रोहित का ODI वर्ल्ड कप जीतने का सपने 2011 में क्यों नहीं पूरा हुआ? पूर्व सेलेक्टर ने बताया
रोहित का वनडे वर्ल्ड कप जीतने का ख्वाब 2011 में ही पूरा हो सकता था. भारत तब वर्ल्ड चैंपियन बना था, लेकिन रोहित टीम का हिस्सा नहीं थे. उन्हें इस बात का बहुत अफसोस भी रहता है. अब उनके सेलेक्शन न होने की वजह सामने आई है.

19 नवंबर 2023 का दिन, जितना भारतीय फैंस के लिए दुखद था उतना ही उस समय टीम के कप्तान रहे रोहित शर्मा के लिए भी. जब भी रोहित शर्मा से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उस फाइनल पर बात की जाती है, वह भावुक नजर आते हैं. रोहित के करियर में एक वनडे वर्ल्ड कप की कमी थी, जो आज भी है. इन दिनों वह इसी को खत्म करने की कोशिश में लगे हुए हैं. चाहे फिटनेस और फॉर्म. वो 2027 वर्ल्ड कप खेलने के लिए सब कुछ कर रहे हैं. लेकिन रोहित का यह ख्वाब 2011 में ही पूरा हो सकता था. भारत तब वर्ल्ड चैंपियन बना था, पर रोहित टीम का हिस्सा नहीं थे. रोहित को इस बात का अफसोस भी है. वो उस टीम का हिस्सा क्यों नहीं थे, इसकी वजह सामने आई है. 2011 की वर्ल्ड चैंपियन टीम चुनने वाले सेलेक्टर क्रिस श्रीकांत ने रोहित को ड्रॉप करने की वजह बताई है.
श्रीकांत ने मांगी माफीद वीक के पॉडकास्ट में श्रीकांत ने रोहित के सलेक्शन पर कहा,
रोहित को क्यों नहीं मिला मौका?वह मौका मिस कर गया. मुझे आज भी उनके लिए बुरा लगता है. मैंने 2020 में एक दिन रोहित से कहा था, … माफ़ करना, बॉस. यह जानबूझकर नहीं था, लेकिन बात बस इतनी थी कि हम उन ‘हाफ़ ऑलराउंडर्स’ (आधे-अधूरे ऑलराउंडर्स) को टीम में लेना चाहते थे. टीम ऐसे ही हाफ ऑलराउंडर्स से भरी हुई थी.
श्रीकांत ने बताया कि वह 1983 जैसी टीम तैयार करने चाहते थे, जिसमें कई ऑलराउंडर्स हों. उन्होंने कहा,
अगर आप 1983 का वर्ल्ड कप देखें तो रोजर बिन्नी एक ऑलराउंडर थे, और मेन ऑलराउंडर कपिल देव थे… श्रीकांत, किरमानी और सुनील गावस्कर को छोड़कर, उस वर्ल्ड कप में हर किसी ने गेंदबाजी की थी. तो हमारी सोच भी कुछ वैसी ही थी. और आप देखिए, आखिर में ‘मैन ऑफ़ द टूर्नामेंट’ कौन बना? युवराज सिंह. जिन्होंने गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों में इंप्रेस किया… इस ‘हाफ़ ऑलराउंडर’ के कॉन्सेप्ट की वजह से रोहित शर्मा को टीम में जगह नहीं मिल पाई.
श्रीकांत ने रोहित शर्मा को सेलेक्ट न करने के लिए माफी भी मांगी. उन्होंने बताया कि वो रोहित से इस बात को लेकर माफी मांग चुके हैं. श्रीकांत ने कहा,
ऐसा नहीं था कि रोहित अच्छा नहीं खेल रहा था. असल में वह 2011 का वर्ल्ड कप खेलने के काबिल था. लोग कहते हैं 'अरे, हम उस समय रोहित को कैसे छोड़ सकते थे?' लेकिन फिर उसकी जगह किसे लेते? वह किसकी जगह ले सकता था? हमें नहीं पता.. अगर आप रोहित से पूछें, आज भी हर इंटरव्यू में वह यही कहेगा कि उसकी सबसे बड़ी निराशा 2011 वर्ल्ड कप का हिस्सा न बन पाना है. मैंने उसके सामने उससे सॉरी बोला था.
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रोहित शर्मा का अब पूरा ध्यान 2027 वर्ल्ड कप पर है. वह लगातार यह कहते रहे हैं कि उनकी नजर में वनडे वर्ल्ड कप की अलग अहमियत है, और वह अपने इस सपने को पूरा करना चाहते हैं. भले ही वह बतौर कप्तान ऐसा न कर पाए हों, लेकिन बतौर खिलाड़ी वह ये अचीवमेंट हासिल करना चाहते हैं.
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