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'वर्ल्डकप का फाइनल खेलने के लिए मुझे 1000 रुपये मिले... ' मिताली राज ने सच्चाई उजागर कर दी

एक ऐसा समय भी था जब महिला क्रिकेटर्स जनरल डब्बे में बैठकर सफर करती थीं, उन्हें किसी तरह का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिला था, कोई मैच फीस नहीं मिलती थी. भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज ने महिला क्रिकेट के शुरुआती दिनों के बारे में बताया.

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27 जुलाई 2025 (पब्लिश्ड: 05:34 PM IST)
MITHALI RAJ, cricket news, sports news
मिताली राज ने 1997 में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था. (Photo-PTI)
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BCCI ने पिछले कुछ समय में भारतीय क्रिकेट में महिला और पुरुष खिलाड़ियों के बीच समानता के लिए कई अहम कदम उठाए हैं. चाहें वो मैच फीस बराबर करना हो, या फिर सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाना. महिला खिलाड़ियों को हर वो सुख-सुविधा दी जाती है कि पुरुष टीम को मिलती है. हालांकि हमेशा से ऐसा नहीं था. एक ऐसा समय भी था जब महिला क्रिकेटर्स जनरल डब्बे में बैठकर सफर करती थीं, उन्हें किसी तरह का सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिला था, कोई मैच फीस नहीं मिलती थी. भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज (Mithali Raj) ने महिला क्रिकेट के शुरुआती दिनों के संघर्ष की कहानी बताई.

वर्ल्ड कप फाइनल खेलने के बाद मिले 8 हजार रुपए

मिताली राज ने द लल्लनटॉप के शो गेस्ट इन द न्यूजरूम में बताया कि वर्ल्ड कप फाइनल खेलने के बाद भी उन्हें केवल 1000 रुपए मिले थे. उन्होंने कहा,

हमारा एनुअल कॉन्ट्रैक्ट नहीं था. हमें बीसीसीआई के अंदर आने के बाद एनुअल कॉन्ट्रैक्ट मिला. साथ ही हमें कोई मैच फीस भी नहीं मिलती थी. मुझे लगता है कि जब हम 2005 वर्ल्ड कप में उपविजेता थे और हम लौटे तो हमें उस टूर्नामेंट में हर मैच के लिए 1000 रुपए दिए गए थे. हमने 8 मैच खेले थे तो हमें 8 हजार रुपए दिए गए थे.

महिला क्रिकेट में नहीं था पैसा

मिताली के मुताबिक BCCI के आने के बाद महिला क्रिकेट में पैसा आया. इससे पहले एसोसिएशन के पास ही पैसा नहीं था तो खिलाड़ियों के पास कहां से आता है. उन्होंने कहा,

हमें उस समय मैच फीस नहीं मिलती थी क्योंकि तब इस खेल में भी पैसा नहीं था. बीसीसीआई के अंदर आने के बाद हमें धीरे-धीरे सबकुछ मिलना शुरू हुआ. पहले हर सीरीज के लिए पैसे मिलते थे, फिर हर मैच के लिए और फिर कुछ साल पहले जाकर महिला और पुरुष क्रिकेटर्स की फीस बराबर हुई. एक टेस्ट मैच के लिए 15 लाख, वनडे मैच के लिए छह लाख रुपए और टी20 के लिए तीन लाख रुपए दिए जाते हैं.

मिताली राज की कप्तानी में भारत ने 2017 वनडे वर्ल्ड कप का भी फाइनल खेला था. तब भारतीय महिला टीम की हर खिलाड़ी को बीसीसीआई की तरफ से 50-50 लाख रुपए दिए गए थे. वहीं कई राज्य सरकारों ने भी अपने-अपने खिलाड़ियों को पैसे दिए थे.

वीडियो: गेस्ट इन द न्यूजरूम: 'साजिश, ब्लैकमेल...' महिला क्रिकेटर मिताली राज को टीम से किसने निकलवाया?

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