इंस्पेक्टर का मर्डर क्यों? श्रीसंत ने IPL स्पॉट फिक्सिंग मामले पर सवाल खड़ा किया
S Sreesanth को 16 मई 2013 के दिन गिरफ्तार किया गया था. वो 27 दिन जेल में रहे. जिस इंस्पेक्टर का इन्वेस्टिगेशन के दौरान मर्डर हुआ था, उनका नाम बद्रीश दत्त था. बद्रीश दत्त 1991 बैच के पुलिस अधिकारी थे. उनके मर्डर की टाइमिंग पर श्रीसंत ने सवाल उठाया.

IPL में 2013 में हुए स्पॉट फिक्सिंग मामले की अक्सर चर्चा होती है. इस मामले में इंडियन टीम के पूर्व पेसर एस श्रीसंत पर कार्रवाई भी हुई थी. जांच के बाद BCCI ने सितंबर 2013 में श्रीसंत पर लाइफ बैन लगा दिया था. मामले की जांच के दौरान एक इंस्पेक्टर का मर्डर भी हुआ था. लल्लनटॉप के शो GITN पर इस बार के हमारे मेहमान एस श्रीसंत ने इस मर्डर पर सवाल खड़े किए. पूरा मामला क्या था, ये जानने से पहले बताते हैं कि श्रीसंत ने इस पर क्या कहा?
श्रीसंत ने IPL फिक्सिंग विवाद के सवाल, और ओवर में 14 रन देने पर कहा,
“मैंने टावल एलन डोनाल्ड के कहने पर डाली थी. और जो नो बॉल का वीडियो मीडिया पर दिखाया जा रहा था, वो कोई दूसरा वीडियो था. बॉल नो बॉल नहीं थी.”
जब श्रीसंत से ये पूछा गया कि अगर कुछ नहीं था, तो ये सब कैसे और क्यों हुआ? इस पर पूर्व पेसर ने कहा,
“मैं ये नहीं कह रहा कि कुछ नहीं था, लेकिन मेरे अलावा भी मैच में काफी कुछ हो रहा था. चाहे वो लेट नाइट पार्टीज हों. या कुछ और.”
श्रीसंत ने आगे बताया कि वो उस ओवर, और बाकी चीजों को फिर से एक्सप्लेन नहीं करना चाहते. लेकिन उसी दौरान मुंबई और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के पास IPL में फिक्सिंग को लेकर जानकारी पहुंची थी. श्रीसंत ने बताया,
“IPL में फिक्सिंग को लेकर पुलिस की तगड़ी जांच चल रही थी. तभी एक इंस्पेक्टर का इन्वेस्टिगेशन के दौरान मर्डर हुआ था. पुलिस उस वक्त ये पुख्ता करना चाहती थी कि उन्होंने अपना काम किया. इसीलिए मैंने कभी किसी भी चीज को लेकर शिकायत नहीं की. वो चाहे मेरे पीछे खड़े कमांडो को लेकर हो. या मेरे से पूछताछ करने वाले पुलिस ऑफिसर्स को लेकर.”
फोन कॉल की वजह से हिरासत में लिया
टीम इंडिया के पूर्व पेसर ने आगे बताया कि उन्हें सिर्फ एक फोन कॉल पर हुई बातचीत की वजह से हिरासत में लिया गया था. उन्होंने बताया,
पुलिस ने इंतजार क्यों किया?“उस वक्त केरल के इलेक्शन भी चल रहे थे. इस वजह से मैं एक आसान टारगेट था.”
श्रीसंत ने जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि ये मामला 9 मई 2013 का था, तो पुलिस ने जांच के लिए 15 मई तक का इंतजार क्यों किया? उन्होंने कहा,
“इसका मतलब ये है कि पुलिस ने कई लोगों से पूछ कर, उन्हें इन्फॉर्म करके कार्रवाई शुरू की थी. कई लोगों के नाम तो इस वजह से सामने नहीं आ पाए, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट का कंप्यूटर फॉर्मेट हो गया था.”
श्रीसंत ने आगे कहा कि वो जांच के वक्त कोई भी कुछ भी बोल सकता है, इसका मतलब ये नहीं कि वो सच ही हो. उन्होंने कहा वो उनकी लाइफ का एक ऐसा एपिसोड था जहां वो काफी कुछ सीखे.
इंस्पेक्टर बद्रीश दत्त का मर्डरस्पॉट फिक्सिंग मामले की शुरुआती जांच के बाद BCCI ने सितंबर 2013 में श्रीसंत पर 'आजीवन प्रतिबंध' (Life Ban) लगा दिया था. इसका मतलब था कि वो दुनिया के किसी भी आधिकारिक क्रिकेट मैच, स्टेडियम या बोर्ड की गतिविधियों का हिस्सा नहीं बन सकते थे. श्रीसंत को 16 मई 2013 के दिन गिरफ्तार किया गया था. वो 27 दिन जेल में रहे. जिस इंस्पेक्टर का इन्वेस्टिगेशन के दौरान मर्डर हुआ था, उनका नाम बद्रीश दत्त था.
10-11 मई 2013 की दरमियानी रात गुरुग्राम के अरडी सिटी में एक अपार्टमेंट में दो लाशें मिलीं. एक थी दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर बद्रीश दत्त की और दूसरी उनकी लिव-इन पार्टनर गीता शर्मा की. दोनों को गोली लगी हुई थी. इससे ठीक एक दिन पहले ही बद्रीश ने स्पॉट फिक्सिंग के मामले की FIR दर्ज कराई थी.
गीता शर्मा साकेत में एक प्राइवेट डिटेक्टिव एजेंसी चलाती थीं. पुलिस के मुताबिक उनके खिलाफ कई धोखाधड़ी के केस थे. मार्च 2013 में क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. उन्हें 21 दिन की न्यायिक हिरासत हुई. जेल से छूटने के बाद वे अपने गुरुग्राम के फ्लैट में आईं.
1991 बैच के पुलिस अधिकारी थेबद्रीश दत्त 1991 बैच के पुलिस अधिकारी थे. स्पेशल सेल में लंबे समय से काम कर रहे थे. अंसल प्लाजा एनकाउंटर के बाद उन्हें प्रमोशन भी मिला था. वो काफी बहादुर और डेकोरेटेड ऑफिसर माने जाते थे. लेकिन उनकी निजी जिंदगी उलझी हुई थी. वो शादीशुदा थे. उनकी पत्नी रुचि और 7 साल की बेटी वंशिका फरीदाबाद में रहती थीं. लेकिन बद्रीश गीता के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थे.
जब पुलिस ने मार्च में गीता के फ्लैट पर छापा मारा तो बद्रीश वहां बेडरूम में मिले. इसके बाद विभाग ने उनके रिलेशनशिप की जांच शुरू कर दी. गीता को उम्मीद थी कि बद्रीश उन्हें पुलिस केस से बचाएंगे. लेकिन गिरफ्तारी के बाद बद्रीश उनसे दूर होने लगे. वो उनसे जेल में मिलने नहीं गए. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इससे गीता बहुत नाराज हो गईं.
पुलिस सूत्रों के अनुसार गीता ने अपनी डायरी में लिखा था कि वो बद्रीश के न आने से बहुत दुखी थीं. यही गुस्सा उनकी मौत का कारण बन गया. पुलिस को शक था कि गीता ने ही बद्रीश को गोली मारी और फिर खुदकुशी कर ली.
बद्रीश की पत्नी रुचि ने बताया कि 2002 में ही उन्हें बद्रीश की किसी प्रेमिका का पत्र मिला था, जिसके बाद उनका रिश्ता खराब हो गया. जुलाई 2012 में बद्रीश घर छोड़कर चले गए और बाद में डिवोर्स फाइल कर दिया. रुचि ने विभाग से शिकायत भी की थी और बद्रीश के सस्पेंड होने की बात कही गई थी.
बद्रीश दत्त उस स्पेशल टीम का हिस्सा थे जो IPL स्पॉट फिक्सिंग की जांच कर रही थी. उसी समय दिल्ली पुलिस ने श्रीसंत, अंकित चव्हाण और अजित चंदीला जैसे खिलाड़ियों को बुकियों के साथ गिरफ्तार किया था. सूत्रों के मुताबिक इस मामले में दाऊद इब्राहिम तक के नाम की चर्चा थी, इसीलिए ये भी कहा जाता है कि इस मर्डर का लिंक दाऊद से भी हो सकता है.
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