रिंकू के कोच मसूद ने क्या याद कर कहा- 'जब सबको लगा हार गए, मुझे पता था... '
कोच मसूद ने सबसे पहले पहचाना था रिंकू का टैलंट

Rinku Singh. बताने की जरूरत नहीं कौन हैं? इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का एक धाकड़ बल्लेबाज. रविवार, 9 अप्रैल को वो कारनामा किया, जो पहले किसी ने नहीं किया था. गुजरात टाइटंस के खिलाफ मुकाबला था, KKR के सामने 204 रनों का टारगेट. सात विकेट गिर चुके थे और आखिरी ओवर में चाहिए थे 29 रन. यश दयाल बॉलिंग कर रहे थे. पहली बॉल पर उमेश यादव ने एक रन लिया, अब स्ट्राइक आई रिंकू के पास. अब 28 रन और पांच बॉल्स. कमेंटेटर बोले- अब KKR का जीतना लगभग नामुमकिन.
लेकिन अभी रिंकू का जादू शुरू होना बाकी था. जैसे कोई जादूगर छड़ी घुमाता है ना, वैसे बल्ला घूमा, और पूरा सीन ही बदल गया. फिर जो हुआ, बहुतों को उसपर यकीन नहीं हो रहा था. पांच बॉल्स में पांच छक्के, 30 रन ठोक डाले थे रिंकू ने. इतिहास रच दिया था, क्योंकि चेज करते हुए आखिरी ओवर में ऐसा कारनामा पहले किसी ने नहीं किया था.
रिंकू सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रहने वाले हैं. उन्हें क्रिकेट की बारीकियां सिखाईं हैं उनके कोच मसूद उज जफर. रविवार को गुजरात टाइटंस के खिलाफ रिंकू सिंह की शानदार पारी के बाद आजतक ने उनके कोच मसूद उज जफर से बात की.
आजतक से जुड़े मोहम्मद अकरम खान से बातचीत में रिंकू के कोच मसूद उज जफर ने कहा,
‘रिंकू पक्का इंडियन टीम में खेलेगा’कोच मसूद ने आगे कहा,
कोच मसूद ने आगे बताया कि जब पहली बार रिंकू उनसे मिले, तब उनके घर की माली हालत ठीक नहीं थी. रिंकू के अंदर प्रतिभा भरी हुई थी. रिंकू ने आज जो हासिल किया है, उस पर सभी को बहुत गर्व है. कोच मसूद के मुताबिक आजकल के बच्चों को रिंकू से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है.

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