टेप बॉल से टेस्ट स्टार बना, पाकिस्तान को घुटनों पर लाने वाले बांग्लादेशी पेसर की कहानी
नाहिद राणा 145 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से लगातार बॉलिंग कराते हैं. 150 kmph का आंकड़ा भी पार कर चुके हैं. 2024 में टेस्ट डेब्यू के बाद से उन्होंने 11 टेस्ट मैचों में 33 विकेट लिए हैं.

नाहिद राणा. बांग्लादेश क्रिकेट का नया स्टार. 23 साल के इस युवा पेसर को अब क्रिकेटिंग वर्ल्ड में हर कोई पूछ रहा है. पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में नाहिद राणा ने धमाकेदार प्रदर्शन किया. मैच की दूसरी इनिंग्स में 5 विकेट लिए और बांग्लादेश को 104 रनों से शानदार जीत दिलाई. ये बांग्लादेश की पाकिस्तान के खिलाफ लगातार तीसरी टेस्ट जीत है.
मीरपुर में खेले गए इस मैच में बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 268 रनों का टारगेट दिया. पाकिस्तान की टीम किसी तरह दो सेशन निकालने की कोशिश कर रही थी, लेकिन नाहिद राणा की जलती हुई बॉलिंग ने सब बदल दिया. लंच के ठीक पहले इमाम-उल-हक आउट हुए. टी ब्रेक तक पाकिस्तान 4 विकेट पर 116 पर था. तभी राणा ने कप्तान शान मसूद को पवेलियन भेज दिया.
टी के बाद नाहिद राणा की धार दिखी. सऊद शकील, मोहम्मद रिजवान, नोमान अली और शाहीन शाह अफरीदी के विकेट लिए. उन्होंने अपने करियर की बेस्ट बॉलिंग कराई. 40 रन देकर 5 विकेट लिए.
नाहिद राणा 145 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से लगातार बॉलिंग कराते हैं. 150 kmph का आंकड़ा भी पार कर चुके हैं. 2024 में टेस्ट डेब्यू के बाद से उन्होंने 11 टेस्ट मैचों में 33 विकेट लिए हैं. जिसमें दो फाइफर (5 विकेट हॉल) शामिल हैं.
नाहिद राणा की कहानीनाहिद राणा का जन्म बांग्लादेश के राजशाही में हुआ, जो भारत की सीमा के पास है. वहां क्रिकेट ज्यादा पॉपुलर नहीं है. ये जगह आमों के लिए फेमस है. नाहिद के पिता चाहते थे कि वो पढ़ाई पर ध्यान दें, लेकिन नाहिद को क्रिकेट से बेहद लगाव था. शुरू में वो टेप बॉल (टेप लगी टेनिस बॉल) से क्रिकेट खेलते थे. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक नाहिद कहते हैं,
“बचपन में मुझे लगता था कि मैं आसपास के बाकी लड़कों से ज्यादा तेज गेंद फेंकता हूं. मेरी हाइट की वजह से गेंद अच्छी बाउंस लेती थी.”
उन्होंने एज ग्रुप में ज्यादा नहीं खेला. लेकिन एक टूर्नामेंट में उनकी पेस बॉलिंग ने सबका ध्यान खींचा. पूर्व टेस्ट तेज गेंदबाज आलमगीर कबीर क्लेमॉन एकेडमी चलाते हैं. वो बताते हैं,
“हमें पेसर की जरूरत थी. लोकल कोच ने नाहिद को भेजा. विकेटकीपर ने कहा कि पहली चार गेंद तो वो देख ही नहीं पाया. मैंने खुद एक गेंद पर कीपिंग की तो मुझे भी कुछ नजर नहीं आया.”
इसी तरह नाहिद की प्रतिभा सामने आई.
बांग्लादेश क्रिकेट में पहले ज्यादातर स्पिनरों पर भरोसा किया जाता था, खासकर लेफ्ट आर्म स्पिनर. तेज गेंदबाज नई गेंद से कुछ ओवर फेंककर निकल जाते थे. पर अब कहानी बदल गई है. नाहिद, तस्कीन अहमद, शोरिफुल इस्लाम जैसे गेंदबाज टीम को नई ताकत दे रहे हैं. BCB डायरेक्टर नजमुल आबेदीन फाहिम कहते हैं,
नाहिद की खासियत“150 kmph की गेंद फेंकता बांग्लादेशी गेंदबाज देखना रोमांचक है. पहले एक मीडियम पेसर होता था, बाकी स्पिनर. अब तेज गेंदबाजों ने हमारी अटैक में पेनिट्रेशन और वैरायटी जोड़ दी है.”
नाहिद की सबसे बड़ी खूबी उनका स्मूथ रन-अप है. उनका रन-अप बहुत साफ और पावरफुल है. कलाई की पोजीशन और जंप से गेंद को तेजी मिलती है. वो बाउंसर और शॉर्ट बॉल भी काफी कंट्रोल के साथ फेंकते हैं. नाहिद ने कोर्टनी वॉल्श जैसे कोच के साथ काम किया. वो कहते हैं,
“स्पीड मुझे सरप्राइज नहीं करती. मैं मेहनत करता हूं, सही खाता हूं और फिट रहता हूं. मैं किसी का रिकॉर्ड तोड़ना नहीं चाहता, अपना रिकॉर्ड बनाना चाहता हूं.”
नाहिद का सपना टीम को बड़ी ट्रॉफी जिताना है. वो कहते हैं, “टीम के लिए ट्रॉफी जीतने से बड़ा कुछ नहीं.”
पाकिस्तान के खिलाफ ये जीत बांग्लादेश के लिए ऐतिहासिक है. घरेलू मैदान पर पाकिस्तान के खिलाफ टीम की ये पहली टेस्ट जीत है. नजमुल हुसैन शांतो प्लेयर ऑफ द मैच रहे. उन्होंने मैच की पहली पारी में 101 और दूसरी इनिंग में 87 रनों की पारी खेली.
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