एसिड अटैक से बचे, वर्ल्ड कप में इतिहास रच दिया, योआने विस्सा की कहानी रुला देगी
FIFA World Cup 2026: DR Congo 1974 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप में पहुंचा है. Yoane Wissa ने देश के लिए वर्ल्ड कप का पहला गोल किया.

एक फुटबॉलर है जो फ्रांस में जन्मा, और अब डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DR Congo) के लिए खेल रहा है. करियर गोलकीपर की तरह शुरू किया, पर अब अटैकिंग प्लेयर है. उसका अटैक क्रिस्टियानो रोनाल्डो की पुर्तगाल भी नहीं रोक पाई. इस प्लेयर ने FIFA World Cup में 52 साल बाद एक बड़ा रिकॉर्ड बना दिया. एसिड अटैक सर्वाइव करने वाले कांगो के योआने विस्सा (Yoane Wissa) की कहानी ऐसी है कि नेटफ्लिक्स की मूवी बन जाए.
FIFA World Cup 2026 में एक ऐसा पल आया जिसने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के लोगों और टीम की छाती चौड़ी कर दी. कांगो की टीम 52 साल बाद वर्ल्ड कप में खेल रही थी. सामने थी मजबूत पुर्तगाल की टीम. जिसमें क्रिस्टियानो रोनाल्डो जैसे स्टार खिलाड़ी थे.
मैच के शुरू में ही पुर्तगाल ने गोल कर दिया. लेकिन कांगो के प्लेयर्स ने इसे प्रेशर की तरह नहीं लिया. इंजरी टाइम में न्यूकैसल युनाइटेड के स्ट्राइकर योआने विस्सा ने शानदार हेडर से गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया.
इस गोल ने न सिर्फ कांगो को वर्ल्ड कप का पहला गोल दिलाया, बल्कि टीम को ऐतिहासिक ड्रॉ भी दिला दिया. 29 साल के विस्सा उस पल पूरे स्टेडियम के हीरो बन गए. और अपने देश की शान.
लेकिन विस्सा की कहानी सिर्फ फुटबॉल की नहीं है. ये संघर्ष, हिम्मत और वापसी की मिसाल है.
2021 का वो भयानक दिन2021 में विस्सा फ्रांस के क्लब लोरिएंट में खेल रहे थे. वो प्रीमियर लीग क्लब ब्रेंटफोर्ड में रिकॉर्ड 8.5 मिलियन पाउंड के ट्रांसफर के लिए जाने वाले थे. इसी बीच उनके घर पर एक जानलेवा हमला हुआ. एक महिला खुद को फैन बताकर उनके घर आई. ऑटोग्राफ लेने का बहाना बनाया और अचानक उनके चेहरे पर एसिड फेंक दिया. उस समय विस्सा के परिवार के सदस्य भी घर पर मौजूद थे.
इतना ही नहीं, महिला ने उनकी बेटी को अगवा करने की कोशिश भी की. विस्सा ने बाद में कोर्ट में बताया,
“मैंने दरवाजा खोला और मेरे चेहरे पर कुछ लिक्विड जैसा फेंक दिया गया. मैं चीख उठा, सांस नहीं ले पा रहा था. मेरी पत्नी ने इमरजेंसी को फोन किया. जिसके बाद हॉस्पिटल ले जाया गया. डॉक्टरों ने बताया कि मेरी आंखें जल गई हैं. हर घंटे उन्हें धोना पड़ता था. ये मेरे लिए नाइटमेयर था.”
विस्सा को दोनों आंखों की सर्जरी करानी पड़ी. डॉक्टरों ने कहा कि अब उन्हें पूरी जिंदगी आई ड्रॉप्स लगानी पड़ेंगी. विस्सा ने कहा कि पूरी विजन वापस आने में 6 महीने लग गए. अगर समय पर इलाज न मिलता तो स्थिति और भी खराब हो सकती थी.
इस हमले के बाद विस्सा ब्रेंटफोर्ड देर से जा पाए. प्री-सीजन मिस कर दिया. लेकिन कोच थॉमस फ्रैंक ने उन्हें सपोर्ट किया. विस्सा बताते हैं,
“मैं फुटबॉलर से ज्यादा पिता की तरह सोच रहा था. कम से कम मेरे बच्चे सुरक्षित हैं.”
कोर्ट ने आरोपी महिला को इस मामले में 18 साल की सजा सुनाई. विस्सा ने कहा कि अब वो अनजान लोगों के आसपास घबरा जाते हैं. उनके बच्चे पूछते हैं कि चेहरे पर क्या हुआ है, लेकिन वो छोटे हैं इसलिए कुछ नहीं बता पाते.
लोरिएंट के तत्कालीन कोच क्रिस्टोफ पेलिसियर ने अस्पताल में उनसे मुलाकात की थी. उन्होंने बाद में कहा,
क्लब करियर का सफर“शारीरिक और मानसिक रूप से प्रभावित होने के बावजूद योआने ने गजब का जज्बा दिखाया. उनकी मजबूत इच्छाशक्ति ने मुझे हैरान किया.”
फ्रांस में चाटोरो, एंगर्स, लावल, अजासियो और लोरिएंट जैसी क्लबों में खेलने के बाद विस्सा 2021 में ब्रेंटफोर्ड पहुंचे. वहां उन्होंने 2021 से 2025 तक 149 मैच खेले और 49 गोल किए. फिर 55 मिलियन पाउंड के करीब के ट्रांसफर के साथ न्यूकैसल युनाइटेड पहुंचे. हालांकि घुटने की चोट की वजह से वहां ज्यादा मैच नहीं खेल पाए. फिर भी नंबर 9 जर्सी (अलान शियरर वाली) पहनकर उन्होंने फुलहम के खिलाफ गोल किया. शियरर से मैसेज मिलने पर वो बहुत खुश हुए.
कांगो 1974 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप में पहुंचा है. इबोला महामारी और घर न होने जैसी मुश्किलों के बावजूद टीम ने क्वालीफाई किया. विस्सा ने अफ्रीकन नेशंस कप मिस कर क्लब को प्राथमिकता दी थी, लेकिन वर्ल्ड कप में उन्होंने देश के लिए सब कुछ झोंक दिया.
पुर्तगाल के खिलाफ जोआओ नेवेस ने 6वें मिनट में गोल किया. पूरा मैच पुर्तगाल की टीम ने प्रेशर बनाए रखा, लेकिन विस्सा ने हाफ टाइम से ठीक पहले हेडर से बराबरी कर दी. ये गोल कांगो के लिए उतना ही ऐतिहासिक है, जितना विस्सा के लिए.
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