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मंदिर जाने वाली बात पर कीर्ति आजाद को गंभीर का जवाब, बोले- 'ऐसे बयान टीम को नीचा दिखाते हैं'

कीर्ति आजाद ने कहा था कि वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को मंदिर में ही क्यों ले गए, मस्जिद क्यों नहीं? चर्च क्यों नहीं ले गए?

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11 मार्च 2026 (अपडेटेड: 11 मार्च 2026, 12:23 PM IST)
Gautam Gambhir on Kirti Azad statement after india won t20 world cup
गंंभीर ने बताया कि ऐसे बयान टीम की उपलब्धि को कम करते हैं. (फोटो- PTI/X)
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T20 World Cup जीतने के बाद टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर, कप्तान सूर्यकुमार यादव और ICC चेयरमैन जय शाह ट्रॉफी के साथ एक मंदिर में पहुंचे थे. जिस पर पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद ने सवाल उठाया था. उनका कहना था कि मंदिर ही क्यों, मस्जिद क्यों नहीं? चर्च क्यों नहीं? TMC नेता के इस सवाल पर गौतम गंभीर ने कहा है कि ऐसे बयान प्लेयर्स और टीम को नीचा दिखाते हैं.

ANI को दिए इंटरव्यू के दौरान भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर से सवाल किया गया कि वो मंदिर क्यों, मस्जिद और गिरजाघर क्यों नहीं गए? गंभीर ने इस सवाल पर कहा,

“मैं इसके बारे में क्या बोलूं? ये सवाल जवाब देने लायक ही नहीं है. पूरे देश के लिए ये बड़ा मोमेंट है. हमें इसे सेलिब्रेट करना चाहिए. कुछ स्टेटमेंट पर बात करना ही सही नहीं होता.”

गंंभीर ने बताया कि ऐसे बयान टीम की उपलब्धि को कम करते हैं. उन्होंने कहा,

“अगर आप उन 15 खिलाड़ियों के एफर्ट और उनकी अचीवमेंट को कम करना चाहते हो, तो फिर कल कोई भी उठकर कुछ भी बयान दे देगा. ऐसे बयानों को सीरियस लेना प्लेयर्स के मनोबल के लिए ठीक नहीं है. आप सोच नहीं सकते कि प्लेयर्स पर कितना प्रेशर होता है.”

टीम इंडिया के हेड कोच ने बताया कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ मैच हारने के बाद खिलाड़ियों पर काफी प्रेशर था. आप उसके बारे में सोचिए. उन्होंने कहा,

“अगर आप ऐसे बयान देते हो तो आप अपने ही प्लेयर्स और टीम को नीचा दिखा रहे हो. ऐसा नहीं होना चाहिए.”

आजाद ने जाहिर की नाराजगी

पूर्व क्रिकेटर और तृणमूल कांग्रेस सांसद कीर्ति आजाद ने X पर एक लंबा पोस्ट लिखा है. इसमें उन्होंने कहा,

''शर्म की बात है. जब हमने 1983 में कपिल देव की कप्तानी में विश्वकप जीता था, तब हमारी टीम में हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई खिलाड़ी थे. हम ट्रॉफी को अपनी धार्मिक जन्मभूमि, अपनी मातृभूमि भारत (हिंदुस्तान) में लाए थे.''

X
कीर्ति आजाद का पोस्ट.

आजाद ने आगे लिखा कि ये ट्रॉफी सूर्यकुमार यादव या जय शाह की नहीं बल्कि पूरे देश की है. आखिर भारतीय क्रिकेट टीम की ट्रॉफी को इन सब में क्यों घसीटा जा रहा है? कीर्ति आजाद ने आगे लिखा,

“मस्जिद क्यों नहीं? चर्च क्यों नहीं? गुरुद्वारा क्यों नहीं? ये टीम भारत का प्रतिनिधित्व करती है. सूर्यकुमार यादव या जय शाह के परिवार का नहीं! सिराज कभी इसे मस्जिद में नहीं ले गए. संजू कभी इसे चर्च में नहीं ले गए, जिन्होंने इसे जीतने में अहम भूमिका निभाई और टूर्नामेंट के टॉप खिलाड़ी रहे. ये ट्रॉफी हर धर्म के 140 करोड़ भारतीयों की है. किसी एक धर्म की जीत का जश्न मनाने की नहीं!”

बता दें कि अहमदाबाद में T20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव, ICC के चेयरमैन जय शाह के साथ ट्रॉफी लेकर मंदिर गए थे. इस दौरान टीम के हेड कोच गौतम गंभीर और BCCI के सचिव देवजीत सैकिया भी वहां मौजूद थे. उनका वीडियो भी सामने आया था. इसी को लेकर कीर्ति आजाद ने अपनी प्रतिक्रिया दी थी.

वीडियो: MS धोनी ने गौतम गंभीर की मुस्कान पर किया पोस्ट, हेड कोच ने क्या कहा?

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