'बर्तन धोने पड़े थे...', पाकिस्तानी हॉकी टीम के कप्तान पर सच बोलने के लिए लगा बैन हटा
पाकिस्तानी हॉकी टीम के कप्तान Ammad Shakeel Butt पर सच बोलने पर कार्रवाई की गई थी. उन्होंने Pakistan Hockey Federation पर गंभीर आरोप लगाए थे. इसे लेकर उन पर दो साल का बैन लगा दिया गया था. लेकिन, बाद में इस फैसले को खारिज कर दिया गया.

पाकिस्तानी हॉकी टीम के कप्तान अम्माद शकील बट (Ammad Shakeel Butt) को सच बोलने पर बैन कर दिया गया था. ऑस्ट्रेलिया में पाकिस्तानी टीम को जिन मुश्किलों का सामना करना पड़ा. उसे लेकर पाकिस्तानी हॉकी टीम के कप्तान अम्माद शकील ने आवाज उठाई थी. उन्होंने पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बदइंतजामी का खुलासा कर दिया था. इसे लेकर फेडरेशन ने उन पर दो साल का बैन लगा दिया था.
यह बैन तारिक बुगती ने लगाया था, जिन्होंने इस फैसले के तुरंत बाद पीएचएफ के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. हालांकि, उनके इस फैसले को लेकर जब PHF की खूब फजीहत हुई तो पीएचएफ के अंतरिम अध्यक्ष मुहुयदीन अहमद वानी ने बैन को रद्द कर दिया है. उन्होंने साथ ही ये भी कहा कि यह कदम संवैधानिक रूप से सही नहीं है.
क्या है पूरा मामला?दरअसल, ये पूरा मामला ऑस्ट्रेलिया दौरे का है. जब पाकिस्तानी टीम होबार्ट में हुए एफआईएच प्रो लीग (FIH Pro League) में भाग लेने पहुंची थी. यहां टीम को मैदान के अंदर प्रदर्शन और मैदान के बाहर अव्यवस्था, दोनों से जूझना पड़ा. टूर्नामेंट में पाकिस्तान को ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी से हार मिली. लेकिन, असली चर्चा खिलाड़ियों की ओर से झेली गई कथित बदइंतजामी की रही. दरअसल, कप्तान अम्माद ने टूर्नामेंट से लौटने के बाद फेडरेशन पर अपना गुस्सा निकाला था.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम होबार्ट रवाना होने से पहले करीब 12-15 घंटे तक सिडनी एयरपोर्ट पर फंसी रही. होटल बुकिंग रद्द होने के कारण खिलाड़ियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. लाहौर लौटने के बाद अम्माद बट ने फेडरेशन पर तीखा हमला बोला था. उनका दावा था कि ऑस्ट्रेलिया दौरे में खिलाड़ियों को किचन साफ करने और बर्तन धोने तक के लिए मजबूर किया गया. उन्होंने कहा था कि टीम की ओर से भेजे गए वीडियो असली थे. लेकिन, बाद में दबाव बनाकर स्थिति सामान्य दिखाने की कोशिश कराई गई थी. उन्होंने कहा था,
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कप्तान अम्माद ने क्या बताया था?अम्माद ने बताया था कि पाकिस्तान की टीम जब ऑस्ट्रेलिया पहुंची तभी से वह इस मिसमैनेजमेंट का शिकार हो रही थी. खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए कैनबरा में एक 4 स्टार होटल में कमरे बुक किए गए थे. उन्हें बताया गया था कि पाकिस्तान खेल बोर्ड और पीएचएफ ने कैनबरा में उनके रहने के लिए सारे भुगतान कर दिए हैं.
टीम के सदस्यों को कैनबरा पहुंचने पर कई घंटे सड़क पर बिताने पड़े. पैसों की कमी के चलते पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन ने होटल की बुकिंग के लिए एडवांस पेमेंट नहीं की. इसी कारण, उनकी बुकिंग रद्द हो गई. इसके बाद, टीम के लिए Airbnb बुक कराया गया. वो भी सिर्फ 10 दिनों के लिए बुक किया गया था. कप्तान ने उसे लेकर कहा था,
इससे पहले, अर्जेंटीना में प्रो लीग के पहले चरण में खिलाड़ियों को दैनिक भत्ते नहीं मिले थे. इससे विदेश में उन्हें पैसों की किल्लत हो गई थी. साथ ही बट ने खुलासा किया कि पीएचएफ ने खिलाड़ियों को चेतावनी दी थी कि अगर वे मीडिया से बात करेंगे तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा,
फेडरेशन ने सच बोलने को माना था अनुशासनहीनताफेडरेशन ने इन आरोपों को अनुशासनहीनता मानते हुए कप्तान को दो साल के लिए बैन कर दिया था. PHF अध्यक्ष का कहना था कि सार्वजनिक तौर पर बोर्ड पर आरोप लगाने से संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचा है. मामले ने तूल पकड़ा तो PHF के अध्यक्ष तारिक बुगती ने भी पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि अर्जेंटीना दौरे से जुड़े होटल भुगतान में देरी Pakistan Sports Board की ओर से हुई थी, जिससे व्यवस्थाएं प्रभावित हुईं.
बुगती ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अपील की कि पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई जाए, ताकि मिसमैनेजमेंट की सच्चाई सामने आ सके. उन्होंने अपने कार्यकाल में सीमित संसाधनों के बावजूद हॉकी के विकास के लिए काम करने का दावा भी किया.
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