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खेल रत्न अवॉर्ड के लिए मनु भाकर से ही हुई बड़ी 'चूक', खुद बताया पूरा मामला

Manu Bhaker ने कहा है कि अवॉर्ड के लिए नामांकन भरते समय शायद उनकी ओर से कोई चूक हो गई है, जिसे सुधारा जा रहा है.

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24 दिसंबर 2024 (पब्लिश्ड: 05:08 PM IST)
Manu Bhaker on khel ratna controversy says there might have some lapse in filing nomination
मनु ने सभी से अनुरोध किया कि वो इस मामले पर अटकलें न लगाएं. (फोटो- PTI)
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मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड को लेकर ओलंपिक्स मेडल विनर मनु भाकर पिछले 24 घंटे से चर्चा में हैं. पेरिस ओलंपिक्स में दो मेडल जीतने के बाद उम्मीद थी कि मनु भाकर को इस बार देश के सबसे बड़े खेल अवॉर्ड से सम्मानित किया जाएगा. लेकिन, जब लिस्ट बनी तो इसमें मनु का नाम नहीं था. इसके बाद मनु के पिता ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. अब इस पूरे मामले पर मनु भाकर की सफाई सामने आई है (Manu Bhaker on Khel Ratna Controversy). मनु ने कहा है कि अवॉर्ड के लिए नामांकन भरते समय शायद उनकी ओर से कोई चूक हो गई है, जिसे सुधारा जा रहा है.

सोशल मीडिया पर मेजर ध्यानचंद खेल रत्न अवॉर्ड को लेकर उठी कॉन्ट्रोवर्सी पर पोस्ट करते हुए मनु ने लिखा,

“सबसे प्रतिष्ठित खेल रत्न पुरस्कार के लिए मेरे नामांकन को लेकर चल रहे मुद्दे के संबंध में मैं बताना चाहूंगी कि एक एथलीट के रूप में मेरी भूमिका अपने देश के लिए खेलना और प्रदर्शन करना है. अवॉर्ड्स और मान्यताएं मुझे प्रेरित तो रखते हैं, लेकिन ये मेरा लक्ष्य नहीं हैं. मेरा मानना है कि नामांकन भरते समय शायद मेरी ओर से कोई चूक हो गई है, जिसे सुधारा जा रहा है. इन सब के बावजूद मैं अपने देश के लिए और अधिक मेडल जीतने के लिए प्रेरित रहूंगी. आप सभी से अनुरोध है कि कृपया इस मामले पर अटकलें न लगाएं.”

पिता ने क्या कहा था?

बता दें कि अवॉर्ड की लिस्ट में मनु का नाम ना होने पर उनके पिता ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी. मनु के पिता टाइम्स ऑफ़ इंडिया से बात करते हुए बोले,

“मुझे उसको शूटिंग के खेल में डालने पर अफ़सोस हो रहा है. मुझे उसको एक क्रिकेटर बनाना चाहिए था. फिर सारे अवॉर्ड्स उसके हिस्से में आते. उन्होंने एक ओलंपिक्स में दो मेडल्स जीते, किसी ने ऐसा कभी नहीं किया था. आप मेरे बच्चे से देश के लिए और क्या उम्मीद करते हैं? सरकार को उसके प्रयासों को समझना चाहिए. मैंने मनु से बात की, वह इस सबसे बहुत दुखी है. उसने मुझसे कहा कि मुझे ओलंपिक्स जाकर देश के लिए मेडल्स जीतने ही नहीं चाहिए थे. शायद मुझे स्पोर्ट्सपर्सन ही नहीं बनना चाहिए था.”

अब से पहले, ओलंपिक्स में मेडल्स जीतने वालों को खेल रत्न दिया जाता था. साल 2021 टोक्यो ओलंपिक्स और पैरालंपिक्स में मेडल जीतने वाले सारे एथलीट्स को खेल रत्न अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था.

इस पूरे मामले पर खेल मंत्रालय के अधिकारियों ने दावा किया कि शूटर मनु ने इसके लिए अप्लाई ही नहीं किया था. लेकिन मनु के पिता का कहना है कि मनु ने खुद इस अवॉर्ड के लिए अप्लाई किया था. सोर्सेज़ के हवाले से टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने दावा किया था कि स्पोर्ट्स मिनिस्टर मनसुख मांडविया खेल रत्न, अर्जुन अवॉर्ड, द्रोणाचार्य अवॉर्ड्स की लिस्ट देखेंगे. और बुधवार, 25 दिसंबर को इस पर अप्रूवल देंगे. सोर्सेज़ के मुताबिक मांडविया अभी ट्रैवल ही कर रहे हैं. उन्हें मनु से जुड़े विवाद के बारे में जानकारी दे दी गई है.

वीडियो: कहानी मनु भाकर की, जिन्होंने भारत को पेरिस ओलंपिक्स में 2 मेडल जिताए

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