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NASA के टेलीस्कोप ने नेप्च्यून ग्रह की ऐसी तस्वीरें खींच निकाली, जो हमने कभी नहीं देखी थी

'बर्फ के दानव' की इतनी खूबसूरत तस्वीरें पहले कभी नहीं देखी गई थी.

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23 सितंबर 2022 (अपडेटेड: 23 सितंबर 2022, 09:19 PM IST)
nasa james webb space telescope captured neptune images after decades
तीस साल के बाद नेपच्यून की तस्वीरें (image:nasa)
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नासा (NASA) का जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (James Webb Space Telescope - JWST). नासा के सबसे बड़े और एडवांस्ड टेलीस्कोप्स में से एक है. इसने बर्फीले ग्रह नेप्च्यून की शानदार तस्वीरें ली हैं. 

नासा के मुताबिक, जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने पहली बार नेप्च्यून की तस्वीरें ली हैं. इससे पहले 1989 में यानी 33 साल पहले वॉयेजर 2 प्रोब ने नेप्च्यून की फोटो ली थी. ऐसी तस्वीरें ली हैं. इन तस्वीरों में इस बर्फीले ग्रह के रिंग्‍स एकदम स्पष्ट और चमकते हुए नजर आ रहे हैं. अभी तक नेप्च्यून ग्रह की सिर्फ नीली तस्वीर ही सामने आती रही है. ऐसे में नई तस्वीरों से इस ग्रह के बारे में और बातें पता चल सकती हैं.

नासा की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में इस बात की जानकारी दी गई है. नेप्‍च्‍यून एक्‍सपर्ट हीडी हैमेल  ने कहा,

'यह तीन दशकों में पहली बार है जब हमने इन नए, धूल भरे रिंग्‍स को देखा है और पहली बार है कि इस ग्रह को देखा गया है.' 

कई पतले रिंग्‍स के अलावा नई तस्‍वीरों से नेप्‍च्‍यून के हल्‍के धूल भरे बैंड्स भी नजर आ रहे हैं. इसके पहले सन 1989 में वॉयजर 2 प्रोब (Voyager 2) ने नेप्च्यून की फोटो ली थी. वॉयजर 2 प्रोब ने नेप्च्यून ग्रह के चारों तरफ एक धुंधली रोशनी के घेरे को देखा तो जरूर था, लेकिन तस्वीरें धुंधली थीं. 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नेप्‍च्‍यून हमारे सौर मंडल का सबसे दूर का ग्रह है. पहले प्लूटो था, पर अब वो ग्रहों में गिना नहीं जाता. खैर. धरती से नेप्च्यून की दूरी 432 करोड़ किलोमीटर है. ठंड, अंधेरा और सुपरसोनिक हवाओं से घिरे नेप्च्यून को 'बर्फ के दानव' के तौर भी जाना जाता है. ये ग्रह धरती की तरफ झुका हुआ है और सूरज का एक चक्‍कर पूरा करने में इसे 164 साल लगते हैं. जियोलॉजिस्‍ट्स को अभी इसके उत्‍तरी ध्रुव की कोई फोटोग्राफ या कोई जानकारी नहीं मिल पाई है.

हीडी हैमेल के मुताबिक, नेप्च्यून के चारों तरफ मौजूद धुंधले बैंड्स को हम पहली बार साफ तौर पर देख पा रहे हैं. ये छल्ले सामान्य तस्वीर में नजर नहीं आते, इसलिए जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप के इंफ्रा रेड तस्वीरों की मदद ली गई.

नेप्‍च्‍यून पर बहुत ज्यादा मात्रा में  मीथेन (Methane) है इसलिए ये आमतौर पर नीले बिंदू जैसा दिखता है. जेम्स वेब के इंफ्रा रेड कैमरा (NIRCam) ने इसके  चारों तरफ के छल्लों को सफेद रंग में दिखाया है. जेम्स वेब ने नेप्च्यून के 14 ज्ञात चंद्रमाओं में से सात की तस्वीर भी ली है, जिसमें इसका सबसे चमकदार चंद्रमा ट्राइटन (Triton) भी दिख रहा है.

बात करें जेम्स वेब की तो इसको अभी अंतरिक्ष में गए सिर्फ आठ महीने हुए हैं. लेकिन उसने दुनिया को अंतरिक्ष की एक नई दुनिया से रू-ब-रू करा दिया है. इससे पहले अगस्त महीने में इसने बृहस्पति ग्रह के ग्रेट रेड स्पॉट और औरोरा (ध्रुवीय रोशनी) की रंगीन तस्वीरें खींचकर सबका मन मोह लिया था. 

वीडियो: जेम्‍स वेब स्‍पेस टेलीस्‍कोप का कमाल

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