पृथ्वी शॉ. महाराष्ट्र के दाएं हाथ के बल्लेबाज, जिनका सालभर से नाम जपा जा रहा है.हो सकता है आप एक बार को इन्हें देखकर न पहचान पाएं, लेकिन इनका नाम मुल्क का हरक्रिकेट-प्रेमी सुन चुका है. इस बार इनका ज़िक्र इसलिए, क्योंकि अंडर-19 वर्ल्ड कपमें इन्होंने एक बार फिर बाजा फाड़ दिया है.न्यूज़ीलैंड में चल रहे अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप में 16 जनवरी को टीम इंडिया कादूसरा मैच था. पपुआ न्यू गिनी की टीम के साथ. क्रिकेट यकीनन अनिश्चितताओं का खेलहै, लेकिन अगर ऐसे मैचों में कमज़ोर टीम जीतती है, तो इसे उलटफेर का दर्जा दियाजाता है. अपवाद जैसा. पर इंडिया के इस मैच में उलटफेर जैसा कुछ नहीं हुआ. इंडिया नेशानदार ढंग से मैच जीता और पृथ्वी ने जोरदार ढंग से दिल जीता.टॉस के दौरान पपुआ न्यू गिनी के कप्तान के साथ पृथ्वीपपुआ न्यू गिनी की टीम ने कुल 64 रनों का स्कोर खड़ा किया. इंडिया को मैच जीतने केलिए टारगेट मिला 65 रन का. पपुआ न्यू गिनी के ये रन कैसे बने थे, ये भी जान लीजिए.61 रनों तक टीम के चार विकेट ही गिरे थे. पर उसके बाद...61/4 61/5 62/6 62/7 63/8 64/9 64/10... बसइंडिया की तरफ से मैच जीतने उतरे कप्तान पृथ्वी शॉ और मनजोत कालरा. मैच वैसे भी देरतक नहीं चलना था, लेकिन पृथ्वी ने इसे आठ ओवरों में ही खत्म कर दिया. और इंडिया कीइस जीत में 85% रन तो खुद पृथ्वी ने ही बनाए.Will it be the Prithvi Shaw show in the India chase against PNG at #U19CWC? They require 65 runs to win.#INDvPNGLIVE ➡️ https://t.co/fHkDcgCixypic.twitter.com/0WsFluRrVl— ICC (@ICC) January 16, 2018दूसरे ओपनर मनजोत ने 9 गेंदों पर 9 रन बनाए. एक चौका मारा. लेकिन पृथ्वी ने 39गेंदों में 57 रन कूट दिए. एक भी सिक्स नहीं, लेकिन 12 चौके. मैच खत्म भी किया तोचौके के साथ. एकदम शाही अंदाज़ में. पूरे आठ ओवर में कुल 67 रन बने और इंडिया 10विकेट से मैच जीत गया.टीम के कुल रनों में से 85% रन अकेले.माना कि टारगेट छोटा था, लेकिन उसमें भी ऐसी सधी हुई आक्रामक बल्लेबाजी! ये बताताहै कि क्यों इस लड़के की सचिन तेंडुलकर से तुलना की जा रही है. अंडर-19 वर्ल्ड कपमें ही टीम इंडिया का पहला मैच ऑस्ट्रेलिया के साथ पड़ा था. 14 जनवरी को. टीमइंडिया ने 328 रन बनाकर ये मैच 100 रनों से जीता और पृथ्वी ने इसमें 94 रनों कीपारी खेली. पृथ्वी की बैटिंग के दौरान कई ऐसे पल आए, जब देखने वालों ने कहा कि येलड़का तेंदुलकर के नक्शे-कदम पर है.#U19CWCLook at this shot u may see a young tendulkar in making Another Tendulkar inmaking #PrithviShaw#IndvAuspic.twitter.com/lLFQVK2Z8G— Mayank Nema (@MayankMNema) January 14, 2018ये महत्वपूर्ण है कि करियर के इतने शुरुआती पड़ाव और इतनी कम उम्र में किसी परउम्मीदों का इतना बोझ नहीं लादा जाना चाहिए. पर ये बेहतर है कि पृथ्वी लगातारशानदार परफॉर्म कर रहे हैं. 1 जनवरी 2017 को उन्होंने अपना फर्स्ट क्लास क्रिकेटकरियर शुरू किया था और अगले 11 महीनों में खेले 7 फर्स्ट क्लास मैचों में वो 5सेंचुरी लगा चुके थे. उन्होंने अपने पहले रणजी मैच में सेंचुरी मारी थी, फिर रणजीऔर दुलीप ट्रॉफी के फाइनल में सेंचुरी मारी.Prithvi Shaw speeds his side to victory! India make it two wins from two withtheir skipper hitting a half-century in their unbeaten pursuit 65 after AnukulRoy's five dismantled PNG! #INDvPNG#U19CWCScorecard ➡️ https://t.co/eqUyIdI5T9pic.twitter.com/YyVQQu45oS— Cricket World Cup (@cricketworldcup) January 16, 2018पृथ्वी के इसी टैलेंट के बूते उन्हें न्यूजीलैंड के भारत दौरे के दौरान इंडियनबोर्ड प्रेसिडेंट XI का भी हिस्सा बनाया गया था. इसमें पृथ्वी ने 66 रनों की पारीखेली थी, वो भी टिम साउदी और ट्रेंट बोल्ट जैसे पेस अटैक के सामने.पृथ्वी ने 3 साल की उम्र से क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था. तब उनकी हाइट स्टंप सेभी कम होती थी. 7-8 साल की उम्र में वो 11-12 साल के बच्चों के साथ प्रैक्टिस करनेलगे थे और अभी वो सिर्फ 12वीं में हैं, लेकिन महाराष्ट्र में दूर-दूर से लोग उनकागेम देखने आते हैं. जब वो चार साल के थे, तभी उनकी मां गुज़र गई थीं. फिर बेटे केक्रिकेट करियर को शेप देने के लिए पिता ने भी अपना कपड़ों का बिजनेस छोड़ दिया.Beyond All Boundaries नाम की डॉक्युमेंट्री में आप पृथ्वी के बारे में और भी बहुतकुछ जान सकते हैं.दी लल्लनटॉप की तरफ से पृथ्वी को गुड लक. वो ऐसे ही अच्छा खेलते रहें और खेलतेरहें.--------------------------------------------------------------------------------ये भी पढ़ें:रबाडा ने विराट कोहली को गाली दी और फिर पूरी अफ्रीकी टीम पछताईइंडियन टीम साउथ अफ़्रीका में कैच लेना भूल गई है क्या?ये वीडियो देखकर मान लेना चाहिए कि धोनी देवता हो चुके हैंमिलिए उस लड़के से, जिसने 27 दिनों में 1000 से ज्यादा रन मार दिए हैंपृथ्वी को तेंडुलकर कह कर सीमित क्यों किया जाए?अगले 'तेंदुलकर' ने बनाए 94 और भारत ने ऑस्ट्रेलिया को पटककर हरा दिया61 पर 4 विकेट थे, 64 पर पूरी टीम आउट हो गई