सुनंदा पुष्कर पर सवाल, थरूर की धमकी, ललित मोदी ने IPL विवाद पर सोनिया गांधी को भी घेरा
Lalit Modi ने दावा किया कि फ्रैंचाइजी का एग्रिमेंट फाइनल होते ही सुनंदा के 10 रुपये के शेयर की वैल्यू 1 लाख रुपये हो गई थी. जबकि दूसरे शेयरहोल्डर्स के शेयर की वैल्यू बहुत कम थी.

IPL के पूर्व चेयरमैन ललित मोदी (Lalit Modi) इन दिनों बड़ा कीवर्ड बने हुए हैं. डेली उनके पॉडकास्ट सामने आ रहे हैं. वो अलग-अलग खुलासे कर रहे हैं. ललित ने अब कोच्चि टस्कर्स केरल फ्रैंचाइजी विवाद पर एक बड़ा बम फोड़ा है. उन्होंने टीम के फाइनेंशियल स्ट्रक्चर पर सवाल उठाए थे. ललित ने दावा किया कि जब उन्होंने सुनंदा पुष्कर के 25% हिस्से पर सवाल किया, तो कांग्रेस की ओर से उन पर भारी पॉलिटिकल प्रेशर डाला गया.
न्यूज एजेंसी ANI के एक पॉडकास्ट में ललित मोदी ये खुलासा किया. उन्होंने कहा कि शशि थरूर के पीछे सोनिया गांधी खड़ी थीं. पूर्व IPL चेयरमैन ने आरोप लगाया कि अहमद पटेल, प्रणब मुखर्जी और राजीव शुक्ला जैसे नेताओं तक के उनके पास फोन आए थे. सब एक ही बात कह रहे थे, कि चुप रहो और डॉक्यूमेंट्स साइन कर दो.
क्या था पूरा मामला?2010 में IPL की बिडिंग हुई. कोच्चि कंसोर्टियम ने 350 मिलियन डॉलर (लगभग 1500-1600 करोड़ रुपये) की बोली लगाकर फ्रैंचाइजी हासिल की. लेकिन ललित मोदी को टीम की फाइनेंशियल स्ट्रक्चर पर शक हुआ. कुछ शेयरहोल्डर्स पूरा पैसा जमा कर रहे थे. लेकिन सुनंदा पुष्कर के हिस्से को लेकर उन्हें डाउट हुआ. उन्हें 25% हिस्सा बिना पैसे दिए मिल रहा था.
ललित मोदी ने बताया,
“सभी शेयरहोल्डर्स मीटिंग में थे, लेकिन सुनंदा पुष्कर नहीं थीं. मैंने पूछा, ये कौन हैं? 25% शेयर और 15% रेवेन्यू उन्हें फ्री में क्यों दिया जा रहा है? 75% लोग 100% खर्च उठा रहे हैं, एक को 25% मुफ्त इक्विटी क्यों?”
ललित ने बताया कि फ्रैंचाइजी मिलते ही सुनंदा के 10 रुपये के शेयर की वैल्यू 1 लाख रुपये हो गई. जबकि दूसरे शेयरहोल्डर्स के शेयर की वैल्यू बहुत कम थी. मोदी को लगता था कि ये सौदा टिकने वाला नहीं है. और कुछ ऐसा ही हुआ. दो साल बाद फ्रैंचाइजी बंद हो गई.
बेंगलुरु मीटिंग में क्या हुआ?बेंगलुरु में फ्रेंचाइजी का एग्रीमेंट फाइनल करने को लेकर मीटिंग हुई. ललित मोदी ने साफ कहा कि जब तक सभी शेयरहोल्डर्स के नाम पता नहीं चलेगा, वो डॉक्यूेंट्स में साइन नहीं करेंगे. उन्होंने सुनंदा पुष्कर के बारे में पूछा तो एक मेंबर ने कहा कि वो ऑटोमोबाइल डीलर की बेटी और मार्केटिंग एक्सपर्ट हैं. मोदी ने मजाक में कहा,
“मैं खुद मार्केटिंग का आदमी हूं, लेकिन मुझे उनके बारे में कुछ नहीं पता.”
इसके बाद ललित के पास शशि थरूर का फोन आया. मोदी ने खुलासा किया,
“थरूर ने मुझसे कहा कि सुनंदा पुष्कर उनकी अच्छी दोस्त हैं, उनके बारे में मत पूछो. अगर पूछा तो सुबह तुम्हारे यहां छापा पड़ेगा.”
इस पर मोदी का जवाब था, “स्क्रू यू! तुम विदेश मंत्री हो, लेकिन मुझे धमकी मत दो.”
इसके बाद ललित ने उनका फोन काट दिया और साइन करने से इनकार कर दिया. मोदी ने ये भी कहा कि थरूर पहले उनके घर आते थे, मीठी-मीठी बातें करते थे. वो बोले,
“वो स्मूद टॉकर हैं, मैं उनके जाल में फंस गया.”
केरल में उस वक्त स्टेडियम भी IPL के स्टैंडर्ड का नहीं था, फिर भी ललित मोदी ने कोच्चि को एंट्री दी.
BCCI प्रेसिडेंट का फोनउस दौरान BCCI प्रेसिडेंट शशांक मनोहर ने ललित को फोन लगाया. उन्होंने तुरंत साइन करने को कहा. मोदी ने कहा, ‘मैं सुबह साइन करूंगा.’ लेकिन मनोहर नहीं माने.
आखिरकार मोदी ने ये लिखकर साइन किया कि वो इस एग्रीमेंट पर दबाव में साइन कर रहे हैं.
थरूर और सुनंदा का कनेक्शनउस समय शशि थरूर विदेश राज्य मंत्री थे. विवाद बढ़ने पर अप्रैल 2010 में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा. सुनंदा पुष्कर 2014 में दिल्ली के एक होटल में मृत पाई गईं. ललित मोदी ने कहा कि उन्होंने कभी सुनंदा से आमने-सामने बात नहीं की, सिर्फ ट्विटर पर बात हुई थी. मोदी का कहना है कि उन्होंने कोच्चि को सपोर्ट किया था, लेकिन जब अनियमितताएं दिखीं तो सवाल उठाया. उसी पर राजनीतिक दबाव पड़ा.
कोच्चि टस्कर्स ने सिर्फ 2011 में एक सीजन ही खेला था. 10 टीमों में वो आठवें स्थान पर रही. 2011 में BCCI ने फ्रैंचाइजी को टर्मिनेट कर दिया.
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