ओलंपिक एथलीट्स को अब मिलेगा पैसा, IOC ने 130 साल पुरानी परंपरा तोड़ी
हर एथलीट को ये सपोर्ट मिलेगा, चाहे वो मेडल जीते या न जीते. माने, सिर्फ पार्टिसिपेशन के आधार पर ही एथलीट्स को ग्रांट दिया जाएगा. इसका मकसद एथलीट्स के स्पोर्ट्स करियर को सपोर्ट करना या करियर चेंज करने में मदद करना है.

इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) ने ओलंपिक गेम्स में 130 साल पुरानी परंपरा को तोड़ दिया है. अब ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने वाले सभी एथलीट्स को 10,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 8.5 लाख रुपये) दिए जाएंगे. ये “फिट फॉर द फ्यूचर ओलंपियन ग्रांट” के तहत दिया जाएगा. इससे पहले ओलंपिक में खेलने वाले एथलीट्स को कोई भी पैसा नहीं मिलता था.
ये 2026 विंटर ओलंपिक से शुरू हो चुका है. विंटर ओलंपिक फरवरी में आयोजित किए गए थे. हर एथलीट को ये राशि मिलेगी, चाहे वो मेडल जीते या न जीते. माने, सिर्फ पार्टिसिपेशन के आधार पर ही एथलीट्स को ग्रांट दिया जाएगा. इसका मकसद एथलीट्स के स्पोर्ट्स करियर को सपोर्ट करना या करियर चेंज करने में मदद करना है.
IOC ने इस ग्रांट के लिए कुल 10 करोड़ डॉलर (लगभग 850 करोड़ रुपये) का फंड बनाया है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक IOC एथलीट्स कमीशन के चेयरमैन पाउ गैसोल ने इस ऐलान पर कहा,
“ये ग्रांट हर ओलंपियन के लिए है. सिर्फ मेडल विनर्स या अमीर देशों के एथलीट्स के लिए नहीं. हर एथलीट ओलंपिक तक पहुंचने के लिए सालों की मेहनत, त्याग और सपनों पर यकीन करता है. उनकी जर्नी अलग-अलग हो सकती है, लेकिन हर किसी ने बहुत कुछ कुर्बान किया है.”
गैसोल खुद स्पेन के तीन बार ओलंपिक मेडलिस्ट और NBA के महान खिलाड़ी रह चुके हैं. उन्होंने बताया कि NBA खिलाड़ी भी इस ग्रांट के हकदार हैं. पर उन्होंने कहा कि वो इस पैसे को आने वाले खिलाड़ियों की मदद में इस्तेमाल कर सकते हैं. गैसोल ने कहा कि इस पैसे का इस्तेमाल एथलीट्स अपनी इच्छा से करेंगे और IOC उन्हें अच्छे विकल्प देगा.
लॉस एंजेलिस ओलंपिक2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक गेम्स में करीब 11,000 एथलीट्स हिस्सा लेंगे. उनके लिए करीब 11 करोड़ डॉलर (लगभग 920 करोड़ रुपये) का ग्रांट रखा गया है. एथलीट्स को ये राशि ओलंपिक के बाद मिलेगी, बशर्ते वो डोपिंग टेस्ट में क्लीन हों. पाउ गैसोल ने कहा,
“ये सभी के लिए एक बड़ी जीत है. ये प्राइज मनी नहीं है, बल्कि सपोर्ट है.”
ये फैसला IOC की नई रणनीति का हिस्सा है, जिसकी अध्यक्षता नई प्रेसिडेंट किर्स्टी कोवेंट्री कर रही हैं. उन्होंने एक साल पहले पद संभाला था. IOC ने एथलीट्स की राय सुनी. समीक्षा के दौरान पता चला कि एथलीट्स चाहते हैं कि पूरे ओलंपिक जर्नी और उसके बाद भी उन्हें सीधा सपोर्ट मिले. सालों तक एथलीट्स को स्पॉन्सरशिप, ट्रेनिंग और रोजी-रोटी के लिए संघर्ष करना पड़ता था. कई देशों में सरकारी सपोर्ट कम होने से एथलीट्स को दिक्कत होती थी.
आज के समय में स्पोर्ट्स फॉलो करना बहुत महंगा हो गया है. ट्रेनिंग, कोच, इक्विपमेंट, ट्रैवल और डाइट पर लाखों रुपये खर्च होते हैं. कई एथलीट्स पैसे की कमी की वजह से बीच में ही सफर छोड़ देते हैं. ये ग्रांट उन्हें थोड़ी राहत देगा. खासकर छोटे देशों और कम संसाधन वाले एथलीट्स के लिए ये बहुत फायदेमंद साबित होगा.
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