T20I के कप्तान तो बनना चाहते हैं हार्दिक, लेकिन...
'मैं अपनी तरह से काम करूंगा!'
.webp?width=210)
हार्दिक पंड्या. टीम इंडिया के ऑलराउंडर. इस समय गज़ब की फॉर्म में है. गेंद और बल्ले के अलावा हार्दिक कप्तानी में भी कमाल कर रहे हैं. हार्दिक ने हाल में दो दफ़ा टीम इंडिया की कप्तानी की है. और दोनों ही बार टीम इंडिया को सीरीज़ जिताई है. ऐसे में उनकी फॉर्म और कप्तानी के आंकड़े देखकर, छोटे फॉर्मेट में उनको रेगुलर कप्तान बनाने की बातें खूब चल रही हैं.
और ये बातें करने वालों में गेम के दिग्गज़ सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री भी शामिल हैं. न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ सीरीज़ जीतने के बाद हार्दिक ने इन बातों पर जवाब दिया है. हार्दिक बोले,
‘कोई अगर बोल रहा है तो अच्छा फील होता है. लेकिन जब तक चीज़ें ऑफिशल नहीं होती, आप कुछ कह नहीं सकते.’
अपनी बात आगे रखते हुए हार्दिक ने कहा,
‘सच कहूं तो, मेरी चीज़ें सिम्पल है. अगर मैं एक मैच या एक सीरीज़ में टीम की कप्तानी करता हूं तो मैं टीम को अपने तरीके से चलाऊंगा. जैसे मैं गेम को देखता और समझता हूं. जब भी मुझे ये मौका मिला है, मैं हमेशा वैसा क्रिकेट खेलता हूं जो मैं जानता हूं. एक यूनिट के तौर पर, मैं अपने ब्रैंड का गेम दिखाता हूं. और जहां तक फ्यूचर में जो आता है (कप्तानी का ज़िक्र करते हुए), देखते हैं.’
इसके साथ ही हार्दिक ने उमरान मलिक और संजू सैमसन को मौके ना मिलने पर भी बात की. हार्दिक ने कहा,
‘अगर ये तीन मैच की ना होकर बड़ी सीरीज़ होती, तो हम उनको खिला सकते थे. लेकिन मैं छोटी सीरीज़ में ज्यादा बदलावों में विश्वास नहीं रखता. और आगे भी मेरी यही रणनीति होगी.’
हार्दिक आगे बोले,
‘ऐसे हालात को संभालना मुश्किल नहीं है जहां खिलाड़ी सुरक्षा महसूस करें. मैं सभी खिलाड़ियों के साथ अच्छे संबंध साझा करता हूं. और जिन खिलाड़ियों को मैं नहीं चुन सकता हूं, इसमें कुछ भी व्यक्तिगत नहीं है. और वो भी ये बात जानते है. ये सिर्फ कॉम्बिनेशन की वजह से है कि मैं उनको नहीं खिला पा रहा हूं.
मैं खिलाड़ियों का कप्तान हूं और अगर किसी को अलग लगता है, तो मेरे दरवाजे मेरे से बात करने के लिए हमेशा खुले हैं. मैं उनकी फीलिंग्स को समझता हूं. संजू सैमसन एक दुर्भाग्यपूर्ण मामला है. हम उन्हें खिलाना चाहते है लेकिन कुछ रणनीतिक कारणों से हम उन्हें नहीं खिला पा रहे है.’
बताते चलें, T20I सीरीज़ के बाद अब दोनों टीम्स के बीच वनडे सीरीज़ शुरू होगी. जिसका पहला मैच फ्राइडे 25 नवंबर को खेला जाएगा.
सूर्यकुमार यादव को डेब्यू करने में दस साल क्यों लग गए?