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रन नहीं बना रहे तो भी टीम में कैसे टिके? मांजरेकर ने सेलेक्टर्स और सीनियर प्लेयर्स पर अंदर की बात खोली

Border Gavaskar Trophy में अभी भी इंडिया टीम और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. कॉमेंटेटर Sanjay Manjrekar ने भी प्रदर्शन पर सवाल उठाया है. उन्होंने अंदर की बातें बताई हैं.

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India Cricket, Rohit Sharma, Test Cricket
इंडियन क्रिकेट टीम के सीनियर प्लेयर्स को लेकर उठ रहे सवाल (फोटो: AP)
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रविराज भारद्वाज
11 जनवरी 2025 (Updated: 11 जनवरी 2025, 07:05 PM IST)
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बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी (Border Gavaskar Trophy) खत्म हुए काफी समय हो चुका है. लेकिन अभी भी इंडिया टीम और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. खासकर टीम के सीनियर प्लेयर्स विराट कोहली (Virat Kohli) और रोहित शर्मा (Rohit Sharma) को लेकर. पूर्व क्रिकेटर और कॉमेंटेटर संजय मांजरेकर (Sanjay Manjrekar) ने भी सीनियर प्लेयर्स को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है.

मांजरेकर ने बताया कि कैसे हीरो वर्शिपिंग ने भारतीय क्रिकेट को बदलाव के दौर में सबसे ज्यादा प्रभावित किया है. उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स में अपने एक कॉलम में लिखा,

भारतीय टीम का जो प्रदर्शन रहा है इसके पीछे एक मुख्य कारण भारत में आइकॉन कल्चर और कुछ खिलाड़ियों की हीरो वर्शिपिंग है. चाहे 2011-12 हो या अब, स्थिति वैसी ही बनी हुई है. आइकॉनिक प्लेयर्स टीम में प्रमुख भूमिका में रहते हैं और वो अपने पूरे करियर में जो करते आए हैं यानी कि जिस तरह का खेल दिखाते आए हैं, बाद में वैसा नहीं कर पाते हैं. इस वजह से टीम को नुकसान होता है.

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मांजरेकर ने कहा कि सेलेक्टर्स ऐसे प्लेयर्स को इसलिए बाहर नहीं बिठा पाते ताकि वो विलेन ना बन जाएं. उन्होंने कहा,

 जब भी बड़े खिलाड़ियों की बात आती है तो हम एक देश के रूप में तर्कसंगत नहीं रह पाते हैं. हमारे ऊपर हमारे इमोशंस हावी हो जाते हैं. उस समय क्रिकेटिंग लॉजिक एकदम खत्म हो जाता है. इसका असर सेलेक्टर्स पर भी पड़ता है. सेलेक्टर्स ये उम्मीद करते हैं कि ऐसे प्लेयर्स खुद ही संन्यास ले लें. सेलेक्टर्स को ये डर होता है कि वो प्लेयर्स, जिनकी लाखों फैंस पूजा करते हैं, उन्हें बाहर बिठाकर वो विलन ना बन जाएं और लोगों के गुस्से का शिकार ना होना पड़े.

बताते चलें कि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में रोहित शर्मा और विराट कोहली का प्रदर्शन काफी साधारण रहा था. रोहित ने तीन टेस्ट की पांच पारियों में सिर्फ 31 रन बनाए थे. वहीं, विराट का भी पूरी सीरीज के दौरान बल्ला खामोश रहा था. जिसके बाद से ही दोनों प्लेयर्स फैन्स के निशाने पर हैं.

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