'मेरा चेहरा नहीं देखा', सायना नेहवाल के पैदा होने पर 'नाराज़' दादी ने और क्या किया?
Saina Nehwal ने बैडमिंटन की दुनिया में अलग पहचान बनाई. आज वो भले ही पूरे देश में एक जाना-पहचाना नाम हों, लेकिन उनके पैदा होने पर उनके घर पर बहुत अच्छा माहौल नहीं था. जिसका खुलासा खुद सायना ने किया.

सायना नेहवाल (Saina Nehwal). भारत में बैडमिंटन की पोस्टर गर्ल. वो सायना, जो वर्ल्ड चैंपियन बनीं, जिन्होंने बैडमिंटन में चीन के वर्चस्व को चुनौती दी. और साथ ही साथ ओलंपिक मेडल जीतकर भारत की करोड़ों लड़कियों के लिए प्रेरणा बनी. लेकिन सायना के लिए शुरुआत से सब कुछ ऐसा नहीं रहा था. अपने देश औऱ परिवार का नाम रोशन करने वाली सायना जब पैदा हुईं तो जश्न नहीं मनाना तो छोड़िए, उनकी दादी ने कई दिनों तक उनका चेहरा तक नहीं देखा था. इस बात का खुलासा खुद सायना ने लल्लनटॉप के साथ इंटरव्यू के दौरान किया.
सायना के मुताबिक उन्हें इस बात के बारे में तब पता चला, जब उन्होंने इंटरनेशनल करियर में पहली बार कामयाबी का स्वाद चखा. सायना ने बताया लल्लनटॉप के प्रोग्राम ‘गेस्ट इन द न्यूजरूम’ (Guest in the Newsroom) में बताया,
दादी ने एक महीने तक नहीं देखा था चेहरासायना घर की दूसरी बेटी थी. ऐसे में उनकी दादी को दूसरी पोती होने पर दुख हुआ था. सायना ने बताया,
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सायना नेहवाल हर चुनौती के लिए तैयारसायना के मुताबिक आज के समय में लड़कियों जो चाहें कर सकती हैं. वह किसी से भी कम नहीं है. ओलंपिक मेडलिस्ट बैडमिंटन स्टार ने आगे कहा,
बताते चलें कि सायना नेहवाल के मेडल्स की लिस्ट बहुत लंबी है. सायना ने 2012 के लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीता. वर्ल्ड चैंपियनशिप में दो मेडल जीते. उबर कप में भी ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली टीम का दो बार हिस्सा रही. कॉमनवेल्थ गेम्स में उनके नाम पांच मेडल्स है, जिसमें तीन गोल्ड शामिल है. वह एशियन गेम्स में भी दो बार मेडल जीतने में कामयाब रही हैं.
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