IPL 2026 में क्यों सफल रहे भुवनेश्वर कुमार? फाइनल में भी GT के लिए हैं सबसे बड़ा खतरा
IPL 2026 : RCB के स्ट्राइकर बॉलर Bhuvaneshwar Kumar इस सीजन जबरदस्त फॉर्म में हैं. पर्पल कैप की रेस में भी भुवी Kagiso Rabada के बाद दूसरे नंबर पर चल रहे हैं. भुवी ने इस सीजन अब तक 15 मुकाबलों में 26 विकेट चटकाए हैं.

IPL 2026 में भुवनेश्वर कुमार (Bhuvneshwar Kumar) कमाल कर रहे हैं. RCB के स्ट्राइकर पेसर ने समय का पहिया 10 साल पीछे घुमा दिया है. दो बार के पर्पल कैप विनर भुवनेश्वर कुमार तीसरी बार भी ये कारनामा कर सकते हैं. हालांकि, 36 साल के भुवनेश्वर को देखकर ये बिल्कुल नहीं लगता कि वो 4 साल से इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर हैं.
RCB लगातार दूसरे साल फाइनल में है. इसका बहुत बड़ा श्रेय भुवी को भी जाता है. इस सीजन भुवी ने कुल 26 विकेट निकाले हैं. इनमें कई विकेट्स उन धुरंधरों के भी हैं, जो इस सीजन छाए रहे. भले ही इसमें वैभव सूर्यवंशी का नाम नहीं है.
लेकिन, उनके अलावा जेन नेक्स्ट के हीरो प्रभसिमरन, प्रियांश, म्हात्रे, रिजवी सबको भुवी ने पवेलियन की राह दिखाई है. क्वालिफायर 1 में उन्होंने गुजरात टाइटंस के कप्तान शुभमन गिल को भी चारों खाने चित कर दिया था.
भुवी ने रणनीति में किया है बदलावइस सीजन भुवी की बॉलिंग पर नज़र डालें तो इसमें एक खास बात नज़र आ रही है. अमूमन आगे से बॉल को स्विंग कराने के लिए मशहूर भुवी इस बार अपनी रणनीति बदल चुके हैं.
इस सीजन भुवी ने अपनी पारंपरिक फुलर लेंथ की जगह गुड लेंथ और बैक ऑफ लेंथ का ज्यादा इस्तेमाल किया है. इसे अमूूमन टेस्ट बॉलिंग लेंथ माना जाता है. लेकिन, भुवी ने इस सीजन इसका खूब इस्तेमाल किया है. यही उनकी सफलता का भी राज रहा है.
भुवी अमूमन IPL में किफायती ही रहते हैं. लेकिन, इस सीजन वो अपने ओवरऑल IPL इकॉनमी 7.72 की आसपास ही बॉलिंग करते नज़र आए हैं. इस सीजन भुवी ने 8 की इकॉनमी से रन दिए हैं. ये पिछले 3 साल में उनकी सबसे किफायती बॉलिंग रही है.
इस दौरान उनका औसत भी 18.15 का रहा है. ये उनके 16 साल के IPL करियर में भी थर्ड बेस्ट रहा है. इससे पहले, 2017 में उन्होंने सबसे शानदार 14.19 और 2014 में 17.70 के औसत से बॉलिंग की थी.
(नोट : ये ग्राफिक Cricinfo के आंकड़े के हिसाब से AI Generated है)
भुवी ने सफलता पर क्या बताया?खुद भुवी ने इस सीजन अपनी सफलता को लेकर बात की है. उन्होंने यंग्सटर्स में एक बड़ी खामी ढूंढी है. उनके मुताबिक, नेक्स्ट जेन प्लेयर्स जरूर निडर होकर बैटिंग करना पसंद करते हैं. लेकिन, वो अक्सर एक ही जगह से खड़े होकर बड़े शॉट्स लगाते हैं.
इसके कारण फुलर लेंथ बॉल पर वो स्विंग को मैनेज कर लेते हैं. लेकिन, टेस्ट लाइन की बॉल अगर उनके रीच से पहले ही हरकत करे तो वो मुश्किल में फंस जाते हैं. इसके लिए उन्हें अपनी जगह से निकलना पड़ता है और वो वहीं गच्चा खा जाते हैं.
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भुवी ने अपने इसी अस्त्र का इस्तेमाल इस सीजन खूब किया है. अगर पिछले कुछ सीजन से तुलना करें तो इस सीजन भुवी ने ज्यादा गेंदें गुड लेंथ और बैक ऑफ लेंथ पर डाली हैं. वहीं, इससे पहले वो फुलर लेंथ पर स्विंग को अपना हथियार बनाते आए थे.
(नोट : ये ग्राफिक Cricinfo के आंकड़े के हिसाब से AI Generated है)
अहमदाबाद में फिर अहम होंगे भुवीअब फाइनल में अहमदाबाद की भी पिच उन्हें खूब रास आने वाली है. वैसे इस पिच पर पिछली बार जब RCB और GT आमने-सामने हुई थीं. तब बाजी GT ने ही मारी थी. लेकिन, भुवी का जलवा उस मुकाबले में भी देखने को मिला था.
GT का टॉप ऑर्डर उनका सबसे प्रमुख अस्त्र है. लेकिन, उस मुकाबले में भुवी ने तीनों टॉप ऑर्डर बैटर को अपना शिकार बनाया था. इसमें दोनों ओपनर शुभमन गिल और साई सुदर्शन के अलावा नंबर 3 जोस बटलर का भी विकेट शामिल था. इस सीजन GT के लिए अधिकांश रन इन्हीं तीनों बैटर ने बनाए हैं.
ऐसे में एक बार फिर अहमदाबाद में उसी पिच पर दोनों टीमें आमने-सामने होंगी तो नज़रें स्विंग के सुल्तान भुवनेश्वर कुमार पर ही होंगी. भुवी ने जिस तरह इस सीजन में अपना पुराना अंदाज दिखाया है. GT और IPL टॉफी के बीच ये अनुभवी बॉलर ही खड़ा नज़र आता है.
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