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Google Incognito पर पोर्न देखने वाले ये खबर पढ़ कर बाल नोच-नोच कर नाचेंगे

गूगल ने अमेरिकी कोर्ट में माना है कि वो साल 2016 से ही Incognito मोड पर यूजर की हर गतिविधि पर नजर रखता था. 45 हजार करोड़ रुपये के केस में कंपनी ने अब करोड़ों यूजर्स के डेटा को नष्ट करने को लेकर हामी भरी है.

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Google has agreed to destroy billions of data records that the tech giant "secretly collected" from users who used the 'Incognito' mode to browse the internet privately.
क्रोम के Incognito मोड की पोल-पट्टी खुल गई (तस्वीर: सोशल मीडिया)
2 अप्रैल 2024 (Updated: 3 अप्रैल 2024, 07:47 IST)
Updated: 3 अप्रैल 2024 07:47 IST
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Google बाबा या कहें Google Chrome का एक फीचर था Incognito मोड. इतना पढ़ते ही अगर आप कहोगे कि क्या बात कर रहे हो जनाब… फीचर तो अभी भी मौजूद है… मैंने अभी थोड़ी देर पहले इस्तेमाल किया है. तो बंधु आपकी बात भी सही और हमारी भी. दरअसल क्रोम ब्राउजर का सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला फीचर अब पहले जैसा बिल्कुल नहीं रहेगा. इसकी वजह बना है California के कोर्ट का एक फैसला. इस फैसले के बाद गूगल ने Incognito मोड का डेटा नष्ट करने की हामी भरी है.

क्या हुआ जोर का झटका जोर से लगा. Incognito मोड, डेटा, दावा, वादा, प्राइवेसी जैसे शब्द दिमाग में कौंध गए. पोर्न देखने वाले तो चिंता में पड़ गए होंगे. इसलिए तो हमने कहा कि फीचर अब है और था के बीच में झूलेगा. पोल-पट्टी जो खुल गई है. पूरा मामला बताते हैं, मगर नॉर्मल मोड में क्योंकि हमें आपसे कुछ नहीं छिपाना.

45 हजार करोड़ का मुकदमा

साल 2020, महीना जनवरी. अमेरिका के कैलिफोर्निया के फेडरल कोर्ट में गूगल पर मुकदमा किया गया. आरोप लगा कि गूगल Incognito मोड में भी यूजर का डेटा सेव करता है और सारी एक्टिविटी को ट्रैक करता है. गूगल 1 जून 2016 से ही यूजर्स की हर गतिविधी को ट्रैक कर रहा था. ऐसा आरोप लगाया गया. गूगल से कहा गया कि या तो वो कुल 5 अरब डॉलर (45 हजार करोड़ रुपये) का जुर्माना भरे, या हर यूजर को 5000 डॉलर (4 लाख रुपये से ज्यादा) का हर्जाना दे. आगे क्या हुआ उसके पहले जरा Incognito मोड इस्तेमाल करने वालों से पूरी हमदर्दी रखते हुए थोड़ा इसके बारे में बता देते हैं.

Incognito मोड मतलब एक ऐसा जादुई लबादा जो यूजर की हर गतिविधि को छिपाकर रखता है. एक ऐसी खुफिया खिड़की जिसके अंदर आपके सिवा कोई जा ही नहीं सकता. इस मोड में आप क्या सर्च करते वो सिर्फ आपको पता. मतलब ब्राउज़िंग हिस्ट्री वाली सारी मिस्ट्री सॉल्व.

ऐसा माना जाता था. और पोर्न देखने वालों के लिए Incognito मोड वरदान से कम नहीं था.

लाइन हमने बोल्ड कर दी. हालांकि केस दर्ज होने के बाद गूगल ने गूगल जैसा ही रुख अपनाया. मतलब जैसे हमेशा होता आया है, उसने ऐसा कुछ भी होने से इंकार किया. इसके साथ उसने थोड़ी होशियारी भी दिखाई. उसने बहुत महीन अक्षरों में अपने ब्राउजर की शर्तों में जोड़ा

"Others who use this device won't see your activity, so you can browse more privately."

माने कि इस डिवाइस का उपयोग करने वाले अन्य लोग आपकी गतिविधि नहीं देखेंगे, इसलिए आप अधिक निजी रूप से ब्राउज़ कर सकते हैं.

ये लाइन जोड़ना गूगल बाबा पर भारी पड़ गया. तमाम जांच के बाद पता चला कि जो आरोप थे वो सही निकले. अब जाकर गूगल ने कोर्ट में कहा है कि वो Incognito मोड के करोड़ों-अरबों यूजर्स का डेटा नष्ट करेगा. इस फैसले से आप डेटा डिलीट होने पर खुश हो सकते हैं या एक्टिविटी रिकॉर्ड होने पर दुखी.

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फिर से हमदर्दी मगर गूगल के लिए नहीं…

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