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रघुवंशी के 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' आउट पर MCC ने थर्ड अंपायर के फैसले को सही बताया

MCC ने पुरानी किताब 'टॉम स्मिथ्स क्रिकेट अंपायरिंग एंड स्कोरिंग' का भी हवाला दिया. बताया कि इस किताब में साफ लिखा है कि, जब कोई बैटर रन लेते समय दिशा बदलता है, तो ये 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' माना जाएगा.

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30 अप्रैल 2026 (पब्लिश्ड: 05:21 PM IST)
MCC backs third umpire's call on Raghuvanshi's 'obstructing the field' dismissal
MCC ने ये भी साफ किया कि गेंद स्टंप्स पर लगती या नहीं, ये बात मायने नहीं रखती. (फोटो- PTI)
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IPL 2026 के 38वें मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच विकेट को लेकर विवाद हो गया. KKR के बैटर अंगकृष रघुवंशी को 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' के नियम के तहत आउट दिया गया था. अब क्रिकेट की सबसे बड़ी संस्था MCC (Marylebone Cricket Club) ने थर्ड अंपायर के उस फैसले को पूरी तरह सही ठहराया है.

फील्ड पर क्या हुआ था?

मैच के दौरान रघुवंशी क्रीज पर बल्लेबाजी कर रहे थे. उन्होंने मिड-ऑन की तरफ शॉट खेला और तेजी से एक रन लेने के लिए दौड़ पड़े. उनके पार्टनर कैमरन ग्रीन ने बीच में ही उन्हें वापस भेज दिया. रघुवंशी शुरू में विकेट के ऑफ साइड से दौड़े, लेकिन फिर मुड़कर लेग साइड से क्रीज में वापस लौटने की कोशिश की.

इसी बीच लखनऊ के फील्डर मोहम्मद शमी ने स्टंप्स की तरफ थ्रो किया. गेंद रघुवंशी से टकरा गई. लखनऊ की टीम ने अपील की और थर्ड अंपायर रोहन पंडित ने रिव्यू के बाद रघुवंशी को आउट दे दिया. थर्ड अंपायर का कहना था कि रघुवंशी ने दौड़ते समय अपनी दिशा बदल दी थी और बिना वजह पिच के बीच से गुजरे, जिससे वो फील्डर के थ्रो के बीच में आ गए.

MCC का बड़ा बयान

इस फैसले पर काफी बहस हुई. कई पूर्व खिलाड़ी और कमेंटेटर इसे सख्त फैसला बता रहे थे. लेकिन MCC ने साफ कहा कि थर्ड अंपायर बिल्कुल सही थे. MCC ने MCC लॉ 37.1.1 का हवाला दिया. इसमें लिखा है कि अगर कोई बैटर जानबूझकर (wilfully) फील्डिंग टीम को शब्दों या हरकत से रोकने या विचलित करने की कोशिश करता है तो उसे आउट माना जाएगा.

MCC ने पुरानी किताब 'टॉम स्मिथ्स क्रिकेट अंपायरिंग एंड स्कोरिंग' का भी हवाला दिया. बताया कि इस किताब में साफ लिखा है कि, जब कोई बैटर रन लेते समय दिशा बदलता है, तो ये 'ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड' माना जाएगा. यानी, ऐसा माना जाएगा कि बैटर ने जानबूझकर दिशा बदली. MCC ने कहा,

"पिच को क्रॉस करना ही उनकी गलती थी."

अगर रघुवंशी ऑफ साइड पर ही रहते या उसी रास्ते से वापस लौटते, तो शायद ये आउट नहीं होता. MCC ने ये भी साफ किया कि गेंद स्टंप्स पर लगती या नहीं, ये बात मायने नहीं रखती. सिर्फ इरादा और हरकत देखी जाती है.

रघुवंशी पर सजा भी लगी

आउट दिए जाने के बाद रघुवंशी काफी गुस्से में थे. उन्होंने बैट से बाउंड्री कुशन को हिट किया गया था, और हेलमेट भी फेंक दिया. इस वजह से उन्हें मैच फीस का 20% जुर्माना और एक डीमेरिट पॉइंट भी मिला. ये IPL के कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन माना गया.

कितना दुर्लभ है यह आउट?

IPL के 19 साल के इतिहास में ये सिर्फ चौथा मौका है जब किसी खिलाड़ी को ऑब्स्ट्रक्टिंग द फील्ड के तहत आउट दिया गया हो. इससे पहले यूसुफ पठान, अमित मिश्रा और रविंद्र जडेजा इस नियम से आउट हो चुके हैं.

क्या कहते हैं नियम?

IPL प्लेइंग कंडीशंस में क्लॉज 37.1.4 में लिखा है कि अगर अंपायर को लगे कि बैटर ने रन लेते समय बिना वजह दिशा बदली और इससे रन आउट का प्रयास रोका गया, तो उसे आउट माना जाएगा. इसमें ये देखना जरूरी नहीं कि रन आउट होता या नहीं.

वीडियो: कैमरन ग्रीन टीम के लिए महंगे साबित हो रहे, अब क्या करेगी KKR?

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