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‘गंभीर से मैं ही नाराज हो सकता हूं’, आर अश्विन ने अपने रिटायरमेंट को लेकर अब सब बताया

आर अश्विन ने कहा कि गौतम गंभीर एक कोच हैं और उनके पास अपनी जिम्मेदारी है. अगर उन्हें लगता है कि मुझे, या किसी को आगे बढ़ जाना चाहिए, तो ये बिल्कुल ठीक है. क्योंकि वो अपना काम कर रहे हैं.

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18 मार्च 2026 (पब्लिश्ड: 02:34 PM IST)
R Ashwin Opens Up On India Coach, Retirement If Somebody Has To Have Angst Against Gautam Gambhir It's Me Right
अश्विन को लगा कि पर्थ में सीनियर स्पिनर होने के बावजूद उन्हें मौका नहीं मिला, तो उनका समय खत्म हो गया है. (फोटो- X)

आर अश्विन ने गौतम गंभीर और अपने इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट को लेकर खुलकर बात सामने रखी है. अश्विन ने कहा कि अगर किसी को गौतम गंभीर से नाराजगी या गुस्सा होना चाहिए, तो वो मैं ही हूं. ऐसा अश्विन ने इसलिए कहा क्योंकि गंभीर की कोचिंग में उनके दूसरे या तीसरे ही टूर पर उन्होंने रिटायरमेंट ले लिया था. लेकिन उन्होंने मजाकिया अंदाज में ये बात भी कही और साफ किया कि गंभीर का काम टीम को बेहतर बनाना है, भले ही इसके लिए बड़े खिलाड़ियों को बाहर करना पड़े.

अश्विन के रिटायरमेंट का फैसला अचानक आया, क्योंकि एडिलेड टेस्ट खेलने के बाद पर्थ टेस्ट में उन्हें बाहर कर रविंद्र जडेजा को मौका दिया गया था. फिर वॉशिंगटन सुंदर भी टीम में आए. अश्विन को लगा कि पर्थ में सीनियर स्पिनर होने के बावजूद उन्हें मौका नहीं मिला, तो उनका समय खत्म हो गया है. रेव्जस्पोर्ट्स के एक इवेंट में उन्होंने कहा,

“मेरी सबसे बड़ी ताकतों में से एक ये है कि मैं फैसले लेने में सक्षम हूं. वो सही है या गलत, ये लोग तय करें. लेकिन आखिरकार ये मेरी जिंदगी है, और मुझे इसे अपने तरीके से जीना है. पर्थ में जब टीम में जड़ेजा और मैं मेन स्पिनर थे, और वॉशिंगटन सुंदर ने भी एक मैच खेला, फिर अगले मैच में मैं आया और फिर मुझे बाहर बैठना पड़ा, तब मुझे एहसास हुआ कि शायद अब मेरा समय खत्म हो रहा है. अगर कोई नया खिलाड़ी मेरी जगह लेता है, तो उसे पूरा मौका मिलना चाहिए. मैं उन लोगों में से नहीं हूं जो बार-बार वापसी की उम्मीद में टीम के आसपास बने रहते हैं. मैंने अपने करियर में बहुत कुछ हासिल किया है, इसलिए अब ऐसे मामलों में समय बर्बाद नहीं करना चाहता.”

अश्विन से जब गौतम गंभीर को लेकर सवाल किया गया, और ये भी पूछा गया कि क्या वो खिलाड़ियों के साथ पक्षपात करते हैं, तो अश्विन ने साफ और ईमानदारी से जवाब दिया. अश्विन ने मजाकिया अंदाज में कहा,

“अगर किसी को गौतम से शिकायत होनी चाहिए, तो वो मैं ही हूं, क्योंकि मैं उनके कोच बनने के दूसरे या तीसरे दौरे में ही बाहर हो गया.”

इसके बाद उन्होंने समझाया कि एक कोच के तौर पर गौतम का अपना नजरिया और प्लान होगा, और टीम के भले के लिए उन्हें फैसले लेने का पूरा हक है.

अश्विन ने ये भी कहा कि अगर टीम के हित में जरूरत पड़े, तो चाहे वो खुद हों, विराट कोहली हों या रोहित शर्मा, टीम के लिए किसी को भी जगह छोड़नी पड़ सकती है.

पिता से भी बहस हुई

अश्विन के रिटायरमेंट के वक्त उनके पिता ने मीडिया में कुछ बयान दिया था. इसको लेकर उन्होंने बताया,

“मेरे पापा मेरे बहुत बड़े शुभचिंतक हैं. बाहर से उन्हें कभी-कभी गुस्सा या नाराजगी हो सकती है. जब मैं ऑस्ट्रेलिया से वापस आया, तो उन्होंने मीडिया में कुछ कहा भी था. लेकिन मैंने उन्हें हमेशा यही कहा है कि जब तक मैं टीम में हूं, किसी खिलाड़ी के बारे में गलत बातें मत करो. इस बात को लेकर हमारी बहस भी हुई है.

अश्विन ने कहा कि गौतम गंभीर एक कोच हैं और उनके पास अपनी जिम्मेदारी है. अगर उन्हें लगता है कि मुझे, या किसी को आगे बढ़ जाना चाहिए, तो ये बिल्कुल ठीक है. क्योंकि वो अपना काम कर रहे हैं. अश्विन ने बताया,

“उस समय अगर मुझे थोड़ा बुरा लगा, तो वो भी स्वाभाविक है क्योंकि वो मेरी भावना है. लेकिन जब मैं भावनाओं से अलग होकर सोचता हूं, तो मुझे साफ समझ आता है कि वो अपना काम कर रहे हैं और शायद उनके फ्यूचर प्लान्स में मैं नहीं था.”

अश्विन ने आगे कहा कि वो हमेशा अपनी जिंदगी में सबसे पहले अहंकार को छोड़ना चाहते थे, और अभी भी इस पर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा,

“हम सब इंसान हैं, इसलिए अहंकार आना स्वाभाविक है. लेकिन अगर आप खुद को चीजों से अलग रख कर देखें तो वो समझ में आने लगती हैं.”

उन्होंने कहा कि कभी-कभी इस देश में जो हमें इतना प्यार और सम्मान मिलता है, उसकी वजह से हमें लगने लगता है कि हम अजेय हैं, जबकि असल में ऐसा नहीं होता.

बता दें कि आर अश्विन ने दिसंबर 2024 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान ब्रिस्बेन टेस्ट के बाद टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास ले लिया था. वो भारत के दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे. उनके नाम 106 टेस्ट में 537 विकेट हैं. सिर्फ अनिल कुंबले (619 विकेट) उनसे आगे हैं.

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