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'आंध्र के लिए कभी नहीं खेलूंगा', हनुमा विहारी ने कप्तानी छोड़ने के बाद बोर्ड पर गंभीर आरोप लगाए

विहारी के आरोपों पर आंध्र प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का भी बयान आया है. बोर्ड का कहना है कि विहारी के खराब व्यवहार और भाषा को लेकर साथ के खिलाड़ियों, स्टाफ और अधिकारियों ने शिकायत की थी. बोर्ड इन सभी शिकायतों की जांच करेगी.

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26 फ़रवरी 2024 (पब्लिश्ड: 12:21 AM IST)
hanuma vihari alleged that state board forced him to resign from captaincy
हनुमा विहारी भारत के लिए 16 टेस्ट मैच खेल चुके हैं. (फोटो- ट्विटर)
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भारतीय क्रिकेटर हनुमा विहारी (Hanuma Vihari) ने आंध्र प्रदेश की टीम से कप्तानी छोड़ने पर बड़ा बयान दिया है. विहारी ने कप्तानी से हटने के पीछे की वजहों का खुलासा किया है. उन्होंने कहा है कि बोर्ड ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए कहा था. वो अब फिर कभी भी राज्य की टीम के लिए नहीं खेलेंगे. विहारी ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट कर इस बारे में बताया है.

26 फरवरी को हनुमा विहारी ने इंस्टा पोस्ट में अपनी टीम के खिलाड़ियों के साथ एक फोटो पोस्ट की. फोटो के कैप्शन में विहारी ने लिखा,

“मैंने किसी खिलाड़ी को व्यक्तिगत रूप से कभी कुछ नहीं कहा. लेकिन बोर्ड ने सोचा कि वो खिलाड़ी उस व्यक्ति से ज्यादा महत्वपूर्ण है जिसने पिछले साल अपना शरीर दांव पर लगा दिया था. और बाएं हाथ से बल्लेबाजी की थी. पिछले सात साल में आंध्र प्रदेश की टीम को पांच बार नॉकआउट में जगह दिलाई और भारत के लिए 16 टेस्ट खेले.”

विहारी ने आगे लिखा कि दुख की बात ये है कि आंध्र प्रदेश क्रिकेट बोर्ड का मानना है कि वो जो भी कहें खिलाड़ी को वो सुनना होगा. खिलाड़ी उनकी वजह से ही वहां हैं. विहारी ने लिखा,

“मैंने फैसला किया है कि मैं आंध्र के लिए कभी नहीं खेलूंगा. मैं टीम से प्यार करता हूं, जिस तरह से हम हर सीज़न में आगे बढ़ रहे थे वो मुझे पसंद है. लेकिन बोर्ड नहीं चाहता कि हम आगे बढ़ें.”

बता दें कि भारत के लिए 16 टेस्ट मैच खेलने वाले विहारी ने रणजी के सीज़न की शुरुआत आंध्र प्रदेश की टीम के कप्तान के रूप में की थी. लेकिन बंगाल के खिलाफ पहले मैच के बाद उन्होंने कप्तानी छोड़ दी थी. टीम के रिकी भुई ने सीज़न के बाकी मुकाबलों में टीम को लीड किया था. विहारी ने जिस वक्त कप्तानी छोड़ी थी उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया था. लेकिन अब उन्होंने कहा है कि बोर्ड ने उन्हें इस्तीफा देने के लिए कहा था.

बोर्ड ने क्या जवाब दिया?

विहारी के आरोपों पर आंध्र प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का भी बयान आया है. बोर्ड ने विहारी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि वो बिना पक्षपात के सभी खिलाड़ियों के साथ समान व्यवहार करता है. इसके अलावा, बोर्ड का कहना है कि विहारी के खराब व्यवहार और भाषा को लेकर साथ के खिलाड़ियों, स्टाफ और अधिकारियों ने शिकायत की थी. बोर्ड इन सभी शिकायतों की जांच करेगी.

बोर्ड का ये भी कहना है कि विहारी जब से आंध्रा की टीम से जुड़े हैं, तब से कई बार NOC के लिए अप्लाई किया है. उनके पास दूसरे राज्यों की टीम से खेलने के ऑफर थे.

आंध्र के विकेटकीपर का स्पष्टीकरण

हनुमा विहारी ने अपने पोस्ट में किसी भी खिलाड़ी के नाम का जिक्र नहीं किया था. लेकिन विहारी के पोस्ट के बाद आंध्र के विकेटकीपर बल्लेबाज केएन पृथ्वीराज ने जवाब दिया है. पृथ्वीराज के पिता फिलहाल जनसेना पार्टी से जुड़े हैं. पृथ्वीराज ने लिखा,

“सभी को नमस्कार. मैं वही आदमी हूं जिसे आप लोग कमेंट बॉक्स में खोज रहे हैं. आप लोगों ने जो भी सुना वो बिल्कुल झूठ है. खेल से बड़ा कोई नहीं है और मेरा स्वाभिमान किसी भी चीज से कहीं ज्यादा बड़ा है. व्यक्तिगत हमले और अभद्र भाषा किसी भी तरह से अस्वीकार्य है. टीम में हर कोई जानता है कि उस दिन क्या हुआ था. ये सहानुभूति का खेल आप जैसे चाहें खेलें.”

हनुमा विहारी ने भारत के लिए 16 टेस्ट मैचों में 33.56 के एवरेज से 839 रन बनाए हैं. उनके बल्ले से 1 शतक और 5 अर्धशतक निकले हैं. विहारी ने अपना आखिरी टेस्ट मैच जुलाई 2022 में इंग्लैंड के खिलाफ बर्मिंघम में खेला था. विहारी को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी टेस्ट में खेली गई साहसिक पारी के लिए याद किया जाता है. उसके बाद ही भारत ने गाबा टेस्ट जीतकर सीरीज अपने नाम की थी.

वीडियो: INDvsAUS: हनुमा विहारी के खराब प्रदर्शन के बावजूद टीम इंडिया से क्यों नहीं निकाल सकते?

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