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पेरिस ओलंपिक्स में मेडल ना मिलने पर हरीश साल्वे का बड़ा खुलासा, बोले- 'विनेश नहीं चाहती थीं...'

विनेश ने संगठन पर समर्थन और समन्वय की कमी का आरोप लगाया था. फोगाट ने अपनी कानूनी टीम की नरमी पर भी निराशा जताई थी. अब इस पर हरीश साल्वे की प्रतिक्रिया आई है.

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14 सितंबर 2024 (अपडेटेड: 14 सितंबर 2024, 05:24 PM IST)
Vinesh Phogat Harish Salve
विनेश के आरोपों पर क्या बोले हरीश साल्वे? (फ़ोटो - PTI)
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विनेश फोगाट को लेकर हरीश साल्वे ने बड़ा बयान दिया है. विनेश ने पेरिस ओलंपिक्स में अयोग्य ठहराए जाने के बाद भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) से समर्थन की कमी के आरोप लगाया था. अब इस पर साल्वे की प्रतिक्रिया आई है. हरीश साल्वे का कहना है कि विनेश ने ख़ुद कोर्ट ऑफ़ आर्बिट्रेशन फ़ॉर स्पोर्ट (CAS) के फ़ैसले को चुनौती नहीं देने का फ़ैसला लिया था.

साल्वे ने फोगाट के आरोपों को लेकर बात की है. टाइम्स नाउ के साथ बातचीत में साल्वे ने कहा कि उन्होंने इस मामले को पूरी ताक़त से लड़ा और फोगाट को CAA के फ़ैसले के ख़िलाफ़ स्विस कोर्ट में अपील करने का ऑप्शन भी दिया. हालांकि, विनेश ने इसे आगे नहीं बढ़ाने का फ़ैसला किया. साल्वे बोले,

शुरू में काफ़ी समय तक को-ऑर्डिनेशन की कमी थी, बातचीत और तालमेल की कमी थी. ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि IOA द्वारा लॉ फर्म नियुक्त किया था. विनेश के वकीलों ने कुछ बातें कहीं. बातें ये कि वो हमारे साथ (IOA के साथ) कुछ भी शेयर नहीं करेंगे, कुछ भी नहीं देंगे. बहुत देर हो चुकी.

विनेश ने क्या कहा था?

हाल ही में विनेश फोगाट ने IOA अध्यक्ष पीटी उषा के ख़िलाफ़ तीखे कॉमेंट किये थे. साथ ही, संगठन पर समर्थन और समन्वय की कमी का आरोप लगाया था. फोगाट ने अपनी कानूनी टीम की नरमी पर भी निराशा जताई थी. उनका मानना ​​है कि इसी वजह से उन्हें मेडल जीतने का मौक़ा गंवाना पड़ा. विनेश ने कहा,

पीटी उषा मैडम ने अस्पताल में मुझसे मुलाक़ात की. एक फोटो क्लिक की गई... बस! राजनीति में बंद दरवाजों के पीछे बहुत कुछ होता है. इसी तरह, वहां (पेरिस में) भी राजनीति हुई. इसलिए मेरा दिल टूट गया. वरना बहुत से लोग कह रहे हैं कि ‘कुश्ती मत छोड़ो’. मैं किस लिए जारी रखूं! हर जगह राजनीति है.

ये भी पढ़ें - विनेश के गिरने पर खुश हो रहे 'गिद्धों' के नाम एक खत…

दरअसल, CAA ने फोगाट को अयोग्य ठहराने के इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी (IOC) के फ़ैसले को बरकरार रखा था. महिलाओं की 50 किलो कुश्ती कैटगरी में संयुक्त सिल्वर मेडल के लिए उनकी अपील को ख़ारिज कर दिया था. विनेश को अयोग्य घोषित कर दिया गया, क्योंकि फ़ाइनल के दिन उनका वजन निर्धारित सीमा से 100 ग्राम ज़्यादा पाया गया. इससे फोगाट प्रतियोगिता से बाहर हो गईं और आख़िरी स्थान पर चली गईं.

इस फ़ैसले से निराश होकर उन्होंने CAS में अपील की और हरीश साल्वे ने नेशनल ओलंपिक बॉडी की तरफ़ से उनका प्रतिनिधित्व किया. हालांकि, एक हफ़्ते तक चली सुनवाई के बाद भी फ़ैसला फ़ोगाट के पक्ष में नहीं आया और पेरिस से उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा. बाद में फोगाट ने कुश्ती से संन्यास की घोषणा की थी. बीते हफ़्ते उन्होंने राजनीति में कदम रखा और हरियाणा विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गईं. वो जुलाना सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार भी हैं.

 

दरअसल, विनेश फोगाट ने अपने बयान में IOA और उसकी अध्यक्ष पीटी उषा (IOA President PT Usha) पर कई आरोप लगाए थे.

वीडियो: भले पेरिस से मेडल न ला पाई, मगर ओलंपिक्स के बाद विनेश फोगाट की ब्रांड वैल्यू इतनी बढ़ गई

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