17 साल के लड़के को अंडर-19 टीम की कमान, कोच के सामने 391 रन बना दिए थे
Yashbardhan Singh Chauhan ने 13 साल की उम्र में ही कमाल कर दिखाया था. उन्होंने अंडर-13 इंटर डिवीजनल AW कनमदिकर ट्रॉफी में चंबल डिवीजन के लिए खेलते हुए, 248 गेंदों पर 425 रन और 166 गेंदों पर 253 रन बनाए थे.

श्रीलंका टूर पर जाने वाली भारत की अंडर-19 क्रिकेट टीम 11 जून को अनाउंस की गई. 15 प्लेयर्स के स्क्वॉड की कमाल 17 साल के एक लड़के को मिली है. यह वही लड़का है जिसे कई बार चोट लगी. उम्मीदों को झटका भी लगा. लेकिन, उसने क्रिकेट खेलना नहीं छोड़ा. चंबल से आने वाले इस लड़के का नाम है यशवर्धन सिंह चौहान (Yashbardhan Singh Chauhan) है. स्कूल से इंडियन क्रिकेट टीम में सेलेक्ट हुए यशवर्धन कौन हैं, आइए जानते हैं.
प्रिंसिपल ने जब स्ट्रेटजी बनाते देखायशवर्धन सिंह ग्वालियर के सिंधिया स्कूल में पढ़ते थे. उन्होंने इसी साल 12वीं के एग्जाम दिए हैं. सिंधिया स्कूल HH महाराजा माधवराव मेमोरियाल क्रिकेट टूर्नामेंट चलाता है. यह देश के सबसे कॉम्पिटिटव इंटर-स्कूल कॉम्पिटिशन में से एक है. इसी टूर्नामेंट की एक मीटिंग में प्रिंसिपल अजय सिंह ने यशवर्धन को मैच के बारे में प्लानिंग करते देखा था. अजय सिंह ने इस बात का ध्यान रखा कि वह प्लान में दखल नहीं देंगे. वह यह देखना चाहते थे कि जब चीजें मुश्किल हो जाएंगी, तो यह लड़का क्या करता है?
अजय सिंह कहते हैं,
पिता भी क्रिकेट खेलते थेमैं पीछे बैठकर देखा कि यशवर्धन कैसे प्लान बनाते हैं. अलग-अलग सिचुएशन में क्या करना चाहिए. इसके बारे में वह बहुत क्लियर थे. अगर टीम विकेट लेने के लिए जूझ रही होती, तो यशवर्धन ऑप्शन के बारे में बात करते थे.
11 जून को यशवर्धन को अंडर-19 क्रिकेट टीम का कप्तान घोषित किया गया. इस बात की खबर उनके परिवार को लोकल क्रिकेट नेटवर्क के जरिए मिली. यशवर्धन के पिता अनामी सिंह कहते हैं,
कई मिनटों तक मैं कुछ कह नहीं पाया. ऐसा लगा जैसे सालों से देखा गया सपना अचानक सच हो गया हो.
यशवर्धन के पिता भी क्रिकेट से जुड़े रहे हैं. वह लेग स्पिनर थे. वो क्रिकेट में आगे तो नहीं बढ़ पाए, लेकिन उन्हें उम्मीद थी कि उनके घर से कोई न कोई क्रिकेट में नाम कमाएगा. अनामी सिंह बताते हैं,
कई बार चोट लगीयशबर्धन ने बहुत कम उम्र में एक अलग तरह का जुनून दिखाया. अगर कभी वह कोई मैच खेलने से चूक जाते, तो बहुत दुखी होते. उनमें हमेशा खेलने की भूख, और ग्राउंड पर उतरने का जबरदस्त उत्साह था.
यशवर्धन को क्रिकेट खेलते वक्त कई बार चोट लगी. उनकी मां रीना चौहान कहती हैं,
चंबल रीजन से हैं यशबर्धनउन्हें कई बार चोट लगी. लेकिन, यशबर्धन ने क्रिकेट खेलना नहीं छोड़ा. वह हमेशा कहते थे कि सब ठीक है और फिर ग्राउंड पर वापस आते थे.
यशवर्धन चंबल इलाके से आते हैं. यह मध्य प्रदेश का एक ऐसा इलाका है, जो क्रिकेट के इंफ्रास्ट्रक्चर से ज्यादा घाटियों और लोककथाओं के लिए जाना जाता है. सिंधिया स्कूल के प्रिंसिपल बताते हैं,
13 साल की उम्र में दिखाया कमालअगर आप चंबल बेल्ट को पुराने समय से देखें, तो यहां के लोग बहुत टफ हैं, फाइटर हैं. वे आसानी से हार नहीं मानते. यहां के लोगों का एटीट्यूड अलग है. वे जो चाहते हैं, जब तक उसे हासिल नहीं कर लेते, तब तक लगे रहते हैं.
यशवर्धन ने 13 साल की उम्र में ही कमाल कर दिखाया था. उन्होंने अंडर-13 इंटर डिवीजनल AW कनमदिकर ट्रॉफी में चंबल डिवीजन के लिए खेलते हुए, 248 गेंदों पर 425 रन और 166 गेंदों पर 253 रन बनाए थे. उस समय चंद्रकांत पंडित मध्य प्रदेश के कोच थे. उन्हें भी यशवर्धन रे टैलेंट के बारे में पता चला. जिसके बाद चंद्रकांत ने फैसला किया कि वो यशवर्धन की बैटिंग देखने जाएंगे. वो पहुंचे. और उसी दिन यशवर्धन का बल्ले फूट पड़ा. चंद्रकांत के सामने इस युवा बैटर ने 391 रनों की पारी खेल दी.
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जूनियर को टिप्स देते थेसिंधिया स्कूल के प्रिंसिपल का कहना है कि जूनियर स्टूडेंट अक्सर उनके पास टिप्स लेने आते थे. वे यशवर्धन से पूछते थे कि उन्हें किस पर फोकस करना चाहिए. अजय सिंह के मुताबिक,
4 जुलाई से शुरू होगी वनडे सीरीजयशबर्धन जूनियर स्टूडेंट को बताते थे कि बेहतर बॉलिंग कैसे करनी है. वह उन्हें बैटिंग और बॉलिंग की बारीकियां समझाते थे.
श्रीलंका टूर के लिए 23 जून से कैंप लगाया जाएगा. 30 जून को अंडर-19 टीम श्रीलंका के लिए रवाना होगी. इस टूर पर टीम इंडिया 3 ODI और 2 मल्टी-डे मैच खेलेगी. दोनों टीमों के बीच पहला ODI 4 जून को हंबनटोटा में खेला जाएगा. 6 जुलाई को दूसरा और 9 जुलाई को तीसरा ODI होगा. सभी मैच एक ही ग्राउंड पर होंगे.
इसके बाद, 13 से 16 जुलाई के बीच मल्टी-डे पहला मैच गाले में होगा. 20 से 23 जुलाई के बीच दूसरा मल्डी-डे मैच कोलंबो में खेला जाएगा.
भारत की अंडर-19 टीमयशबर्धन सिंह चौहान (कैप्टन), सागर विर्क, लक्ष्य रायचंदानी (वाइस-कैप्टन), पटेल कुश, मनाल चौहान, कुशाग्र ओझा, मानव कृष्ण (विकेटकीपर), आर्यन संदेश सकपाल (विकेटकीपर), हेमचूडेशन जे, बीके किशोर, रोहित अनिल यादव, काव्या परेश पटेल, प्रियांशु सिंह, प्रणव राघवेंद्र और चिगुरुपति वेंकट.
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