FIFA U-17 विमेंस वर्ल्ड कप का सपना टूटा, भारतीय टीम चीन से बुरी तरह हारी
AFC U-17 महिला एशियन कप के टॉप-4 टीमें FIFA U-17 विमेंस वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करती हैं. भारत पहली बार क्वार्टरफाइनल तक पहुंचा था.

भारत की अंडर-17 महिला फुटबॉल टीम का FIFA U-17 विमेंस वर्ल्ड कप खेलने का सपना टूट गया है. टीम AFC U-17 एशियन कप 2026 के क्वार्टरफाइनल में चीन के खिलाफ 0-3 से हार गई. ये मैच चीन में खेला गया, जहां मेजबान टीम ने भारतीय लड़कियों को कोई मौका नहीं दिया.
भारत की टीम को ‘यंग टाइग्रेसेस’ कहा जाता है. इस टूर्नामेंट में पहली बार क्वार्टरफाइनल तक पहुंचना ही उनके लिए बड़ी उपलब्धि थी. अगर वो चीन को हरा देतीं तो सीधे मोरक्को में होने वाले FIFA U-17 विमेंस वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई कर जातीं. लेकिन चीन की टीम भारतीय टीम पर बीस साबित हुई.
मैच का हालचीन की खिलाड़ियों ने पूरे मैच में दबदबा बनाए रखा. पहला गोल हुआंग किनयी ने किया. फिर लियू युक्सी और ली किशियन ने एक-एक गोल दागे. भारत की तरफ से कोई भी प्लेयर गोल न कर सका. पूरी टीम कोशिश करती रही लेकिन चीन का डिफेंस और अटैक दोनों जानदार थे.
ये हार भारत के लिए निराशाजनक जरूर है, लेकिन पूरे टूर्नामेंट को देखें तो लड़कियों ने अच्छा प्रदर्शन किया. ग्रुप स्टेज के आखिरी मैच में उन्होंने लेबनान को 4-0 से हराया था. ये 21 साल बाद इस टूर्नामेंट में भारत की पहली जीत थी. इसी मैच ने टीम को क्वार्टरफाइनल तक पहुंचाया.
भारतीय टीम ने इस बार अच्छी तैयारी की थी. लेबनान के खिलाफ मिली बड़ी जीत से सबकी उम्मीद बंधी थी. लेकिन क्वार्टरफाइनल में मेजबान चीन जैसे मजबूत विरोधी के सामने चुनौती बढ़ गई. चीन अब सेमीफाइनल में पहुंच गया है, जहां उनका मुकाबला नॉर्थ कोरिया से होगा. नॉर्थ कोरिया ने थाईलैंड को 6-0 से रौंदा है.
AFC U-17 महिला एशियन कप के टॉप-4 टीमें FIFA U-17 विमेंस वर्ल्ड कप के लिए क्वालीफाई करती हैं. भारत पहली बार क्वार्टरफाइनल तक पहुंचा था, इसलिए उम्मीदें ज्यादा थीं. लड़कियों ने जितना संघर्ष किया, वो सराहनीय है. फुटबॉल में अनुभव बहुत जरूरी होता है. चीन जैसी टीम नियमित रूप से बड़े टूर्नामेंट खेलती है, जबकि भारतीय टीम के लिए ये नया अनुभव था.
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