शॉर्ट बॉल पर ताने मिलते थे, श्रेयस अय्यर ने इसे फ्यूल में कैसे बदला?
पहले Shreyas Iyer शॉर्ट बॉल पर सिर्फ सिंगल लेने या गेंद को नीचे रखने की कोशिश करते थे. अब उनकी सोच बदल गई है.

श्रेयस अय्यर का बल्ला IPL 2026 में आग उगल रहा है. पहले लोग श्रेयस अय्यर का नाम लेते थे तो बस एक ही चीज बोलते थे, ‘शॉर्ट बॉल का भूत!’. बॉलर सिर पर गेंद फेंकता और श्रेयस का बैट कांपने लगता. लोग मजाक उड़ाते, सोशल मीडिया पर मीम्स बनते. ये सब सुन-सुनकर श्रेयस के अंदर कुछ टूटता भी था और कुछ जलता भी था. इस सीजन जसप्रीत बुमराह की तेज और बाउंस लेती गेंद को श्रेयस ने घुमाकर छक्का जड़ा था. लोगों के ताने सुन सरपंच अय्यर ने अपनी कमजोरी को कैसे फेवरेट शॉट में बदल दिया, इस बारे में उन्होंने खुलकर बात की है.
श्रेयस पंजाब किंग्स (PBKS) की कप्तानी कर रहे हैं. IPL 2026 में उनकी टीम धमाल मचा रहा है. अभी तक एक भी मैच नहीं हारी है. JioHotstar को दिए एक इंटरव्यू में अय्यर ने अपनी पुरानी कमजोरी के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि लोगों के ताने उन्हें ट्रिगर करते थे.
लेकिन अब? अब वो ताने उन्हें फ्यूल देते हैं. बुमराह जैसा वर्ल्ड क्लास बॉलर जब शॉर्ट बॉल फेंकते हैं, तो ज्यादातर बल्लेबाज डर जाते हैं. लेकिन श्रेयस ने अपनी कमजोरी पर काम किया, और उसी शॉट को अपने फेवरेट शॉट में बदल दिया.
पुरानी परेशानी और तानेश्रेयस अय्यर पहले शॉर्ट बॉल से काफी परेशानी होते थे. चोट लगने के बाद और भी ज्यादा सवाल उठने लगे थे. श्रेयस ने बताया,
“बैक इंजरी के बाद कई लोग कहते थे कि अब मैं पहले जैसा कभी नहीं खेल पाऊंगा. मैंने खुद से पूछा कि मैं क्यों नहीं खेल सकता? इंजरी के बाद आप अपना माइंडसेट किस तरह से बदलते हो, वो ज्यादा जरूरी होता है. किस पर फोकस करना है, और क्या इग्नोर करना है, ये आपकी कॉल होती है.”
यही सही सोच उन्हें आगे ले गई. श्रेयस ने अपनी तैयारी को बहुत मजबूत किया. अब वो नेट प्रैक्टिस में करीब 50 ओवर बैटिंग करते हैं और 300 से ज्यादा गेंदों का सामना करते हैं. इससे उन्हें अपनी ताकत और कमजोरी अच्छे से समझ आती है. वो जल्दी से सही पोजीशन में आ जाते हैं, जिससे उनका शॉट फ्लो में निकलता है.
प्रवीण आमरे के साथ काम कियाश्रेयस ने बचपन से ही प्रवीण आमरे के साथ काम किया है. अब वो अभिषेक नायर जैसे कोच के साथ भी मिलकर आइडिया शेयर करते हैं. उन्होंने एबी डिविलियर्स, रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज बल्लेबाजों की तकनीक को भी ध्यान से देखा. इन खिलाड़ियों में शॉट खेलने से पहले जो रिदम और फ्लो होता है, उसे उन्होंने अपनी बैटिंग में शामिल किया.
पहले वो शॉर्ट बॉल पर सिर्फ सिंगल लेने या गेंद को नीचे रखने की कोशिश करते थे. अब उनकी सोच बदल गई है. श्रेयस कहते हैं,
“अगर मेरे जोन में शॉर्ट बॉल आई तो मैं उसे छक्का ही मारूंगा. मैंने प्रवीण आमरे के साथ इस पर काफी काम किया है. अभिषेक नायर से भी बात की है.”
श्रेयस ने आगे बताया,
नतीजा दिखा IPL 2026 में“अब मैं नेट प्रैक्टिस में 50 ओवर तक बैटिंग करने की कोशिश करता हूं और 300 से ज्यादा गेंदें खेलता हूं. इससे मुझे अच्छे से समझ आता है कि मेरे लिए क्या काम करता है. मैं कोई फिक्स्ड रूटीन नहीं फॉलो करता. मुझे बीच में ज्यादा समय मिले, इसके लिए मैं साइडआर्म की बजाय असली बॉलर्स की बॉल खेलता हूं. जितना ज्यादा मैं गेंदबाजों का सामना करता हूं, उतना ही मेरी बैटिंग मूवमेंट साफ होती जाती है. मैं रिदम बनाने पर फोकस करता हूं. बॉलर के गेंद फेंकने से ठीक पहले मैं जल्दी से अपनी पोजीशन में आ जाता हूं. इससे एक अच्छा फ्लो बनता है. आपने एबी डिविलियर्स को ऐसा करते देखा ही होगा. रोहित शर्मा और विराट कोहली भी शॉट खेलने से पहले इसी तरह का रिदम बनाते हैं. मैं भी वैसा ही करने की कोशिश करता हूं.”
IPL 2026 में अय्यर की बैटिंग में ये बदलाव साफ दिखाई दिया. पंजाब किंग्स के कप्तान के रूप में श्रेयस न सिर्फ अच्छा स्कोर बना रहे हैं, बल्कि टीम को भी अच्छी तरीके से लीड कर रहे हैं. बुमराह की शॉर्ट बॉल पर लगाया गया छक्का इसी नई मानसिकता और मेहनत का नतीजा था.
श्रेयस अय्यर IPL के इस सीजन में अब तक 6 मैचों में 279 रन बना चुके हैं. उनका स्ट्राइक रेट 186 का है. वहीं एवरेज लगभग 70 का है. अय्यर के नाम इस सीजन 4 फिफ्टी प्लस स्कोर हैं.
वीडियो: पंजाब किंग्स और लखनऊ जायंट्स के बीच श्रेयस अय्यर का रिएक्शन क्यों वायरल?

