The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Sports
  • Kamran Akmal on Pakistan loss Worst performance of my life PAK pick favourites

‘पाकिस्तान क्रिकेट में मेरिट मर चुकी है’, बांग्लादेश से हार पर कमरान अकमल भड़के

Kamran Akmal ने भारतीय टीम की तारीफ करते हुए कहा कि यहां मेरिट पर ध्यान दिया जाता है. उन्होंने एमएस धोनी, सौरव गांगुली, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे कप्तानों का उदाहरण दिया, जो हमेशा टीम को पहले रखते थे.

Advertisement
pic
20 मई 2026 (पब्लिश्ड: 05:56 PM IST)
Kamran Akmal on Pakistan loss Worst performance of my life PAK pick favourites
अकमल ने पाकिस्तान क्रिकेट को चलाने वालों पर जमकर निशाना साधा. (फोटो- AFP)
Quick AI Highlights
Click here to view more

Bangladesh ने पाकिस्तान को टेस्ट सीरीज में हराकर रिकॉर्ड बनाया. पहली बार अपने घर पर पाकिस्तान के खिलाफ सीरीज जीती. हार के बाद पूर्व पाकिस्तानी विकेटकीपर कामरान अकमल ने इसे पाकिस्तानी टीम का सबसे खराब प्रदर्शन बताया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान टीम में गहरी समस्या है और इसमें जल्द कोई सुधार होता नहीं दिख रहा.

अकमल ने यूट्यूब चैनल 'गेम प्लान' पर बात करते हुए पहले बांग्लादेश क्रिकेट टीम की तारीफ की. उन्होंने कहा,

"बांग्लादेश टीम और पूरे देश को बहुत-बहुत मुबारकबाद. उन्होंने शानदार क्रिकेट खेला. देश में विरोध प्रदर्शन और सरकारी संकट चल रहा था, फिर भी उन्होंने अपने बेसिक्स पर ध्यान नहीं छोड़ा. ये बहुत बड़ी उपलब्धि है."

लेकिन पाकिस्तान की बात करते हुए अकमल की टोन बदल गई. उन्होंने कहा,

"शर्म के अलावा कुछ नहीं बचा. हम छह-सात साल से यही बातें कह रहे हैं, लेकिन कुछ भी नहीं बदला."

अकमल ने पाकिस्तान क्रिकेट को चलाने वालों पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि फैसले ऐसे लोग ले रहे हैं जिन्हें क्रिकेट की कोई जानकारी नहीं है, और कोई जवाबदेही भी नहीं है.

अकमल बोले,

"जब क्रिकेट की नॉलेज न रखने वाले लोगों का अहंकार बीच में आ जाता है तो क्रिकेट कभी बेहतर नहीं हो सकता. पैराशूट एंट्री होती है, मेरिट और स्किल की कोई वैल्यू नहीं रहती. गलती को लेकर किसी की कोई जवाबदेही नहीं होती, परफॉर्मेंस का कोई क्राइटेरिया भी नहीं होता."

फिटनेस पर सवाल

अकमल ने प्लेयर्स की फिटनेस के मुद्दे पर भी गुस्सा दिखाया. उन्होंने कहा कि PSL में कोई खिलाड़ी कभी फिटनेस की वजह से बाहर नहीं होता. लेकिन डोमेस्टिक क्रिकेट शुरू होते ही फिटनेस सर्टिफिकेट आने लगते हैं.

उन्होंने बताया,

"ये मानसिकता है तो क्रिकेट कैसे सुधरेगा?"

अकमल ने डोमेस्टिक प्लेयर्स के साथ हो रहे सलूक पर भी सवाल उठाए. बोले,

"एक खिलाड़ी जो 100-200 रन बना सकता है, 18 ओवर बॉलिंग कर सकता है, उसका करियर खत्म कर दिया जाता है. क्योंकि वो एक जंप नहीं कर पाया. दो किलोमीटर दौड़ में अगर आधा मिनट ज्यादा लग गया तो कह देते हैं फिट नहीं है. पहले खुद को देखो जो फैसले ले रहे हो."

भारत से तुलना कर दी

अकमल ने भारतीय टीम की तारीफ करते हुए कहा कि यहां मेरिट पर ध्यान दिया जाता है. उन्होंने एमएस धोनी, सौरव गांगुली, विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे कप्तानों का उदाहरण दिया, जो हमेशा टीम को पहले रखते थे.

अकमल ने बताया,

"पुजारा को ड्रॉप किया गया, अजिंक्य रहाणे को ड्रॉप किया गया, शिखर धवन को ड्रॉप किया गया. धवन कितने बड़े परफॉर्मर थे. यहां क्रिकेट पहले, टीम पहले आती है. पाकिस्तान में दोस्ती मैदान पर लाई जाती है."

अकमल ने सुधार के लिए कुछ सुझाव भी दिए. उन्होंने कहा कि क्लब लेवल से शुरुआत करनी होगी. टेस्ट स्पेशलिस्ट प्लेयर्स को पहचानना होगा और पेसर्स को पर्याप्त रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का मौका देना होगा. उन्होंने कहा कि,

"जब ये सिस्टम बनेगा तभी कह सकते हैं कि हम फिर से खड़े हुए हैं."

लेकिन उन्होंने ऐसा होने की उम्मीद कम ही जताई. अकमल ने कहा कि व्यावहारिक रूप से देखें तो अगले चार-पांच साल में सुधार नहीं दिखेगा. सब कुछ वैसा ही चलता रहेगा. उन्होंने कहा कि अगर बेहतर होना है तो बड़े और कड़े फैसले लेने होंगे. वरना कुछ नहीं बदलेगा.

वीडियो: पाकिस्तानी बल्लेबाज़ों पर प्रेशर, क्या बाबर आज़म अब दिला पाएंगे टीम को जीत?

Advertisement

Advertisement

()