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'भारतीय फुटबॉल को बचा लो', प्लेयर्स ने वीडियो बनाकर फीफा से की अपील!

भारतीय फुटबॉलर्स ने फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था FIFA से भारतीय फुटबॉल को बचाने की अपील की है. उन्होंने खुद वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर इसे पोस्ट किया है.

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सुनील छेत्री समेत कई इंडियन फुटबॉलर्स ने फीफा से अपील की है. (फोटो-PTI)
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सुकांत सौरभ
3 जनवरी 2026 (Updated: 3 जनवरी 2026, 06:07 PM IST)
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लियोनल मेसी (Lionel Messi) का भारत दौरा हुए अभी एक महीना भी नहीं हुआ. दुनिया के फुटबॉल लीजेंड की धूम हर शहर में दिखी. चाहे कोलकाता हो, हैदराबाद हो, मुंबई हो या दिल्ली. फैंस से लेकर देश के बड़े-बड़े फिल्म अभ‍िनेता से लेकर राजनेता तक सबने मेसी के साथ फोटो ख‍िंचवाई. लेकिन, इसी बीच भारतीय फुटबॉल जो पहले ही गर्त में जा चुका है. किसी का इस पर ध्यान तक नहीं गया. अब हालत ऐसी है कि प्लेयर्स खुद वीडियो बनाकर फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था FIFA से अपील कर रहे हैं कि भारतीय फुटबॉल को बचा लो. लेकिन, देश में फुटबॉल के सभी हितधारक सिर्फ हाथ पर हाथ धर कर इसे गर्त में जाता हुआ देख रहे हैं.

भारतीय फुटबॉल संकट के दौर से गुजर रहा है. हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि सुनील छेत्री समेत भारतीय और विदेशी खिलाड़ियों ने फीफा से सीधे हस्तक्षेप की अपील कर दी है. सुनील छेत्री, गुरप्रीत सिंह संधू, संदेश झिंगन और राहुल भेके उन भारतीय खिलाड़ियों में हैं, जिन्होंने वीडियो मैसेज के जरिए फीफा से भारतीय फुटबॉल को बचाने की गुहार लगाई है. उनका ये इमोशनल वीडियो देखकर समझ आता है कि मौजूदा स्थ‍िति में प्लेयर्स कितने मजबूर महसूस कर रहे हैं.

वीडियो में प्लेयर्स ने क्या अपील की?

प्लेयर्स ने वीडियो में बताया कि जनवरी में अमूमन वो इंडियन सुपर लीग (ISL) के लिए मैदान पर उतरते हैं. लेकिन, मौजूदा अनिश्चितता ने पूरे फुटबॉल तंत्र को ठप कर दिया है. खिलाड़ियों ने कहा कि ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (AIFF) अपने दायित्वों को पूरा करने में नाकाम है. इसका सीधा असर प्लेयर्स, क्लबों, स्टाफ और फैन्स पर हो रहा है. उन्होंने कहा कि जनवरी में उन्हें प्रतिस्पर्धी फुटबॉल खेलते हुए दर्शकों के सामने होना चाहिए था. इसके बजाय खिलाड़ी डर, असमंजस और अनिश्चित भविष्य के साए में खड़े हैं.

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उनके अनुसार, भारतीय फुटबॉल प्रशासन जिम्मेदारियां उठाने में नाकाम है. इसी कारण खेल स्थायी ठहराव की कगार पर पहुंच चुका है. यह भारतीय फुटबॉल को बचाने की आखिरी कोशिश है. इसलिए प्लेयर्स फीफा से हस्तक्षेप की अपील कर रहे हैं. प्लेयर्स ने साथ ही ये भी स्पष्ट कर दिया कि इसके पीछे उनकी कोई राजनीतिक मंशा नहीं है. उन्होंने इसे गंभीर मानवीय, खेल और आर्थिक संकट बताया. साथ ही अनुरोध किया कि अगर इसका तात्कालि‍क समाधान नहीं निकाला गया तो हालात और बिगड़ सकते हैं. उन्होंने अंत में स्पष्ट किया कि उनका संदेश साफ है कि वो सिर्फ फुटबॉल खेलना चाहते हैं.

ISL को लेकर अनिश्च‍ितता बरकरार

ISL सितंबर 2025 से ही निलंबित है. लीग के संचालन के लिए कोई उपयुक्त कमर्शियल पार्टनर नहीं मिल पाया है. इस अनिश्चितता का असर क्लबों पर भी साफ नजर आने लगा है. सिटी फुटबॉल ग्रुप ने पहले ही मुंबई सिटी एफसी से अपना संबंध खत्म कर लिया है. ओडिशा एफसी भी लीग से हटने पर गंभीरता से विचार कर रहा है. प्लेयर्स ने इससे पहले ये भी कहा था कि वो बिना पैसे भी खेलते रहने के लिए तैयार हैं. लेकिन, लीग बंद नहीं होनी चाहिए. 

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