वित्त मंत्री ने 'खेलो इंडिया मिशन' शुरू करने का रखा प्रस्ताव, पता है किसे होगा बड़ा फायदा
वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman ने अगले दशक में ट्रेनिंग सेंटर्स और कोचेज के डेवलपमेंट के लिए ‘खेलो इंडिया मिशन’ शुरू करने का प्रस्ताव रखा. इससे खेलो इंडिया के लिए जमीनी स्तर पर स्पोर्ट्स टैलेंट खोजने में मदद मिलेगी.

केंद्रीय बजट की घोषणा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अगले दशक में ट्रेनिंग सेंटर्स और कोचेज के डेवलपमेंट के लिए ‘खेलो इंडिया मिशन’ शुरू करने का प्रस्ताव रखा. इससे केंद्रीय सरकार के फ्लैगशिप प्रोग्राम ‘खेलो इंडिया’ के लिए जमीनी स्तर पर स्पोर्ट्स टैलेंट को खोजने में बढ़ावा मिलेगा.
साल 2026-27 का यूनियन बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यह मिशन इंटर-लिंकिंग तरीकों से एक इंटीग्रेटेड टैलेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम को आसान बनाएगा.
खेलो इंडिया प्रोग्राम 2017 में लॉन्च किया गया था. इसका मकसद टैलेंट पहचानने के लिए अलग-अलग एज ग्रुप में नेशनल लेवल के कॉम्पिटिशन करवाना था.
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में क्या कहा?लोकसभा में अपने बजट भाषण के दौरान सीतारमण ने कहा,
उन्होंने आगे कहा,
ये भी पढ़ें : T20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश और पाकिस्तान के रुख का भारत को होगा तगड़ा नुकसान!
फाइनेंस मिनिस्टर ने साथ ही कहा कि भारत में अच्छी क्वालिटी और किफायती स्पोर्ट्स सामान के लिए ग्लोबल हब बनने की क्षमता है. उन्होंने कहा,
हाल ही में गठित हुई है टास्क फोर्सखेल मंत्रालय ने नेशनल कोच पुलेला गोपीचंद की अगुवाई में एक टास्क फोर्स का गठन किया है, जिसने हाल ही में हाई-क्वालिटी कोच का पूल बनाने पर ज़्यादा ज़ोर देने की वकालत की थी. इसमें कोचेज के लिए एक टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम का प्रस्ताव दिया गया है. ताकि यह पक्का किया जा सके कि उन्हें भी वैसा ही फाइनेंशियल सपोर्ट मिले जैसा एलीट एथलीटों को मिल रहा है. इसका मकसद भविष्य में भारत के मेडल जीतने की संभावनाओं को बढ़ाना है. दरअसल, भारत 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेज़बानी करेगा. साथ ही 2036 में ओलंपिक की मेज़बानी के लिए भी बोली लगा रहा है.
वीडियो: नीरज चोपड़ा की कंपनी के नाम का पौराणिक कथाओं से क्या संबंध है?

.webp?width=60)

