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IOC के इस वाले LPG सिलेंडर से गैस चुराना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है, बाकी खूबियां तो...

सिलेंडर का नाम है कंपोजिट सिलेंडर (composite cylinder) जिसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने बनाया है. ये वाला सिलेंडर सामान्य सिलेंडर्स की तुलना में काफी हल्का होता है. सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि इसके कई और फायदे हैं.

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Launched in September 2021, the cylinders provide a host of of benefits for users.
कंपोजिट सिलेंडर कई सारे फायदे के साथ आता है
12 मार्च 2024 (Updated: 12 मार्च 2024, 15:15 IST)
Updated: 12 मार्च 2024 15:15 IST
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LPG सिलेंडर कितने काम का है. ऐसा कोई सवाल पूछने या इसके बारे में सोचने पर भी लोग हंसने लगते हैं कि देखो इतना भी नहीं पता. कुछ तो यहां तक कह देंगे कि क्या वाहियात सवाल पूछा है. सभी को मालूम है कि सिलेंडर कितने काम का है. काम का तो है मगर शानदार-जबरदस्त-जिंदाबाद नहीं. क्योंकि एक तो भारी होता है दूसरा गंदा भी खूब होता है. सबसे बड़ी बात कितनी गैस है या कितनी बची है उसका पता चलता ही नहीं. मगर सोचकर देखिए अगर सिलेंडर (Indane composite cylinders) देखने में सुंदर लगे. वजन में हल्का हो और साथ में गैस कितनी है. वो भी पता चल जाये तो. 

आप सोचने का काम क्यों करते हो. हम आपको बता ही देते हैं. सिलेंडर का नाम है ‘कंपोजिट सिलेंडर’ जिसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने बनाया है. सबसे पहले तो आप इसकी तस्वीर देख लीजिए. ये असल तस्वीर है मतलब कोई AI का चक्कर नहीं. अब इसके फायदे भी बता देते हैं.

# सामान्य सिलेंडर्स की तुलना में काफी हल्का होता है. स्टील वाले सिलेंडर के मुकाबले करीब-करीब आधा है.

# कंपोजिट सिलेंडर में तीन परतें हैं. अंदर की तरफ ब्लो-मोल्डेड हाई-डेंसिटी पॉलीइथाइलीन ((HDPE) की लेयर जिसके ऊपर है पॉलीमर-रैप्ड फाइबर ग्लास (Fibre Glass) की परत. सबसे ऊपर की तरफ  HDPE आउटर जैकेट फिट है.

# इस सिलेंडर में जंग नहीं लगती है और फर्श पर कोई दाग या निशान पढ़ने का भी झंझट नहीं.

# सिलेंडर का कुछ हिस्सा पारदर्शी है. जिसकी वजह से गैस का स्तर भी दिख जाता है. इसके दो फायदे हैं. पहला ग्राहक को पता चल जाता है कि कितनी गैस बची है दूसरा जब नया सिलेंडर आता है तो तसल्ली रहती है. मतलब पूरा माल आया है. ये तो हो गए फीचर. अब इसको लेने की प्रोसेस भी जान लीजिए.

कैसे मिलेगा आपको 

बेहद आसान प्रोसेस है. आप चाहें तो अपने नॉर्मल सिलेंडर से कंपोजिट सिलेंडर पर शिफ्ट हो सकते हैं. नॉर्मल सिलेंडर जमा करने पर कंपोजिट सिलेंडर का कनेक्शन जारी हो जाएगा. कोई नया कागज-पत्री तो नहीं लगेगा मगर सिक्योरिटी डिपॉजिट, आम सिलेंडर के कनेक्शन की तुलना में ज्यादा रहेगा.

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कंपोजिट सिलेंडर 10 किलो और 5 किलो में उपलब्ध है. 10 किलो वाले सिलेंडर के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट 3000 रुपये है, जबकि 5 किलो वाले सिलेंडर के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट 2200 रुपये है. ये कीमत गैर-सब्सिडी वाली कैटेगरी के लिए है.   सिक्योरिटी डिपॉजिट का भुगतान केवल एक बार, कनेक्शन लेने के टाइम पर करना पड़ता है. 10 किलो वाले सिलेंडर को रिफिल कराने का दाम 721 रुपये है. हालांकि सिलेंडर के दाम बदलते रहते हैं इसलिए कीमत में फर्क हो सकता है.

अब क्या. जब पूरा किचन स्मार्ट हो गया है तो सिलेंडर भी स्मार्ट वाला ले आइए.

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