदीजिए. अब ये मत पूछिएगा कि डेटा का क्या? सिम कार्ड वाली बात हमने आपको पहले हीबताई है. ऑनलाइन क्लास वैसे हम बच्चों के फोन इस्तेमाल करने के पक्ष में नहीं हैं,लेकिन आज ये मजबूरी बन चुकी है. पुराने स्मार्टफोन में बच्चे की ऑनलाइन क्लास का ऐपडाउनलोड कीजिए और क्लास के समय आपके फोन के इस्तेमाल से मुक्ति. एक बात का ध्यानरखिए कि सिर्फ सीमित ऐप्स ही डाउनलोड कीजिए और स्क्रीन टाइम भी लिमिटेड रखिए जिससेबच्चे की सेहत पर असर ना पड़े. हमें पूरा भरोसा है कि पुराने स्मार्टफोन का इस्तेमालबस इतना नहीं होगा, और भी तरीके होंगे जो आपको पता होंगे तो आप भी हमसे साझा कीजिए.