The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Sports
  • why IPL 2026 boring impact player 200 run chase making things worst

IPL 2026 क्यों इतना बोरिंग हो रहा है? इंपैक्ट प्लेयर, 200+ के चेज ने बेड़ा गर्क कर दिया!

IPL 2026 : इस सीजन क्यों मुकाबले देखने में नहीं आ रहा मजा? MS Dhoni, Rohit Sharma की इंजरी के अलावा क्या है बड़े फैक्टर्स?

Advertisement
pic
2 मई 2026 (पब्लिश्ड: 08:30 AM IST)
IPL 2026, Rohit Sharma, MS Dhoni
एमएस धोनी इस सीजन अब तक एक भी मैच नहीं खेले हैं. (फोटो-PTI)
Quick AI Highlights
Click here to view more

मई आ गया है. मतलब IPL भी अपने सेकेंड हाफ में पहुंच गया है. अमूमन हर साल मई आते-आते IPL का सुरूर अपने चरम पर होता था. लेकिन एक बात बताइए, क्या इस बार मैच देखते-देखते आपको भी उबासी आ रही है?

अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं. IPL 2026 का सीज़न अब तक कई क्रिकेट फैंस को एक लंबी और बोरिंग वेब सीरीज़ जैसा लग रहा है, जिसका क्लाइमैक्स पहले से ही पता हो. आखिर दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग का रोमांच इस साल म्यूट क्यों हो गया है? वैसे वजहें तो कई सारी हैं. लेकिन, एक-एक करके सबका पोस्टमार्टम करते हैं.

धोनी-रोहित वाला फैक्टर

IPL 2026 के ठंडा पड़ने के पीछे एम एस धोनी और रोहित शर्मा वाला फैक्टर भी शामिल है. IPL के दो सबसे बड़े कप्तान इस सीजन चोटिल हैं. धोनी तो इस सीजन अब तक आए ही नहीं हैं. वहीं, रोहित शर्मा भी पिछले 4 मैचों से गायब हैं. 

यही हाल दोनों सबसे सफल टीमों मुंबई और चेन्नई का भी है. इनके फैन्स के लिए तो ये सीजन खत्म हो चुका है. कोलकाता के लिए भी कहानी अलग नहीं है. फैन्स ने तो ये मान लिया है कि इस सीजन अब वो धोनी को नहीं देख पाएंगे. 

इंपैक्ट प्लेयर ने मज़ा खत्म कर दिया

हालांकि, फैक्टर्स तो कई हैं. ये सिर्फ किसी एक या दो प्लेयर तक सीमित नहीं है. इसके पीछे कई क्रिकेटिंग कारण भी हैं. 

एक वक्त था जब क्रिकेट बैट और बॉल के बीच की बराबर की टक्कर हुआ करती थी. लेकिन जब से ये इंपैक्ट प्लेयर वाला नियम लागू हुआ है, क्रिकेट का असली मज़ा ही गायब हो गया है. टीमों को पता है कि उनके पास 8वें-9वें नंबर तक बैटिंग है. नतीजा? ओपनर्स बिना किसी डर के पहले ओवर से ही आंख बंद करके बल्ला घुमाते हैं.

इसका असर पावरप्ले पर भी पड़ा है. पावरप्ले अब एकदम प्रिडिक्टेबल हो गया है. कोई सस्पेंस ही नहीं बचा है कि विकेट गिरेगा तो टीम कैसे संभलेगी. बॉलर्स बेचारे बस बॉलिंग मशीन बनकर रह गए हैं, जिनका काम सिर्फ पिटना रह गया है.

ये भी पढ़ें : RR के कोच रियान पराग से खुश नहीं! वेपिंग विवाद पर क्या बोले संगाकारा?

200 रन तो बिल्कुल हलवा हो गए हैं

याद कीजिए वो दौर जब स्कोरबोर्ड पर 160-170 रन लग जाते थे, तो दूसरी टीम के पसीने छूट जाते थे. 180+ मतलब मैच मुट्ठी में. लेकिन IPL 2026 ने क्रिकेट के इस ग्रामर को ही फाड़कर फेंक दिया है. 

इस सीज़न अब तक 20 से ज्यादा ऐसे मुकाबले हो चुके हैं, जहां टीमों ने 200 से ज्यादा का पहाड़ जैसा स्कोर मजे-मजे में चेज कर लिया. अब ये हाई स्कोरिंग गेम रोमांचक कम और बुक क्रिकेट ज्यादा लगने लगे हैं, जहां हर पन्ने पर सिर्फ चौका-छक्का लिखा है. हर मैच में अगर 250 रन बनने लगेंगे तो उसकी क्या ही वैल्यू होगी? 

नेल बाइटिंग फिनिश तो गुजरे जमाने की बात

IPL की असली टीआरपी आखिरी ओवर का रोमांच था. वो नेल बाइटिंग फिनिश, जिसमें टीवी के सामने बैठे दर्शक अपने नाखून चबा जाते थे. इस बार क्या हो रहा है? या तो एक टीम दूसरी को एकतरफा पीट दे रही है. या फिर चेज करने वाली टीम 18वें ओवर तक मैच खत्म कर पवेलियन लौट जा रही है. धक-धक करने वाला रोमांच तो बिल्कुल नदारद है.

इस सीजन गिने-चुने मैच ही हुए हैं, जिनमें कांटे की टक्कर नज़र आई. जैसे लखनऊ-कोलकाता वाला मैच. पहली बार मुकुल चौधरी हीरो बने. दूसरी बार सुपर ओवर में मैच पहुंचा. हालांकि, सुपर ओवर भी एकतरफा ही हुआ. इसके अलावा दिल्ली और गुजरात का लास्ट बॉल थ्र‍िलर छोड़ दें तो बाकी मुकाबले एकतरफा ही हुए हैं.

अंडरडॉग वाली कहानियां भी नदारद 

IPL का टैगलाइन है, जहां टैलेंट को अवसर मिलता है. यही इसकी खूबसूरती भी थी. रातों-रात किसी अंडरडॉग का हीरो बन जाना. कोई नया लड़का आता था और दिग्गजों के विकेट उखाड़ देता था.

इस सीज़न में अब तक ऐसे अंडरडॉग परफॉर्मेंस कम ही देखने को मिले हैं. प्रफुल्ल हिंगे और साकिब हुसैन को छोड़ दें तो नए बॉलर्स ने बहुत खास प्रदर्शन नहीं किया है. वहीं, बैटिंग में मुकुल चौधरी और सलिल अरोड़ा की एकाध पारी ही आई हैं, जिन्होंने सबका ध्यान खींचा. नहीं तो सब कुछ पहले से तय किसी उबाऊ स्क्रिप्ट जैसा लग रहा है.

कुल मिलाकर बात इतनी है कि टी20 क्रिकेट का मतलब सिर्फ स्टैंड्स में गेंद पहुंचाना नहीं होता. जब तक बॉल बैट को चकमा नहीं देगी. यॉर्कर पर गिल्लियां नहीं उड़ेंगी. आखिरी बॉल पर 4 रन बचाने का प्रेशर नहीं होगा. तब तक IPL का वो पुराना वाला नशा वापस नहीं आएगा. सिर्फ रनों की बारिश से दर्शकों की प्यास नहीं बुझती. उन्हें क्रिकेट का असली कॉन्टेस्ट चाहिए.

वीडियो: भुवनेश्वर कुमार ने एक बार फिर 3 विकेट झटके, कौन सा रिकॉर्ड तोड़ा?

इस पोस्ट से जुड़े हुए हैशटैग्स

Advertisement

Advertisement

()