पारुल चौधरी ने शंघाई डायमंड लीग में किया कमाल! निकाला रिकॉर्ड समय
31 साल की उत्तर प्रदेश की एथलीट पारुल इस सीजन की अपनी पहली रेस में उतरी थीं. 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप टोक्यो के बाद ये उनका पहला कॉम्पिटिशन था. रेस में टोक्यो ओलंपिक चैंपियन युगांडा की पेरुथ चेमुताई और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन केन्या की फेथ चेरोटिच जैसी बड़ी स्टार एथलीट्स भी शामिल थीं.

भारतीय एथलीट पारुल चौधरी ने शनिवार, 16 मई को शंघाई डायमंड लीग के सीजन ओपनिंग मीट में शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने 3000 मीटर स्टीपलचेज रेस में 9 मिनट 12.84 सेकंड का समय निकाला और सातवीं पोजीशन पर फिनिश किया. ये किसी इंडियन विमेन एथलीट का दूसरा सबसे तेज टाइम है.
पारुल देश की नेशनल रिकॉर्ड होल्डर हैं. उनकी बेस्ट परफॉर्मेंस 9:12.46 सेकंड है, जो उन्होंने पिछले साल बनाया था. इस बार उनका समय उससे थोड़ा धीमा रहा, लेकिन इंटरनेशनल लेवल के कॉम्पिटिशन को देखते हुए ये प्रदर्शन बहुत अच्छा माना जा रहा है.
रेस का पूरा हाल31 साल की उत्तर प्रदेश की एथलीट पारुल इस सीजन की अपनी पहली रेस में उतरी थीं. 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप टोक्यो के बाद ये उनका पहला कॉम्पिटिशन था. रेस में टोक्यो ओलंपिक चैंपियन युगांडा की पेरुथ चेमुताई और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन केन्या की फेथ चेरोटिच जैसी बड़ी स्टार एथलीट्स शामिल थीं.
पारुल रेस की शुरुआत मिडिल पैक से की. पूरी रेस में उन्होंने लगातार अच्छी स्पीड बनाई रखी. 2800 मीटर तक वो आठवें स्थान पर थीं. आखिरी के 200 मीटर में उन्होंने तेज स्प्रिंट किया और अमेरिका की लेक्सी हॉलाडे को पीछे छोड़कर सातवें स्थान पर फिनिश किया. इस प्रदर्शन के साथ उन्हें डायमंड लीग फाइनल्स के लिए 2 अंक भी मिले.
टॉप एथलीट्स का रोमांचक मुकाबलारेस का फिनिश बहुत रोमांचक रहा. चेमुताई ने करीब 1200 मीटर से लीड ले ली थी और वो आगे बढ़ती रहीं. लेकिन आखिरी में उन्होंने जल्दी जश्न मनाना शुरू कर दिया, जो लगभग महंगा पड़ गया. चेरोटिच ने आखिरी 200 मीटर में तेज स्प्रिंट किया, लेकिन सिर्फ 0.01 सेकंड से पीछे रह गईं. चेमुताई ने 8:51.47 का समय निकाला, जो मीट रिकॉर्ड भी है.
चेमुताई ने बाद में कहा,
पारुल का आने वाला सीजन“मुझे लगा मैं जीत गई हूं. फिनिश लाइन पर फेथ का हाथ दिखा तो पता चला कि बहुत करीबी मुकाबला था. आज की जीत मुझे अगले हफ्ते श्यामेन रेस के लिए कॉन्फिडेंस देगी.”
2026 का सीजन पारुल के लिए काफी व्यस्त रहने वाला है. कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स एक महीने के अंदर होने वाले हैं. जापान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स में उनसे 3000 मीटर स्टीपलचेज और 5000 मीटर दोनों में पोडियम फिनिश की उम्मीद है. कॉमनवेल्थ गेम्स में अफ्रीकी एथलीट्स की मजबूत चुनौती रहेगी, इसलिए वहां मुकाबला और कड़ा होगा.
पारुल अगले हफ्ते रांची में फेडरेशन कप में भाग लेंगी. वहां उनकी परफॉर्मेंस आगे की प्लानिंग के लिए महत्वपूर्ण होगी.
पारुल चौधरी से भारतीय एथलेटिक्स की बड़ी उम्मीद हैं. उन्होंने पिछले साल नेशनल रिकॉर्ड दो बार बेहतर किया था. एशिया की बेहतरीन एंड्योरेंस रनर्स में उनका नाम शामिल है. उनकी मेहनत और लगातार सुधार भारतीय महिला एथलेटिक्स को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है.
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