वानखेड़े में फिर से 2016 रिपीट होगा? मैदान भारत से ज्यादा इंग्लैंड के लिए लकी साबित हुआ है
भारत और इंग्लैंड के बीच सेमीफाइनल मुकाबला वानखेड़े के मैदान में है. भारत इस टूर्नामेंट में डिफेंडिंग चैंपियन है और टाइटल बचाने की कोशिश में है. लेकिन पिछले कुछ दशकों से अगर देखें तो इंग्लैंड यहां पर इक्कीस साबित हुआ है, जिससे होम ग्राउंड का एडवांटेज मिलने के चांस कम ही लगते हैं.

T20 World Cup 2026 के सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला इंग्लैंड के वानखेड़े स्टेडियम में होना है. क्रिकेट फैन्स जानते हैं कि इस स्टेडियम में 2016 में इंडियन टीम के साथ क्या हुआ था. 2016 के T20 वर्ल्ड कप की फेवरेट मानी जा रही भारतीय टीम को वेस्टइंडीज ने बुरी तरह हराया था. भारत इस साल भी टूर्नामेंट का फेवरेट माना जा रहा है. लेकिन वानखेड़े में इंग्लैंड के खिलाफ इतिहास भारत के लिए चिंता का सबब बन सकता है.
भारत इस टूर्नामेंट में डिफेंडिंग चैंपियन है और टाइटल बचाने की कोशिश में है. ये सेमीफाइनल जीतकर भारत पहली बार T20 वर्ल्ड कप का टाइटल डिफेंड करने के एक कदम आगे जा सकता है. लेकिन पिछले कई दशकों में इंग्लैंड ने वानखेड़े में भारत को कई बार हराया है, जिससे होम ग्राउंड का एडवांटेज मिलने के चांस कम ही लगते हैं.
टेस्ट मैचों में इंग्लैंड की जीतें1980 का गोल्डन जुबली टेस्ट
ये मैच BCCI के 50 साल पूरे होने पर खेला गया था. लेकिन इंग्लैंड के ऑलराउंडर इयान बॉथम ने कमाल कर दिया. उन्होंने बल्ले से 114 रन बनाए और गेंद से 13 विकेट लिए. पहली पारी में 6 और दूसरी में 7.
भारत 242 पर ऑलआउट करने के बाद एक वक्त इंग्लैंड की टीम 58 रन पर 5 विकेट खो चुकी थी. लेकिन फिर आए इयान बॉथम. उन्होंने कीपर बॉल टेलर के साथ 171 रन जोड़ दिए. इंग्लैंड ने ये मैच 10 विकेट से मैच जीता था.
एक खास बात. भारत के कप्तान गुंडप्पा विश्वनाथ ने बॉब टेलर को आउट होने के बाद वापस बुला लिया था. ये आज भी याद किया जाता है.
2006 टेस्ट
इंग्लैंड की कप्तानी पहली बार एंड्र्यू फ्लिंटॉफ कर रहे थे. माइकल वॉन और मार्कस ट्रेस्कॉथिक सीरीज से नाम वापस ले चुके थे. सीरीज का आखिरी टेस्ट था. इंग्लैंड मोहाली में 9 विकेट से हारी थी.
एंड्र्यू स्ट्रॉस ने इस मैच की पहली पारी में शतक लगाया. कप्तान फ्लिंटॉफ ने दोनों पारियों में 50+ स्कोर किए और चौथी पारी में तीन विकेट लिए. शॉन उदाल नाम के ऑफ स्पिनर ने मैच के आखिरी दिन 14 रन देकर 4 विकेट लेकर भारत को 313 रनों के टारगेट में 100 पर ढेर कर दिया. इंग्लैंड ने ये मैच 212 रनों से जीता और सीरीज 1-1 से बराबर रही.
2012 टेस्ट
इस बार इंग्लैंड के नए कप्तान एलिस्टेयर कुक थे. भारत स्पिन ट्रैक पर इंग्लैंड को फंसा लेगा, ऐसा लग रहा था. भारत सीरीज का पहला टेस्ट जीत चुकी था. लेकिन वानखेड़े में कहानी पलटी.
भारत ने पहली पारी में 327 रन बनाए. पुजारा ने 135 रनों की शानदारी पारी खेली. लेकिन इंग्लैंड के लिए कुक ने भी 122 रन लगा दिए. और केविन पीटरसन ने यादगार 186 रन की पारी खेली. जो कि उनकी सबसे शानदारी पारियों में से एक है.
मैच में स्पिनर ग्रेम स्वान और मोंटी पनेसर ने भारत को दूसरी पारी में 142 पर समेट दिया. स्वान और पनेसर ने 4-4 विकेट अपने नाम किए. भारत 142 रनों पर ऑलआउट हो गया. इंग्लैंड ये मैच 10 विकेट से जीता गया.
वनडे मैचों में1987 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल
ये भारत की सबसे दर्दनाक हार में से एक है. 1987 वर्ल्ड कप भारत और पाकिस्तान में हो रहा था. दोनों टीमें फाइनल तक पहुंचने के लिए फेवरेट मानी जा रही थीं. लेकिन पाकिस्तान को एलेन बॉर्डर की ऑस्ट्रेलिया ने सेमीफाइनल में हरा दिया.
भारत का भी हाल कुछ ऐसा ही हुआ. इंग्लैंड के ग्राहम गूच की टीम के सामने कपिल देव की इंडियन टीम थी. वानखेड़े के मैदान पर गूच ने 115 रनों की शानदार पारी खेली. माइक गैटिंग ने 56 रन बनाए. दोनों की मदद से इंग्लैंड ने बोर्ड पर 254 रन लगा दिए.
उस वक्त ये टारगेट काफी अच्छा माना जाता था. ये मैच सुनील गावस्कर के लिए आखिरी मैच साबित हुआ. वो इस मैच में 4 रन पर आउट हो गए. उनके विकेट के बाद भारतीय टीम लड़खड़ा गई.
मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 64 रन तो बनाए, लेकिन एडी हेमिंग्स के 4 विकेट ने इंडियन बैटिंग को मैच में आगे जाने नहीं दिया. नील फोस्टर ने भी तीन विकेट लिए. और भारत को 219 पर रोक दिया. इंग्लैंड ये मैच 35 रनों से जीता.
2002 ODI
ये वही मैच है जिसका बदला भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने लॉर्ड्स की बालकनी पर लिया था. अपनी शर्ट लहरा कर. लेकिन उससे पहले शर्ट निकाली थी एंड्र्यू फ्लिंटॉफ ने. वानखेड़े पर.
सीरीज का आखिरी और छठा मैच. इंग्लैंड को सीरीज बराबर करने के लिए जीत चाहिए थी. ओपनर मार्कस ट्रेस्कोथिक ने टीम को गजब शुरुआत दिलाई. 95 रन बनाए. इंग्लैंड ने बोर्ड पर 255 रन लगाए.
एक वक्त भारत 3 विकेट पर 191 रन बना चुका था. लग रहा था मैच भारत ही जीतेगा. लेकिन सौरव गांगुली के आउट होने के बाद टीम बिखर गई. गांगुली ने 80 रनों की पारी खेली. लेकिन इसके बाद टीम के बाकी बैटर्स मात्र 59 रन ही जोड़ सके. आखिरी गेंद पर एंड्र्यू फ्लिंटॉफ ने जवगल श्रीनाथ को आउट किया और शर्ट उतारकर जश्न मनाया. इंग्लैंड ये मैच 5 रनों से जीता था.
टी20 इंटरनेशनल2012 T20I
वानखेड़े में खेला गया ये पहला T20 मैच था. भारत पुणे में सीरीज का पहला मैच जीत चुका था. इंग्लैंड को भारत ने 178 रनों का टारगेट दिया था. माइकल लंब और एलेक्स हेल्स ने टीम को तेज शुरुआत दिलाई. 50 गेंदों में दोनों ने 80 रन जोड़ दिए. उसके बाद उनका चेज थोड़ा गड़बड़ाया, लेकिन कप्तान एओन मॉर्गन ने आखिर में कमाल कर दिया.
इंग्लैंड को आखिरी गेंद पर 3 रन चाहिए थे. एओन मॉर्गन ने अशोक डिंडा की गेंद पर छक्का लगाकर मैच जिताया. भारत की तरफ विराट कोहली 38 रन बनाकर टॉप स्कोरर थे.
तो साफ है कि वानखेड़े में इंग्लैंड ने भारत को कई बार हैरान किया है. चाहे टेस्ट हो, वनडे या T20. इंग्लैंड ने यहां होम टीम को मुश्किल में डाला है. अब 5 मार्च को ही पता चलेगा कि भारत इतिहास बदल पाता है या नहीं.
वीडियो: रोहित शर्मा और संजू सैमसन का कौन-सा पुराना वीडियो वायरल हो रहा?

.webp?width=60)

