RCB के लगातार दो खिताब भी आगरकर-गंभीर को खुश नहीं कर सके?
IPL 2026 की चैंपियन RCB एकमात्र टीम है, जिसके एक भी इंडियन प्लेयर को टीम इंडिया की T20I टीम में जगह नहीं मिली है. टीम ने भले ही लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीत ली पर पिछले दो साल में टीम के एक भी प्लेयर को इंडियन सेटअप में जगह नहीं मिली है.

टीम इंडिया के T20I सेटअप में कई बड़े बदलाव हुए हैं. कप्तानी श्रेयस अय्यर को सौंप दी गई है. पूर्व कप्तान सूर्यकुमार यादव टीम में भी जगह नहीं बना पाए हैं. 15 साल के वैभव सूर्यवंशी का नाम 16 सदस्यीय स्क्वॉड में आ गया है. प्रिंस यादव भी इसमें शामिल हो गए हैं.
IPL में भाग लेने वाली 9 टीम के प्लेयर्स इसमें शामिल हैं. लेकिन, सिर्फ एक टीम है, जिसका एक भी प्लेयर इस स्कवॉड का हिस्सा नहीं है. लगातार दो बार की चैंपियन टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु.
निश्चित तौर पर ये फैसला हैरान करने वाला है. क्योंकि जिस टीम ने इंडियन प्लेयर्स के दम पर लगातार दो बार ट्रॉफी उठाई. उस टीम का एक भी प्लेयर प्लेइंग XI तो दूर टीम इंडिया के स्क्वॉड का भी हिस्सा नहीं है. ऐसे में ये सवाल उठना लाजमी है कि क्या हेड कोच गौतम गंभीर और चीफ सेलेक्टर अजीत आगरकर को RCB पसंद नहीं?
RCB के प्लेयर्स को किया गया नज़रअंदाज?6 जून को आयरलैंड, इंग्लैंड सीरीज के अलावा एशियन गेम्स के लिए भी इंडियन T20I स्कवॉड की घोषणा की गई. खुद चीफ सेलेक्टर आगरकर और BCCI सेक्रेटरी इस घोषणा के लिए पहुंचे थे. लेकिन, एक के बाद एक 16 प्लेयर्स के नाम आ गए. कप्तान बदल गया. IPL के प्रदर्शन को देखते हुए कई यंग्सटर्स को मौका मिल गया.
गुजरात टाइटंस से वॉशिंगटन सुंदर और मोहम्मद सिराज. सनराइजर्स हैदराबाद से ईशान किशन, अभिषेक शर्मा और नीतीश कुमार रेड्डी. राजस्थान रॉयल्स से वैभव सूर्यवंशी और रवि बिश्नोई. कोलकाता नाइट राइडर्स से वरुण चक्रवर्ती और हर्षित राणा. चेन्नई सुपरकिंग्स से संजू सैमसन और शिवम दुबे.
पंजाब किंग्स से कप्तन श्रेयस अय्यर और अर्शदीप सिंह. दिल्ली कैपिटल्स से अक्षर पटेल. मुंबई इंडियंस से तिलक वर्मा. यहां तक लास्ट पर रही लखनऊ सुपर जायंट्स से प्रिंस यादव तक को मौका मिल गया. लेकिन, RCB के स्कवॉड से कोई इस टीम में जगह नहीं बना सका.
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IPL के आंकड़े तो कुछ और कहते हैं?क्या ये सिर्फ एक संयोग है? जवाब है नहीं. आप आंकड़े ही देख लीजिए. भुवनेश्वर कुमार ने इस सीजन 28 विकेट चटकाए हैं. वो भी 7.88 की इकॉनमी से. यहां तक कि फाइनल के हीरो रासिख डार ने भी 19 सफलताएं पाई हैं. ऑलराउंडर कृणाल पंड्या ने तो 200 से ज्यादा रन बनाने के साथ 14 विकेट निकाले.
ऐसा ही प्रदर्शन बैटिंग में भी नज़र आया. कप्तान रजत पाटीदार ने 500 से ज्यादा रन 192 के स्ट्राइक रेट से बनाए. ऐसा ही प्रदर्शन देवदत्त पडिक्कल का भी रहा. लेकिन, स्क्वॉड में जगह के लिए ये रन काफी नहीं साबित हुए.
सवालों से नहीं बच सकेंगे गंभीर-आगरकरचीफ सेलेक्टर अब क्या कहेंगे कि दो महीने से चोटिल हर्षित राणा भुवनेश्वर से बेहतर विकल्प हैं? वॉशिंगटन सुंदर इंग्लैंड में कृणाल पंड्या से बेहतर ऑलराउंडर साबित होंगे? मिडिल ऑर्डर में शिवम दुबे रजत पाटीदार से ज्यादा अटैकिंग अंदाज में रन बनाएंगे?
इन प्लेयर्स का प्रदर्शन तो अब आगामी सीरीज में ही पता चलेगा. लेकिन, ये सवाल जरूर खड़े करता है कि क्या आगरकर और गंभीर को RCB पसंद नहीं है? अगर परफॉर्मेंस के हिसाब से कप्तान सूर्या को टीम से बाहर किया गया है, तो टीम में शामिल प्लेयर्स में से कितने इस सीजन IPL में इतने रन बना रहे थे? या प्रिंस ने ऐसा क्या कर दिया जो रासिख नहीं कर सके? कुल मिलाकर सेलेक्टर्स और कोच को इन सवालों से बचना आसान नहीं है.
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