सूर्या की कप्तानी क्यों छिन गई? पूरी Inside Story
सूर्यकुमार यादव टी20 फॉर्मेट में टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तानों में शामिल हैं. उनकी कप्तानी में टीम इंडिया ने 9 बाइलेट्रेल सीरीज, एशिया कप और टी20 वर्ल्ड कप जीता.

सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) जल्द ही कप्तान से पूर्व कप्तान बनने वाले हैं. टीम इंडिया के मैनेजमेंट ने न सिर्फ कप्तान बल्कि बतौर बल्लेबाज भी उनसे आगे बढ़ने का फैसला कर लिया है. लेकिन ऐसा क्यों हुआ? तीन महीने पहले जिस कप्तान ने टीम इंडिया को वर्ल्ड चैंपियन बनाया, वह अचानकर टीम सेटअप से ही बाहर कैसे हो गया? यह फैसला रातों-रात नहीं लिया गया. इस कदम की चर्चा टी20 वर्ल्ड कप से पहले ही होने लगी थी.
बतौर कप्तान हिट थे सूर्यकुमार यादवसूर्यकुमार ने क्या गलती की? उससे पहले यह जानना जरूरी है कि बतौर कप्तान उनका करियर कैसा रहा? सूर्यकुमार यादव टी20 फॉर्मेट में टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तानों में शामिल हैं. जुलाई 2024 में जब हार्दिक पंड्या को कप्तानी का दावेदार माना जा रहा था, तब मैनेजमेंट ने यह जिम्मेदारी सूर्यकुमार यादव को दी. वर्ल्ड चैंपियन टीम की कप्तानी करने में सूर्यकुमार ने कोई कमी नहीं छोड़ी. उनके कप्तान रहते हुए टीम एक भी टी20 सीरीज नहीं हारी. 9 बाइलेट्रल सीरीज के अलावा भारत ने सूर्या की कप्तानी में ही एशिया कप जीता.
और जब बात आई वर्ल्ड कप की, तो यहां भी सूर्या का रिकॉर्ड जारी रहा. सूर्या ने 50 मैचों में कप्तानी की, जिसमें से भारत को 42 में जीत मिली. वर्ल्ड कप जीतने के बाद से भारत ने कोई टी20 सीरीज नहीं खेली. तो आखिर तीन महीने में ऐसा क्या हुआ कि सबसे सफल कप्तान टीम में जगह बनाने में भी कामयाब नहीं हो पाया? टीम के कोच और सेलेक्टर उन्हें बाहर करने के लिए तैयार कैसे हुए?
सूर्यकुमार का फॉर्म पर कप्तानी का असरइसके पीछे बड़ी वजह है सूर्यकुमार यादव की बल्लेबाजी. सूर्यकुमार बार-बार यह कहते रहे कि कप्तान बनने का असर उनकी बल्लेबाजी पर नहीं हुआ है. लेकिन हुआ ठीक यही. कप्तान बनने के बाद सूर्या का फॉर्म चला गया. 2024 में सूर्यकुमार ने 10 मैचों में 25.55 के औसत से केवल 230 रन बनाए. साल बदलने पर भी उनका फॉर्म नहीं बदला. 2025 में सूर्यकुमार यादव ने 21 मुकाबले खेले. इसमें उन्होंने 13.62 के औसत से केवल 218 रन ही बनाए. टीम में बतौर कप्तान उनकी जगह पक्की थी, लेकिन बतौर बल्लेबाज वह जगह नहीं बना पा रहे थे. टी20 वर्ल्ड कप से पहले उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ वापसी की. इस सीरीज में उनके बल्ले से तीन अर्धशतक निकले. टी20 वर्ल्ड कप उनके लिए आखिरी लाइफलाइन की तरह था.
आखिरी लाइफ लाइन का नहीं उठा पाए फायदावर्ल्ड कप में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन सूर्यकुमार यादव फॉर्म हासिल नहीं कर पाए. अमेरिका के खिलाफ मैच को अगर छोड़ दिया जाए, तो वह क्रीज पर कम और डगआउट में ज्यादा दिखे. टीम में ईशान किशन और संजू सैमसन ने अच्छा खेल दिखाया. भारत वर्ल्ड कप तो जीता, लेकिन सूर्या के फॉर्म से हर कोई निराश ही दिखा. इसके बाद आया IPL. यहां सूर्यकुमार यादव पर कप्तानी का दबाव नहीं था. वह केवल एक बल्लेबाज के तौर पर टीम में थे. लेकिन फिर भी वह संघर्ष ही करते दिखे. 13 मैचों में सूर्या ने 20.76 के औसत से 270 रन बनाए. यही कारण है कि IPL खत्म होते ही सूर्या के बाहर होने की खबर भी आ गई.
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नए साइकिल में नया कप्तानइसके पीछे सिर्फ सूर्या का फॉर्म वजह नहीं है. आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के साथ नया साइकिल शुरू हो रहा है. 2028 में भारत को टी20 वर्ल्ड कप के साथ-साथ लॉस एंजिल्स ओलंपिक में भी हिस्सा लेना है. इसके लिए टीम क्लीन स्लेट चाहती है. जो भी अब कप्तानी संभालेंगे उसके सामने दो बड़े टारगेट होंगे. अब यह भी बात कर लेते हैं कि सूर्यकुमार यादव के जाने के बाद कौन यह जिम्मेदारी संभाल सकता है? बोर्ड के पास कई विकल्प हैं, लेकिन जरूरी यह है कि जो भी नाम हो उस पर हेड गौतम गंभीर और सेलेक्टर अजीत अगरकर की सहमति हो.
कौन हैं कप्तानी के दावेदारजो नाम चर्चा में सबसे आगे है वह है श्रेयस अय्यर. इस खिलाड़ी के कप्तान बनने पर टीम इंडिया को डबल फायदा है. अय्यर के पास कप्तानी का काफी अनुभव है. वह घरेलू क्रिकेट में मुंबई के कप्तान रहे हैं. 2024 में उन्होंने मुंबई को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी जिताई. वह IPL में भी कप्तानी कर चुके हैं. केकेआर को खिताब जिता चुके हैं. वहीं पंजाब किंग्स को 2025 में फाइनल में पहुंचा चुके हैं. उनकी बैटिंग भी अच्छी रही है. कप्तानी का दबाव उनकी बल्लेबाजी पर नहीं दिखता है. वह टी20 में चौथे नंबर पर ही खेलते हैं. टीम इंडिया में सूर्यकुमार यादव भी इसी नंबर पर खेलते हैं. यानी अय्यर लाइक टू लाइक रिप्लेसमेंट हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें, तो अय्यर के नाम पर अजीत अगरकर तो राजी हैं लेकिन गौतम गंभीर इसके लिए तैयार नहीं हैं.
गंभीर के लिए संजू सैमसन पहली पसंद हैं. राजस्थान रॉयल्स के पूर्व कप्तान संजू घरेलू टीम में केरल की कप्तानी करते हैं. संजू की बड़ी कमजोरी है कि उनके प्रदर्शन में कंसिस्टेंसी नहीं है. टीम सूर्यकुमार यादव के बाद कंसिस्टेंसी के साथ समझौता नहीं करना चाहता. शुभमन गिल ने जिस तरह आईपीएल 2026 में प्रदर्शन किया है. टीम उन्हें भी वापस लाने पर विचार कर सकती हैं. गिल ऑरेंज कैप की रेस में दूसरे नंबर पर रहे थे. उनकी कप्तानी में गुजरात टाइटंस फाइनल भी पहुंची. वर्ल्ड कप से ठीक पहले खराब प्रदर्शन के कारण गिल को टीम से बाहर कर दिया गया था. तब वह वाइस कैप्टन थे. इस समय वह वनडे और टेस्ट के कप्तान हैं. अगर बोर्ड तीनों फॉर्मेट में एक ही कप्तान की नीति पर जाता तो गिल भी कप्तान बन सकते हैं. हालांकि, रिपोर्ट्स की मानें तो श्रेयस का नाम ही टॉप पर है.
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